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एबीपी न्यूज से अखिलेश आनंद ने लिया ब्रेक, 21 साल के करियर को यूँ किया याद!

वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश आनंद ने एबीपी न्यूज को अलविदा कह दिया है। इस मौके पर उन्होंने 21 साल के करियर में तमाम उन उतार चढ़ावों को याद किया है, जो जानलेवा भी बने। अखिलेश आनंद ने क्या कुछ साझा किया है? नीचे पढ़ें…


अखिलेश आनंद-

फिलहाल वक्त हो चला है एक छोटे से ब्रेक का, लौटेंगे फौरन बड़ी खबरों के साथ..देखते रहिए ABP News ..पिछले लगभग 10 सालों से आपसे मैं ये कहता रहा. अब खुद मेरे लिए वक्त हो चला है एक छोटे से ब्रेक का. मैने एबीपी न्यूज से ब्रेक ले लिया है और जल्द ही एक दूसरे राष्ट्रीय चैनल पर आप लोगों से मुलाकात होगी. न्यूज़ इंडस्ट्री में काम करते हुए 21 साल से ज्यादा हो गए. इनमें से लगभग आधा समय एबीपी न्यूज़ में गुजरा. बहुत शानदार सफर रहा. इतने दिनों में मैं वहां एकमात्र एंकर रहा जिसे दो बार सर्वश्रेष्ठ सम्मान मिला.

पहली बार जब कोरोना के समय लगातार ढाई महीने जनता के बीच से कौन बनेगा मुख्यमंत्री शो करता रहा और दूसरी बार एबीपी न्यूज़ के मैनेजमेंट ने सर्वश्रेष्ठ सम्मान अभी से लगभग 6, 7 महीने पहले दिया था जब लोकसभा चुनाव की कवरेज के लिए मैं 3 महीने में 30 हजार KM सड़क मार्ग से पूरे देश में घूमा. अयोध्या से कन्याकुमारी तक अपने शो महाभारत एक्सप्रेस के जरिए पहुंचा. कुछ समय पहले की ही तो बात है मुझे संस्थान ने उन चंद एम्पलाइज की कैटेगरी में रखा था जिसे टॉप टैलेंट नाम दिया जाता है.

इंडियन टेलीविजन अकादमी अवॉर्ड से लेकर NT अवॉर्ड और ENBA अवॉर्ड कई दफ़े मिला. घंटी बजाओ जैसे मशहूर शो का मैं यहां लंबे समय तक फेस रहा. प्राइम टाइम स्लॉट में रात 8 बजे मैंने यहां The Inside Story के नाम से घंटे भर का शो किया जो कई बार डबल डिजिट में TRP देता रहा. कई बार जान की बाज़ी लगाकर प्रोफेशनल कमिटमेंट को निभाया.

मुझे याद है जब नक्सलियों की मांद दंतेवाड़ा सुकमा में स्पेशल रिपोर्ट के लिए पहुंचा था. तब उस इलाके में नक्सलियों का बड़ा भय था. मेरे घर वाले बहुत चिंतित रहे जब तक मैं लौट नहीं आया. इसी तरह श्रीनगर के लाल चौक से मैंने लाइव बुलेटिन उस दौर में किया था जब डर होता था पता नहीं कौन सी गली से निकल कर आतंकी आए और ग्रेनेड फेंक दे. आज भी वो दिन नहीं भूलता जब मैं कौन बनेगा प्रधानमंत्री शो के लिए नागपुर में था और घर से फोन आया था कि बेटी के सिर में गंभीर चोट आ गई है वो ऑपरेशन थियेटर में है. तब भी मैंने अपना शो नहीं छोड़ा था.

अरवल में तो कौन बनेगा मुख्यमंत्री शो के दौरान एक अतिवादी राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला कर दिया था. माहौल इतना खराब था कि पुलिस की एक टीम ने एस्कॉर्ट कर उस शहर की चौहद्दी से बाहर तक छोड़ा था. मुझ पर जानलेवा हमले की ये खबर तब एबीपी न्यूज़ पर ब्रेकिंग न्यूज़ के तौर पर चली भी थी. अपने काम से जुड़े ऐसे ना जाने कितने ही वाकये आज किसी चलचित्र की भांति आंखों के आगे से गुजर रहे हैं.

दर्शकों और शुभचिंतकों को ये भी बताना चाहूंगा कि एबीपी न्यूज़ के इतिहास में कौन बनेगा प्रधानमंत्री और कौन बनेगा मुख्यमंत्री शो के सबसे अधिक एपिसोड मैंने ही किए. उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र इन तमाम राज्यों में ग्राउंड जीरो से मैंने इलेक्शन कवरेज की. परिवार और स्वास्थ दोनों से ऊपर हमेशा काम को रखा तभी एक बहुत ही मामूली पृष्ठभूमि से आने के बावजूद यहां तक की दूरी तय कर पाया.

पिछले 21 सालों में लगातार 10 दिन की भी छुट्टी नहीं ली तो अब कैसे ले लूं? दुबारा एक राष्ट्रीय समाचार चैनल के माध्यम से आपसे शीघ्र जुड़ने वाला हूं उससे पहले इस इंटरवल यानी मध्यांतर का सदुपयोग कर रहा हूं कुछ पॉडकास्ट करके. आजकल पत्रकारिता की इस विधा की धूम मची है.

आज देखिए दिल्ली सरकार के मंत्री और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता कपिल मिश्रा का ये विस्फोटक इंटरव्यू. इस यूट्यूब चैनल को लाइक और सब्सक्राइब जरूर कीजियेगा

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