आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डिप्टी एसपी अनुज चौधरी मामले में 5 मई (सोमवार) को जांच अधिकारी एएसपी संभल श्रीश चंद्र के कार्यालय में जा कर अपना बयान और साक्ष्य प्रस्तुत किया.
उन्होंने इस संबंध में 18 संलग्नक सहित 33 पृष्ठ में अपना बयान और सबूत प्रस्तुत करते हुए अनुज चौधरी पर 6 आरोप लगाए.
इनमें सरकारी कार्य के क्रम में अवांछनीय रूप से स्वयं को एक धर्म विशेष के अतिशय समर्थन के रूप में प्रस्तुत करना, अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानबूझकर धर्म विशेष के समर्थन के रूप में प्रस्तुत करना, अपनी टिप्पणियों के माध्यम से एक दूसरे धार्मिक समुदाय की आलोचना और निंदा करना, उत्तर प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी परिपत्र संख्या डीजी-5/2023 दिनांक 2 फरवरी 2023 का उल्लंघन करना, उत्तर प्रदेश सरकार के मीडिया उपयोग के शासनादेश का उल्लंघन करना तथा वर्दी के उपयोग के संबंध में डीजीपी के पत्र दिनांक 6 अक्टूबर 2014 का उल्लंघन किए जाने के आरोप शामिल हैं.
अमिताभ ठाकुर ने इसे उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 के नियम 3 और 4 उल्लंघन बताया. उन्होंने इनमें से प्रत्येक आरोप के संबंध में अलग-अलग साक्ष्य प्रस्तुत किया, जिनमें तमाम सबूत स्वयं अनुज चौधरी के इंस्टाग्राम अकाउंट से लिए गए थे.
उनके द्वारा प्रस्तुत सबूत के क्रम में एडिशनल एसपी द्वारा इन प्रकरणों के संबंध में पूरा वीडियो होने तथा कार्यवाही के स्वरुप पर दो सवाल किए गए.
इस मामले में डीजीपी कार्यालय ने पूर्व में अनुज चौधरी को क्लीन चिट दिया था.
इस पर अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र लिखकर कहा था कि मुख्य सचिव द्वारा पारित विभिन्न शासनादेश के अनुसार जनसुनवाई शिकायत में शिकायतकर्ता के बयान आवश्यक हैं, जो इस मामले में नहीं हुआ, जिसके बाद क्लीन चिट को निरस्त कर उन्हें अपने आरोपों के संबंध में सुसंगत साक्ष्य और कथन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे.
देखें — बयान के प्रथम पृष्ठ की प्रति…

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