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उत्तर प्रदेश

लखनऊ में रॉयल हर्बल सेक्स क्लिनिक पर औषधि विभाग का छापा – कई दवाएं सील कर लैब भेजी गईं!

लखनऊ : पारदर्शिता, जवाबदेही, मानवाधिकार और क़ानूनी अधिकारों के लिए संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता संजय शर्मा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सूबे के औषधि प्रशासन विभाग ने सेक्स और कैंसर सहित कई अन्य असाध्य रोगों का इलाज़ करने का दावा करने वाले लखनऊ के इंदिरानगर में संचालित “रॉयल हर्बल क्लिनिक” नामक क्लिनिक पर बीती 19 अप्रैल को छापा मारकर जांच की है और 3 आयुर्वेदिक दवाएं दवाएं सील करके जांच और विश्लेषण के लिए सूबे की राजकीय प्रयोगशाला को भेज दी हैं.

बताते चलें कि शर्मा की एक अन्य शिकायत पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी लखनऊ डॉ. राज कुमार यादव ने इस सेक्स क्लिनिक की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था जो अलग से इस क्लिनिक की जाँच कर रही है.

बकौल संजय इस क्लिनिक में इलाज को गए कुछ निराश मरीजों की शिकायतों के बाद उन्होंने इस क्लिनिक के तथ्य सार्वजनिक करने के लिए यह मुद्दा व्यापक जनहित में कई माह पूर्व उठाया था.

लखनऊ के औषधि निरीक्षक की जांच आख्या सार्वजनिक करते हुए संजय ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि क्लिनिक का सञ्चालन मात्र 2 डॉक्टर्स, पिता डा. सुजाउद्दीन अहमद और पुत्र डा. बिलाल अहमद के द्वारा किया जा रहा है जिन दोनों की शैक्षिक योग्यता बैचलर ऑफ़ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (B.U.M.S.) है जबकि क्लिनिक की वेबसाइट पर डॉक्टर्स को लेकर बड़े-बड़े दावे किये गए हैं.

फर्म मेसर्स रॉयल हर्बल क्लिनिक एंड हेल्थ केयर सर्विसेज का पंजीकरण क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी लखनऊ मंडल के कार्यालय में है और इन दोनों डॉक्टर्स में से भी मात्र बिलाल अहमद ही आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश में रजिस्टर्ड बताये गए है. क्लिनिक में कोई भी मेडिकल स्टोर नहीं होने की बात भी जांच रिपोर्ट में बताई गई है.

क्लिनिक का कोई दवा कारखाना होने की बात इस रिपोर्ट से नदारद है जिससे यह तथ्य सामने आ रहा है कि फर्म मेसर्स रॉयल हर्बल क्लिनिक एंड हेल्थ केयर सर्विसेज का कोई दवा बनाने का कारखाना भी नहीं है. इन दोनों डॉक्टर्स के कंबाइंड चैम्बर और चैम्बर के बगल के कमरे में कुछ थोड़ी बहुत आयुर्वेदिक और यूनानी औषधियों का भंडारण पाया गया है जिनमें से 3 आयुर्वेदिक औषधियों का नमूना नियमानुसार संग्रहीत करके जांच और विश्लेषण के लिए सूबे की राजकीय प्रयोगशाला को भेज दी गईं हैं और नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की बात भी औषधि निरीक्षक ने लिखी है.

संजय प्रश्न उठाते है कि मात्र एक रजिस्टर्ड और एक अनरजिस्टर्ड डॉक्टर के सहारे कुछ आयुर्वेदिक और यूनानी औषधियों का भंडारण रखने वाला और मात्र सूबे के आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में ही रजिस्टर्ड यह क्लिनिक कैसे अपनी वेबसाइट पर प्रशिक्षित डॉक्टर्स की टीम रखने के सम्बन्ध में, दवाओं के सम्बन्ध में और सेक्स रोगों के साथ-साथ कैंसर समेत कई अन्य असाध्य रोगों के इलाज़ के सम्बन्ध में बड़े-बड़े दावे कर सकता है.

बकौल संजय, उनकी शिकायत के अनेकों बिन्दुओं में से ये भी कुछ बिंदु हैं जिन पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी लखनऊ डॉ. राजकुमार यादव द्वारा गठित जांच समिति को जांच करनी है.

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