सर्दी के मौसम में उच्च रक्तचाप : कारण, निवारण एवं होम्योपैथिक चिकित्सा

डॉ एमडी सिंह- आमतौर पर सर्दी के मौसम में बीमारियां कम हो जाती हैं। खासतौर से बैक्टीरिया और पैरासाइट के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारिॅयां इस मौसम में कुछ हद तक कम हो जाती हैं क्योंकि मच्छर , मक्खी, पिस्सू इत्यादि इन रोगों के वाहक इस मौसम में कम हो जाते हैं। बारिश खत्म हो …

गतिहीन जीवनशैली के साथ शराब का अत्यधिक सेवन सीधा लीवर पर अटैक करता है

लीवर संबंधी बीमारियों और फैटी लिवर के हानिकारक प्रभाव के बढ़ते मामलों के बारे में जागरुकता आवश्यक पिछले 2 दशकों में जीवन की गुणवत्ता में बदलाव और सुधार हुआ है. लेकिन आर्थिक विकास ने जीवनशैली की कुछ बीमारियों को बढ़ावा दिया है. इससे स्वास्थ्य देखभाल पर भारी बोझ पड़ा है. जीलवशैली में बदलाव, मोटापा और …

इनफ्लुएंजा और कोविड-19 का तुलनात्मक अध्ययन एवं होम्योपैथिक चिकित्सा

डॉ एम डी सिंह- बरसात अब अपने अंतिम चरण में है। कोरोनाकाल खत्म नहीं हुआ है। लेकिन लाकडाउन खत्म हो चुका है। लोग भयभीत और निश्चिंत दो श्रेणियों में बंट गए हैं। निश्चिंतों के सहारे कोविड-19 वायरस और सक्रिय हो गया है। भयभीतों के सहारे इनफ्लुएंजा, डेंगू, मलेरिया एवं टाइफाइड जैसे रोग कोविड-19 का आभास …

मरने का वक्त खिसकातीं ECG युक्त एप्पल घड़ियों में अब आक्सी मीटर भी!

सोचिए, कभी घड़ियां सिर्फ वक्त बताने के लिए थीं लेकिन आज इनका काम मौत का तय समय खिसकाना भी हो गया है. एप्पल की घड़ियों में ईसीजी का फीचर होता है जिससे वे दिल की धड़कन को मानीटर करती रहती हैं और दिल पर संकट देख अपने आका उर्फ मालिक को एलर्ट कर देती हैं. …

सतर्क रहेंगे तो बात सर्जरी तक नहीं पहुंचेगी

उमेश कुमार सिंह वह जमाना बहुत पीछे छूट चुका है जब गर्दन दर्द, पीठ दर्द, कमर दर्द हो या स्लिप्ड डिस्क जैसी समस्याओं को वृद्धावस्था का लक्षण माना जाता था और जवानी का मतलब था बेपरवाही से उछलते-कूदते जीवन कट जाना। अब 25-30 की उम्र वाले लोग भी कमर पकड़े नजर आ जाते हैं या …

अतिरिक्त फैट की खपत के लिए हर दिन कम से कम 45 मिनट एक्सरसाइज करना जरूरी!

हार्ट अटैक मुख्य रूप से धमनियों में वसा के जमने के कारण होता है, जो न सिर्फ खून के प्रवाह को रोकता है, बल्कि मांसपेशियों को भी कमजोर कर देता है। कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर दो महत्वपूर्ण कारक हैं, जो धमनियों को ब्लॉक करके खून के प्रवाह में रुकावट का काम करते हैं। इससे …

वर्क फ्रॉम होम के दौरान बढ़ सकती हैं रीढ़ की समस्याएं, बॉडी स्ट्रेच जरूरी

कोविड-19 की विश्वव्यापी महामारी और देशभर में लॉकडाउन के कारण अधिकांश कामकाजी लोगों को घर से ही काम करने की सलाह दी गई है। हालांकि, इस स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है, लेकिन लोगों को वर्क फ्रॉम होम के दौरान रीढ़ की समस्याओं को लेकर भी सावधान रहने की आवश्यकता है।

कुछ औरतें शादी के बाद मां क्यों नहीं बन पातीं?

किसी महिला के लिए सृष्टि की सबसे बड़ी नियामत है, उसका मां बनना। अगर किसी भी कारणवश ऐसा नहीं होता है तो उसे बांझ की संज्ञा दे दी जाती है। ऐसे ही महिलाओं की समस्याओं ने आईवीएफ की तकनीक का विकास कराया। आज देश में कृत्रिम विधि से संतान प्राप्ति की कई तकनीकें हैं।

जंक फूड छोड़ें, नमक कम, पैदल चलें… हार्ट अटैक गायब

शहर की जिंदगी में हार्ट अटैक मौत का पैगाम होता है. पर इससे बचने के कुछ मंत्र हैं. पहला तो है ब्लड प्रेशर कम रखें. हाई बीपी से हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है. यदि बीपी 120-80 से ज्यादा है तो ये दिल के लिए खतरे की घंटी है.

कोरोना वायरस : सांप, कुत्ता, चमगादड़ आप खाएंगे तो इनके साइड इफेक्ट कौन झेलेगा?

Sushobhit : जो कोरोना वायरस एक नई महामारी के रूप में उभरकर सामने आया है और जिसने चीन में आपातकालीन स्थितियां निर्मित कर दी हैं, उसका एपिसेंटर वुहान प्रांत का हुआनान सीफ़ूड होलसेल मार्केट बताया गया है। किंतु मैं तो जहां भी नज़र घुमाता हूं, मुझको हुआनान सीफ़ूड होलसेल मार्केट दिखलाई देते हैं।

कोरोना वायरस की कुंडली जानिए, होम्योपैथी में है इसका इलाज!

मूलतः यह सूअरों में स्वशन तंत्र को आक्रांत कर निमोनिया फैलाने वाला महामारी है। शरद ऋतु में होने वाला यह रोग अत्यंत संक्रामक है। सूअर पालकों और उनका मांस खाने वालों को भी यह वायरस आक्रांत कर सकता है। जहां से यह संपर्क में आने वाली अन्य मनुष्यों तक पहुंच जाता है। एपिडेमिक के रूप …

कोलेस्टेरॉल से डरिए नहीं, इसे समझिए!

विज्ञान जनता की अच्छी-बुरी, दोनों प्रकार की धारणाएँ गढ़ता है। यदि धारणा बुरी हुई तो वह लोगों के अवचेतन में शब्दों की विभीषक छवि उकेर देती है। ऐसी ही एक बुरी वैज्ञानिक धारणा से बुराई झेलता शब्द है कोलेस्टेरॉल। अधिसंख्य जनता अभी भी यह मानकर चलती है कि कोलेस्टेरॉल अर्थात् स्वास्थ्यनाशक ‘कोई’ रसायन या पदार्थ। …

दूसरों को सेहत की सलाह देने वाले डाक्टर खुद नींद के लिए परेशान हैं!

अनिद्रा ने छीना चैन… आज का ज़माना भाग-दौड़ का ज़माना है। व्यस्तता ज़्यादा है, समय कम है। इससे जीवन में आपाधापी है, न खाने का समय है, न सोने का। एक-दूसरे की नकल में, दिखावा करने में, शान जताने में जीवन घुल रहा है। एक तरफ महंगाई का तांडव है दूसरी तरफ मांगों का सिलसिला। …

एम्स ऋषिकेश में 31 वर्षीया महिला की बड़ी आंत के कैंसर की सफलतापूर्वक रोबोटिक सर्जरी

ऋषिकेश : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में कैंसर सर्जरी विभाग ने एक 31 वर्षीया महिला की बड़ी आंत के कैंसर की सफलतापूर्वक रोबोटिक सर्जरी की है। जटिल ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति में काफी हद तक सुधार है, रोगी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

ब्रेन हैमरेज से ये तीन बातें जान बचा सकती हैं!

ब्रेन-हेमरेज… ब्रेन-स्ट्रोक… मस्तिष्क आघात… दिमाग़ की नस का फटना… ये सब एक ही चीजें हैं. पर सवाल है कि ब्रेन हैमरेज के मरीज़ को कैसे पहचानें?

हर आठ में से एक महिला में स्तन कैंसर की आशंका!

महिलाओं को स्तन संबंधी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए… यह लक्षण हैं तो हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर… छाती में एक ही जगह कई दिनों तक चुभन व दर्द रहना, छाती के ऊपर लाली आना, ब्रेस्ट में लाल, काले व सफेद चकत्ते पड़ना, ब्रेस्ट के निपल से खून अथवा पानी निकलना, निपल का भीतर …

बाजार का आंवला एवं त्रिफला असर क्यों नहीं करता?

आयुर्वेद की अधिकतर दवाइयों में आंवले के पाउडर का मिश्रण होता है। त्रिफला में तीन औषधीय फल हर्र, बहेड़ा और आंवला, बीमारी के अनुसार निर्धारित अनुपात में मिलाये जाते हैं। मुझे अनेक पेशेंट शिकायत करते हैं कि उनको त्रिफला या आंवले का उपयोग करने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ या उतना फायदा नहीं …

चबाने वाला तंबाकू 90 प्रतिशत मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण!

नई दिल्ली। देश दुनिया में दिन प्रतिदिन बढ़ रही तंबाकू उत्पादों की लत से कैंसर का प्रकोप महामारी का रुप लेता जा रहा है। इसमें खासतौर पर चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का उपयेाग प्रमुख है, जिसके कारण 90 प्रतिशत मुंह का कैंसर होता है। इसमें युवा अवस्था में होने वाली मौतों का मुख्य कारण भी …

अत्यधिक प्लास्टिक के इस्तेमाल से कैंसर समेत कई बड़ी बीमारियां तेजी से फैले रहीं!

प्रदूषण को रोकना सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए… वर्तमान समय मे प्लास्टिक हमारे जीवन का सबसे जहरीला प्रदूषण है और फिर भी वो हमारे जीवन का अहम हिस्सा बना हुआ है। यह एक नॉन बायोडिग्रेडेबल पदार्थ है, जो जहरीले रसायनों से बना होता है और हमारी धरती, जल, वायु सबको प्रदूषित करता है। अभी …

फल, भोजन, गंदगी, भीड़, प्रदूषण, सुअर और चमगादड़ से कोमा में डालने वाला निपाह वायरस फैल रहा! देखें एडवाइजरी

बिहार में निपाह वायरस का प्रकोप फैल रहा है. देश के कई हिस्से में इसके मरीज मिल रहे हैं. यह वायरस फल, भोजन, गंदगी, भीड़, प्रदूषण, सुअर और चमगादड़ के चलते फैलता है. इस वायरस से संक्रमित होकर मरीज कोमा तक में चला जाता है.

