Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

युद्ध की अफवाहें बना रही हैं बीमार, डॉक्टर्स ने इसे बताया “वॉर एंजायटी”

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़ते तनाव और मीडिया में लगातार युद्ध की आशंकाओं वाली खबरों ने एक नई मानसिक स्वास्थ्य समस्या को जन्म देना शुरू कर दिया है — वॉर एंजायटी।

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के सायकैट्रिस्ट डॉ. राजीव मेहता के अनुसार, वॉर एंजायटी एंग्जायटी डिसऑर्डर का ही एक रूप है, जिसमें व्यक्ति बार-बार युद्ध, हमले या तबाही जैसी घटनाओं की कल्पना करता है, बेचैनी, घबराहट और नींद न आने जैसे लक्षणों से ग्रस्त हो जाता है।

वॉर एंजायटी के प्रमुख लक्षण:

युद्ध या हमले की आशंका का बार-बार महसूस होना घबराहट, बेचैनी और पसीना आना डरावने सपने आना, नींद न आना सामान्य कामों में ध्यान न लगना खबरें बार-बार चेक करने की आदत

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरें और न्यूज़ चैनलों की ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ की होड़ ने आम लोगों के बीच डर का माहौल बना दिया है।

इससे बचने के उपाय:

सरकारी और विश्वसनीय स्रोतों से ही खबरें देखें सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूरी बनाएं नियमित दिनचर्या अपनाएं, योग और ध्यान करें अफवाह फैलाने वालों से दूरी बनाए रखें खबरें सीमित मात्रा में देखें और दिन में एक समय तय करें

डॉ. मेहता कहते हैं कि वॉर एंजायटी से पीड़ित व्यक्ति बार-बार नकारात्मकता में डूब जाता है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर गहरा असर पड़ सकता है। अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

पढ़ें नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर-

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन