
महाराष्ट्र के वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक तथा “पुढारी” के वरिष्ठ मंत्रालय प्रतिनिधि उदय राजाराम तनपाठक ने हाल ही में “पुण्यनगरी” के मुख्य राजनीतिक संपादक का पदभार संभाला है। तनपाठक मूल रूप से त्र्यंबकेश्वर, नासिक निवासी हैं।
वे 1982 से मराठी पत्रकारिता में सक्रिय हैं। शुरुआत में उन्होंने दैनिक सकाळ, नवशक्ति और मुंबई तरुण भारत के लिए डोंबिवली संवाददाता के रूप में काम किया। इसके बाद तनपाठक ने छह साल तक “मुंबई तरुण भारत” के शाम के संस्करण में संवाददाता-उप संपादक के रूप में काम किया। कुछ समय तक सामना और “चित्रलेखा” में रिपोर्टर के रूप में काम करने के बाद उन्होंने 1991 में “पुढारी” में काम करना शुरू किया। वे कुल 34 वर्षों तक “पुढारी”के साथ जुडे रहे।
तनपाठक को संपादक प्रतापसिंह उर्फ बालासाहब जाधव के कुछ भरोसेमंद सहयोगियों में से एक के रूप में जाना जाता था। राज्य के सभी दलों के नेताओं के साथ उनके बहुत करीबी संबंध हैं।
उन्होंने “चित्रलेखा” में अपनी ऑन-द-स्पॉट रिपोर्टिंग के माध्यम से एक अलग छाप छोड़ी। मराठवाड़ा में कोचिंग क्लास घोटाले पर उनकी समाचार श्रृंखला “शिक्षणाचा राडा – मराठवाड़ा” बहुत लोकप्रिय हुई थी। “पुढारी” में रहते हुए किल्लारी और भुज भूकंप, कारसेवा-रथ यात्रा और बाबरी मस्जिद विध्वंस पर उनकी स्पॉट रिपोर्टिंग चर्चा में रही। इसके अलावा उन्होंने कई राजनीतिक खबरें भी ब्रेक कीं। उनके राजनीतिक वार्तापत्र राजनेताओं द्वारा अवश्य पढ़े जाते थे। “पुढारी” में अपनी लम्बी यात्रा पूरी करने के बाद उदय तानपाठक ने अब “पुण्यनगरी” समूह में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की चुनौती स्वीकार की है।
पुण्यनगरी महाराष्ट्र का एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र है और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रसार सबसे अधिक है। “पुण्यनगरी” को सबसे अधिक संख्या में मुद्रण केन्द्रों और मजबूत वितरण नेटवर्क का लाभ मिल रहा है। समूह व्यावसायिक मुद्रण और वितरण एजेंसी सेवाएं भी प्रदान करता है।