धूम्रपान करने वाले युवा व्यवसायी को आफिस जाते ब्रेन अटैक, मिनिमली इनवेसिव ब्रेन सर्जरी से मिला जीवनदान

लखनऊ : 43 वर्षीय श्री मनीष सिंघानिया ब्रेन अटैक के बाद आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गए थे। एक सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल ने उनका सफलता पूर्वक इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया है। उनके मस्तिष्क में एक गंभीर क्लाट को हटाने के लिए उनकी मिनिमली इनवेसिव ब्रेन सर्जरी की गई जो लगभग एक घंटे तक …

दवाओं के ओवरडोज का मायाजाल

जब हम बीमार होते हैं, तो डॉक्टर के पास जाते हैं. डॉक्टर हमारे रोग के अनुसार हमारा उपचार करते हैं, वह हमें ठीक करने के लिए दवाईयां देते हैं. अगर दवाईयों से रोगी ठीक नहीं हो तो डॉक्टर सर्जरी आदि कराने का सुझाव देते हैं. लेकिन ये सब इतना आसान भी नहीं है. डायग्नोसिस, दवाईयों …

स्वैप लीवर ट्रांसप्लांट से एक दूसरे के पतियों को बचा ली जिदंगी!

एक सिख परिवार और दूसरा हिंदू परिवार, दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे के पति को दान किया लीवर… कहते हैं धरती पर मरीजों के लिए डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, लेकिन लीवर कैंसर से जूझ रहे दो मरीजों के लिए उनकी पत्नियां ही भगवान बनकर सामने आईं और उनकी जान बचा ली। पतियों की जान …

आज ‘वर्ल्ड लीवर डे’ है : निपटने से बचना है तो भोजन में अदरक और लहसुन का इस्तेमाल बढ़ा दें!

World Liver Day 19 April : हर साल वल्ड लीवर डे पर लीवर से जुड़ी बीमारियों के बारे में जागरुक किया जाता है। लीवर मानव शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग होता है। लीवर शरीर से हानिकारक और विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह विटामिन, वसा जैसे अन्य पोषक तत्वों को …

Health News अगर कुत्ता काट दे तो घाव वाली जगह को बांधें या स्टिच न करें

Avyact Agrawal : जब भी कुत्ता काटे पहला कदम काटी हुई जगह को पानी एवं साबुन से लगातार 10 मिनट तक बहते पानी (नल के नीचे) रख धोना चाहिए फिऱ चिकित्सक को मिलना चाहिए। कभी भी घाव को बांधना या स्टिच नहीं करना चाहिए। बशर्ते एक्टिव ब्लीडिंग न हो। बांधने से वायरस भीतर रक्त वाहिनी …

क्या कीमोथेरेपी जान ले लेती है?

Avyact Agrawal : क्या कीमोथेरेपी जान ले लेती है? कैंसर होने पर कीमोथेरेपी नहीं करवाना चाहिए? मैं आई सी यू में झटके आने पर एक इन्सेफेलाइटिस के बच्चे को ऑक्सीजन लगा रहा था। तभी मां चिल्लाने लगी “सर ऑक्सीजन मत लगाना. मेरे पड़ोसी के बच्चे को ऑक्सीजन लगी थी और वो मर गया था। यहां …

Just Dial वाले डाक्टरों से पैसे लेकर उन्हें टॉप पर डिस्प्ले करते हैं!

Avyact Agrawal : एक काम का सच… अमिताभ बच्चन जस्ट डायल के एड में कहते दिखते हैं न कि, बेस्ट डॉक्टर आप जस्ट डायल के एक क्लिक से ढूंढ सकते हैं। शहरों में अब बहुत लोग डॉक्टर्स की रेटिंग एवं जानकारियां इन एप्प्स से लेने लगे हैं। लेकिन सच यह है कि यह एक झूठ …

अगर डिप्रेशन में हैं तो दारू न पिएं!

Avyact Agrawal : अवसाद Depression. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अवसाद मनुष्यों में विभिन्न बीमारियों में से सर्वाधिक होने वाली बीमारी है। लगभग 350 मिलियन लोगों को इस समय अवसाद है। जीवन काल में 70 प्रतिशत लोग कभी न कभी अवसाद ग्रस्त हो सकते हैं। एवं एक वक्त में लगभग 10 प्रतिशत लोग अवसाद ग्रस्त …

सर्दियों में जब सताए जोड़ों का दर्द तो क्या करें

डा. संजय अग्रवालऑर्थोपेडिक सर्जन पी डी हिंदुजा अस्पताल, मुंबई जोड़ों का दर्द एक ऐसी बेचौनी होती है जो किसी भी जोड़ में हो सकती है, जोड़ ऐसा बिंदु जहां दो या अधिक हड्डियां मिलती हैं. जोड़ों के दर्द को कभी-कभी अर्थराइटिस या अर्थरैलजिया कहते हैं. जोड़ों का दर्द सामान्य से गंभीर होता है. ये तब-तब …

भारत में सात करोड़ लोग रोज बीड़ी पीते हैं!

प्रधानमंत्रियों से भी बड़ा काम…. हमारे स्वास्थ्य मंत्रालय और विश्व-स्वास्थ्य संगठन के एक ताजा सर्वेक्षण ने मुझे चौंका दिया। उससे पता चला कि हमारे देश में सात करोड़ से भी ज्यादा लोग रोज बीड़ी पीते हैं। बीड़ी फूंककर वे खुद को फेफड़ों, दिल और केंसर का मरीज तो बनाते ही हैं, हवा में भी जहर …

वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह लीवर की बीमारी से बाल-बाल बचे तो अब दूसरों को कर रहे जागरूक

हेपेटाइटिस यानि लीवर की एक खतरनाक बीमारी…. जानकारी से ही बचाव संभव है! शेष नारायण सिंह मैं कई बड़े पत्रकारों और शिक्षाविदों को जानता हूँ जिनको या तो स्वयं को या किसी रिश्तेदार को लीवर से सम्बंधित बीमारियों से परेशानी हुई और सही वक़्त पर जानकारी मिलने से जीवन बचाया जा सका लेकिन अपने समुदाय …

ये अस्पताल धरती के नरक हैं और इनके ये डाक्टर तो साक्षात यमराज!

भड़ास के पास एक चिट्ठी आई है, मेल से. किसी ने bhumikaoffsetkhoor@gmail.com मेल आईडी से भेजा है. चिट्ठी में जो कहानी वर्णित है, उसे पढ़ सुन कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं.

बाजार का सोयाचाप या मैदे से बना कोई पकवान खाने से पहले ये वीडियो जरूर देखें

Yashwant Singh : ये वीडियो एक मेडिकल स्टोर वाले ने बनाया है। रेस्टोरेंट में काम करने वाला एक बालक बिटेक्स मलहम लेने गया था। उसका हाथ सड़ रहा था। 

Health News : जानिए ‘शोग्रेन सिण्ड्रोम’ के बारे में

Skand Shukla : अशोक जोड़ों का दर्द लेकर डॉक्टर के पास पहुँचे थे, लेकिन उन्हें तब ताज्जुब हुआ जब उनसे आँखों और मुँह के कुछ विशिष्ट लक्षणों के बाबत पूछताछ की गयी। डॉक्टर जानना चाहते थे कि क्या उन्हें आँखों में कुछ गड़न सी महसूस होती है। ऐसा लगता है कि कुछ रेत या मिट्टी …

जानिए, निपाह वायरस से बचाव के लिए होमियोपैथिक में क्या है इलाज

जैसा कि हम सभी को पता है भय व्यक्ति के रोग प्रतिरोधक क्षमता को घटा देता है. आज जब निपाह वायरस एपिडेमिक का रूप ले रहा है, सारे देश में भय का वातावरण बन गया है. ऐसी अवस्था में कुछ लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत नीचे पहुंच जाने की आशंका बनती है. इस अवस्था …

विटामिन B17 की कमी से होने वाला कैंसर बीमारी कम, बिजनेस ज्यादा है

कैंसर कोई बीमारी नहीं बल्कि चिकित्सा जगत में पैसा कमाने का साधन मात्र है। पिछले कुछ सालों में कैंसर को एक तेजी से बढ़ती बीमारी के रूप में प्रचारित किया गया। इसके इलाज के लिए कीमियोथिरेपी, सर्जरी या और उपायों को अपनाया जाता है, जो महंगे होने के साथ-साथ मरीज के लिए उतने ही खतरनाक …

Nearly 10 % Guwahati scribes are vulnerable for heart diseases

By NJ Thakuria Guwahati: A lipid profile screening camp, covering a group of working journalists, indicates the necessity of urgent medical attentions for at least one tenth of the participants as their cholesterol and triglycerides levels were found far above the permissible limits. Almost half of them need life style modification (read more physical activities), …

डॉ. नरेश त्रेहान का मेदांता हॉस्पिटल भी लुटेरा निकला, पारस हास्पिटल का हाल भी सुनिए

Pravin Bagi : डॉ. नरेश त्रेहान का मेदांता हॉस्पिटल भी लुटेरा निकला। आखिर मरीज जाये तो कहां जाये ? अस्पताल ने गर्व नामक बच्चे के बुखार के इलाज के लिये 17 लाख रुपये लिए। बच्चे की मौत भी हो गई। बच्चे के पिता की शिकायत पर हुई जांच में पता चला कि दवाओं का 17 …

तंबाकू उत्पाद के पैकेटों पर तम्बाकू छोड़ो नंबर 1800112356 दर्ज करने के आदेश

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने तम्बाकू सेवन की लत छोड़ने वालों के लिए तम्बाकू छोड़ो नंबर जारी की है। सरकार ने तम्बाकू उत्पादों के पैकेट पर ही ये नंबर लिखने की अधिसूचना जारी की है। नई चेतावनी 1 सितंबर, 2018 से प्रभावी होगी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 3 अप्रैल, 2018 को जारी …

इस मीडिया समूह ने अपने कर्मचारियों का स्‍वास्‍थ्‍य बीमा तक नहीं करवाया है…

पत्रकार की मौत : क्‍या संस्‍थान की कवरेज से भर जाएगा परिवार का पेट! शिमला के एक वरिष्‍ठ पत्रकार की मौत पर उसके मीडिया संस्‍थान ने खबरें और संपादकीय लिख कर श्रद्धांजलि दी। पूरा प्रदेश गमगीन हुआ। लेकिन क्‍या इससे उसके परिवार का भविष्‍य संवर जाएगा। ऐसे वक्‍त में एक कर्मचारी को संस्‍थान से आर्थिक मदद के तौर पर जो मिलना चाहिए क्‍या वह मिलेगा।

‘डाक्टर साब, स्मोकिंग अगर छोड़ दूंगा तो अस्थमा से मर जाऊंगा’

As an individual has his own personality, each and every remedy have their own peculiarities also .These both are some of the most relevant symptoms for the selection of appropriate remedy. Alertness of prescriber’s mind catch these symptoms easily but attendant and patient both can not aware about the usefulness of those symptoms. So they will never give them directly.

तंबाकू से एक पत्रकार और उसका परिवार तबाह… इससे पाएं छुटकारा

Ashwini Sharma : आज के मिलावटी युग में कब कौन गंभीर बीमारी का शिकार हो जाए कहा नहीं जा सकता..जीवन भर नशे से दूर रहने वालों को भी मौत खिंचती है और जो लोग इसकी दलील देकर तरह तरह के व्यसन करते हैं उऩका ईश्वर ही मालिक है..आज सुबह गाजीपुर के प्रत्रकार भाई प्रिंस सिंह की पोस्ट पढकर मन व्यथित हो गया..उन्होंने गाजीपुर के हिन्दुस्तान समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ विनोद मिश्रा जी की कैंसर से निधन की खबर को अपनी वॉल पर लिखा… विनोद जी पिछले तीन महीने से मुंह के कैंसर से पीड़ित थे..और मुंबई के टाटा समेत कानपुर के अस्पताल में उनका इलाज हो रहा था..प्रिंस भाई ने बताया कि विनोद जी गुटखे और पान का जमकर सेवन करते थे जिससे उन्हें कैंसर हो गया था..वाकई विनोद भाई के असमय निधन से उनके परिवार पर बज्र टूट पड़ा है..ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और परिवार को हिम्मत दें..साथ ही मैं अपने पत्रकार मित्रों से भी अनुरोध करता हूं कि कृपया जानलेेवा गुटखे से दूर रहें..और हां जो लोग शराब अदि से कुछ ज्यादा ही संगत कर रहे हैं उनसे भी अनुरोध है कि शराब आपके लीवर को खोखला कर देता है..आज आप किसी भी कैंसर अस्पताल में चले जाएं मुंह और लीवर के कैंसर के मरीज सबसे ज्यादा मिलते हैं..याद रखिए आप से आपके परिवार को बहुत उम्मीदें हैं…

कैंसर के पहले और बाद की तस्वीरें

डिमेंशिया के मरीज को होमियोपैथी की इस दवा ने दी बड़ी राहत

Today’s I have a patient suffering from dementia. She is a well built fair complexioned 60 years of age lady forgotten all her past. She is a housewife belonged from a well mannered big joint family in which her husband is elder of three brothers. They all have their own jobs full of satisfaction and joy. Their wives lives with them. In this sense except when they gathered at their parents house they all leaves in a small family with their two three children.

इस कैंसर अस्पताल में एक रुपये में होता है इलाज, देखें वीडियो

गुजरात के वलसाड का RMD आयुर्वेदिक कैंसर अस्पताल जहां देसी गायों के दूध, घी, दही, मूत्र, गोबर से बने पंचगब्य, योग, संगीत के जरिए होता है चमत्कारिक इलाज.. इस अस्पताल में चार सौ गाएं हैं..यहां लोग बड़े बड़े अस्पतालों से थक हार कर, लाखों खर्च कर निराश भाव से पहुंचते हैं और पुनर्जीवित होकर लौटते हैं..और हां, यहां इलाज भी मात्र 1 रुपये में पूरे सेवाभाव से होता है..

पत्रकार अब्दुल रशीद को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मदद की जरूरत

ये अब्दुल रशीद भाई हैं. हम लोग मिले तो नहीं कभी लेकिन कई वर्षों से टच में हैं. आनलाइन नाता काफी गहरा है. रशीद भाई सिंगरौली के पत्रकार हैं. यह स्थान मध्य प्रदेश में पड़ेगा. वे ‘उर्जांचल टाइगर डॉट इन’ नामक पोर्टल भी चलाते हैं. कई अखबारों में काम कर चुके हैं. बेबाक लिखते हैं. भड़ास पर उनके कई आर्टकिल छपे हैं. कल उनने जो बताया वह सुन कर मैं दुखी हो गया.

पागलपन की इस अवस्था के लिए कारगर है Agaricus M

There are a lot of the symptoms in materia medica of Homoeopathy for each and every medicine. In between them there are living some rare Peculiar symptoms by which a wonderful prescribing maybe done and a natural cure maybe find as well.

Tinnitus यानि कान बजने का होमियोपैथी में ये है इलाज

Today, I read a news at a internet news portal that Homeopathy failed to prove its value in all the cases of Tinnitus had taken part in a survey oriented program. And like it slowly slowly Homeopathy  will be  disqualified as a medicine from the world. We Homeopaths  will be lived alone with rubbing our hands. Friends, you should come forward with proves of cures done by Homeopathy in your hand.

हायमेनोप्लास्टी के जरिए शादी के पहले योनि दुरुस्त कराने का चलन शहरों में बढ़ा

भारतीय समाज में शादी से पहले लड़कियों में कौमार्य अनिवार्य सी शर्त मानी जाती है, और शायद इसीलिए पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित महानगरों में अब ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिनमें लड़कियां सुंदर नैन नक्श की तरह ही कौमार्य भी कृत्रिम तौर पर हासिल कर रही हैं। आम तौर पर शारीरिक संबंधों, खेल संबंधी शारीरिक गतिविधियों या कभी किसी चोट के कारण योनि के भीतर की हायमन झिल्ली फट जाती है, जिसे दुरूस्त कराने की प्रक्रिया हायमेनोप्लास्टी कहलाती है। इस सर्जरी का उपयोग अब कृत्रिम तौर पर कौमार्य पाने के लिए भी किया जा रहा है।

ये थेरेपिस्ट निर्वस्त्र होकर करती है मानसिक रोगियों का इलाज

…व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहे क्लाइंट से सवाल-जवाब करने के दौरान वह धीरे-धीरे, एक-एक कर अपने कपड़ों की परत उतारती जाती हैं…  किसी मनोचिकित्सक के पास अपने क्लाइंट से उसकी दबी भावनाओं, बातों को उगलवाने के लिए कई तरीके हो सकते हैं लेकिन न्यूयार्क की 24 वर्षीय सराह व्हाइट के पास जो है, वह शायद ही कोई और इस्तेमाल करता हो…. मनोविज्ञान की इस विशेषज्ञ ने इसके लिए नई किस्म की थेरेपी ईजाद की है जिसने इंटरनेट पर लोगों में दिलचस्पी जगाई है. व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहे क्लाइंट से सवाल-जवाब करने के दौरान वह धीरे-धीरे, एक-एक कर अपने कपड़ों की परत उतारती जाती हैं.

इसे कहते हैं मीडिया की ताकत, एम्स ऋषिकेश झुका

रोहिनी गुप्ते नामक एक अनाम सी महिला ने फेसबुक पर एक बड़ा मुद्दा उठाया. आखिर क्यों ऋषिकेश में बने एम्स में दिल्ली वाले एम्स से कई गुना ज्यादा रेट पर इलाज होता है? इस एफबी स्टेटस पर भड़ास4मीडिया, जनचौक समेत कई वेबसाइटों की नजर पड़ी. इन पोर्टल्स पर प्रमुखता से खबर छपने के साथ ही …

मरीजों से लाखों रुपये असंवैधानिक तरीके से वसूल रहा ऋषिकेश एम्स!

उत्‍तराखंड में एम्‍स बना तो लगा कि‍ पहाड़ की पहाड़ सी बीमारि‍यां शायद तलहटी पर आएं। लेकि‍न फि‍लवक्‍त वहां के एम्‍स में जो हालात चल रहे हैं, साफ लग रहा है कि‍ पहाड़ की बीमारि‍यां पहाड़ पर ही चढ़ती जा रही हैं। ऋषि‍केश एम्‍स में आने वाले मरीजों के इलाज से लेकर जांच तक लाखों …

आपको डायबिटीज है या नहीं, यह दवा कम्पनियां तय करती हैं!

Priyabhanshu Ranjan : साल 1997 से पहले फास्टिंग ब्लड सुगर की ऊपरी लिमिट 140 होती थी। फिर WHO ने एक पैनल बिठाया और उसने यह लिमिट 126 कर दी और रातों रात दुनिया की 14 प्रतिशत जनसंख्या डायबिटीज की मरीज हो गई।

तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, सुर्ती, पान खाने वाले इस वीडियो को जरूर देखें

भारत में तंबाकू का प्रचलन बहुत ज्यादा है. हर दूसरा शख्स किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करता मिल जाएगा. इस कारण से भारत में तंबाकू जनित रोगों के शिकार भी काफी मात्रा में होते हैं. आप अगर किसी भी रूप में तंबाकू लेते हैं, मसलन सिगरेट, गुटखा, पान, सुर्ती, जर्दा आदि तो आपको जरूर यह वीडियो देखना चाहिए. आपको यह वीडियो देखकर टेस्ट करना चाहिए कि आप कहीं मुंह के किसी रोग के शिकार तो नहीं होने जा रहे.

कोबरा पोस्ट का ‘ऑपरेशन व्हाईट कोट’ : इलाज के दौरान मरीज भले मर जाए, रेफर करने वाले का कमीशन नहीं मरेगा!

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज अपनी जिंदगी बचाने के लिए बड़े और नामी अस्पतालों का रुख करते हैं या फिर कहे उन्हे छोटे अस्पताल से बड़े सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। लेकिन इन बड़े अस्पतालों में मरीजों को सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाने का जरिया समझा जाता है। रेफर करने वाले छोटे अस्पतालों और डाक्टरों को कमीशन देकर ये बड़े अस्पताल मरीजों को अपने यहां रेफर कराते हैं और फिर इलाज, सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट के नाम पर उनसे भारी-भरकम कमाई करते हैं।

कोबरा पोस्ट के स्टिंग में फोर्टिस, मेट्रो, यशोदा, कोलंबिया, मैक्स, अपोलो, नानावती समेत दर्जनों अस्पताल हुए नंगा

कोबरा पोस्ट वाले अनिरुद्ध बहल की टीम ने इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जबरदस्त स्टिंग आपरेशन किया है. इस स्टिंग ने कई बड़े नामी गिरामी अस्पतालों के चेहरे से नकाब उतारने का काम किया है. प्राइवेट अस्पताल वाले मरीज रिफर करने पर किस तरह डाक्टरों और छोटे अस्पतालों को अच्छा खासा कमीशन देते हैं, यह स्टिंग आपरेशन का हिस्सा है. यह कमीशन मरीज के मत्थे मढ़ा जाता है. कोबरा पोस्ट की तरफ से इस स्टिंग को लेकर जारी प्रेस रिलीज इस प्रकार है…

स्वाइन फ्लू को जानें और इससे ऐसे बचें

स्वाइन फ्लू। जैसा कि नाम से बिदित है यह सूअरों से मनुष्य तक संक्रमित होने वाला रोग है| यह वायरल डिजीज है जिसका आउटब्रस्ट नम बरसाती मौसम में होता है| इस रोग का कारक एच1 एन1 वायरस है, यह दुनिया के हर उस हिस्से में हो सकता है| जहां बारिश हरियाली लेकर आती है वही कूड़े-करकट का निस्तारण ना हो पाने से गंदगी का अंबार भी लगता है और वहां सूअर भी अपना भोजन खोजने भटकते रहते हैं। ऐसे में वो संक्रमित होते हैं जिनसे यह वायरस मनुष्य तक पहुंच सकता है| बाद में मनुष्य स्वयं ही इस एपिडेमिक का वाहक बन जाता है|

झूठी खबर छापने वाला दैनिक जागरण थूकने के बाद फौरन चाटने लगता है!

Yashwant Singh : सुबह सुबह एक फोन आया. आवाज आई- मैं मनीष राय बोल रहा हूं, मऊ से. मैंने कहा- बोलिए. मनीष जी ने अपना परिचय दिया और जो कुछ बताया उसे सुनकर मैं सन्न रह गया. आखिर दैनिक जागरण जैसे बड़े अखबार अगर इस तरह की गिरी हरकत और गैर-जिम्मेदार हरकत करेंगे तो इस देश में मीडिया की बची खुची प्रतिष्ठा में खत्म हो जाएगी. मनीष एक जमाने में पत्रकार हुआ करते थे. फिर वह राजनीति में आ गए और ब्लाक प्रमुख बन गए. इसके बाद उन्होंने एक ट्रामा सेंटर खोला. दैनिक जागरण में उनके ट्रामा सेंटर से संबंधित खबर छपी कि वहां मरीज की किडनी निकाल ली गई.

सिजेरियन का सच

Ila Joshi : जब तक सिजेरियन तरीके से प्रसव कराने की तकनीक हमारे देश में नहीं थी, या कहना चाहिए कि जब तक ये तरीका बेहद आम नहीं बना था तब तक नॉर्मल डिलीवरी को लेकर जितनी आशंकाएं डॉक्टर आज आपको गिनाते हैं ये लगभग नामौजूद ही थीं। सिजेरियन डिलीवरी से जुड़ी डिलीवरी के बाद की कॉम्प्लिकेशन के बारे में अगर आप अंजान हैं तो ज़रूर पढ़ लें क्योंकि ये फेहरिस्त बेहद लम्बी है।

नेपाल में बाबा रामदेव के छह प्रोडक्ट लैब टेस्ट में फेल, हटाने के निर्देश

बाबा से व्यापारी बने रामदेव की दिव्य फार्मेसी के 6 उत्पादों को नेपाल सरकार ने बाजार से हटा लेने के निर्देश जारी किये हैं. इस बाबत बाकायदा अख़बारों में नोटिस निकालकर इन्हें बेचने पर रोक लगाई गई है. वज़ह है इन प्रोडक्ट्स का जीवाणु टेस्ट में असफल होना. इससे पहले भारत में भारतीय सेना के लैब टेस्ट में रामदेव के प्रोडक्ट फेल होने से सेना ने अपनी कैंटीन से प्रोडक्ट्स हटा लिए थे और बिक्री पर रोक लगा दी थी.

भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की योगी सरकार की नीति को मुंह चिढ़ाता एक सरकारी अस्पताल

प्रदेश भर में चल रहे राजकीय आर्युवेदिक और यूनानी चिकित्सालय न सिर्फ बदहाल हैं बल्कि लूट के अड्डे बने हुए हैं। इन अस्पतालों में दसकों से तैनात चिकित्सक और कर्मचारी दलाली की मलाई काट रहे हैं। इन अस्पतालों को दवा आपूर्ति से लेकर अन्य सुविधाओं के नाम पर मिलने वाले करोड़ो का बजट किसके पेट में जा रहा है, ये इन अस्पतालों में जाकर वहां के हालात और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को देखकर समझा जा सकता है। जौनपुर के शाहगंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय इन दिनों बाबू, डाक्टर और कर्मचारियों की मिलीभगत से खुली लूट का केन्द्र बना हुआ है। दवाओं की आपूर्ति से लेकर अन्य मामलों में यहां बड़ी खामियां है। यहां मरीजों का कल्याण सिर्फ कागजों पर हो रहा है।

बसपा से भाजपा में गये और फिलहाल आयुष मंत्री बने धर्म सिंह सैनी के साथ कई किस्म के आरोपों से घिरा बाबू इशरत हुसैन (चश्मे में, तीर से निशान बना हुआ है)।

किंगजार्ज मेडिकल कॉलेज के भ्रष्टाचारी कुलपति डा. रविकांत को हटना पड़ा

किंगजार्ज मेडिकल कॉलेज के निवर्तमान कुलपति डा0 रविकांत के खिलाफ चल रही मेरी भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई में आखिरकार मुझे विजय प्राप्त हुई। राजनैतिक शक्तियों से समृद्ध कुलपति डा0 रविकांत ने सत्ता संरक्षण में केजीएमसी को जिस तरह से लूट का अड्डा बना दिया था, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। मरीजों की कैंटीन से लेकर दवाओं की खरीदी और उपकरणों व बेड की खरीदी से लेकर, कंप्यूटर खरीद और भर्तियों में जिस तरह से मनमानी व भ्रष्टाचार किया गया, वह डरावना है।

जिनकी किस्मत खराब होती है उनको सबसे ज्यादा कैंसर का खतरा!

क्यों कैंसर कभी किसी ऐसे शरीफ आदमी को भी हो जाता है जिसने जीवन में न कोई नशा किया और न ही जीवनशैली गड़बड़ रखी. कई बार जो बहुत सारी बुरी आदतें पाले रहते हैं, उन्हें ताउम्र कैंसर नहीं होता. इस उलटबांसी का जवाब अब मिल गया है. आप मानें या न मानें, कैंसर असल में आपकी किस्मत पर निर्भर करता है. ये किस्मत कनेक्शन वाली बात किसी ओझा, सोखा, फकीर या मुल्ला-पंडित ने नहीं कही. इसे वैज्ञानिकों ने लंबे रिसर्च के बाद साझा किया है. इस रिसर्च में बताया गया है कि जब कोशिकाएं विभाजित होती हैं तो उस वक्त डीएनए में होने वाले आकस्मिक बदलाव या गलतियां ही इंसानों में होने वाले दो तिहाई कैंसर की वजह होती है.

काक्रोच क्लब आफ इंडिया में तब्दील हो गया पीसीआई! (देखें वीडियो)

प्रेस क्लब आफ इंडिया को अगर काक्रोच क्लब आफ इंडिया भी कह लें तो कोई बुरा न मानेगा क्योंकि एक तो वैसे ही होली नजदीक है और दूजे प्रेस क्लब की टेबल पर सरेआम काक्रोच घूमते टहलते और आपके खाने में मुंह मारते मिल जाएंगे. सबकी दुर्व्यवस्था की खोज खबर रखने वाले पत्रकारों के अपने ही क्लब का क्या हाल है, इसे देखने लिखने वाला कोई नहीं.

दृष्टांत मैग्जीन के जलसे में लखनऊ पहुंचे यशवंत सेहत बनाने में जुटे (देखें वीडियो)

लखनऊ से प्रकाशित होने वाली खोजी पत्रिका ‘दृष्टांत’ के 15 बरस पूरे होने के जलसे में अनूप गुप्ता भाई ने मुझे लखनऊ बुलाकर होटल कंफर्ट इन के जिस 101 नंबर के कमरे में ठहराया, उसके ठीक बगल में जिम था. जीवन में कभी जिम नहीं गया. ज्यादा या कम कभी जरूरत महसूस हुई तो घर बाहर पार्क दुआर खेत में ही कहीं बंदर की तरह कूदफांद भाग कर, रामदेव स्टाइल में फूं फां कर एक्सरसाइज कर लिया. जेल प्रवास के दौरान कई किस्म के एक्सरसाइज एक बंदी योग गुरु ने सिखाए थे, जिसे बाहर के जीवन में अक्सर आजमा लिया करता हूं. इस तरह जिम जाने की नौबत नहीं आई.

वित्त मंत्री को ठेंगा दिखाते हुए मेदांता हास्पिटल चेक से पेमेंट नहीं ले रहा (सुनें टेप)

अरुण जेटली हैं देश के फायनांस मिनिस्टर। वे रजत शर्मा के एक शो में कहते हैं कि देश के सभी निजी मेडिकल हॉस्पिटल चेक लेने के लिए बाध्य हैं। लेकिन मेदांता अस्पताल वाला कहता है कि चेक नहीं लेंगे। अपोलो वाला कहता है कि जब तक चेक क्लीयर नहीं हो जाता, आपका पेशेंट भर्ती रखना होगा.

बस्तर की बूटी से जर्मन कंपनी बनाएगी अल्जाइमर की दवा

बस्तर की रहस्यमयी बूटी से जर्मनी की कंपनी ऐसी दवा बनाएगी जिसे खाने के बाद आपका दिमाग आइंस्टाइन जैसा हो जाएगा। यानि, इसके बाद आप कभी कुछ भी जरूरी जानकारी नहीं भूलेंगे। हम जिन बूटियों की बात कर रहे हैं, इसका उपयोग लाइलाज बीमारी अल्जाइमर की दवा बनाने के लिए किया जाएगा। यह ऐसी बीमारी है, जिसमें इंसान उम्र बढऩे के साथ याददाश्त खोने लगता है। जर्मनी के वैज्ञानिकों को इस बीमारी के निरोधक तत्व की खोज जिन जड़ी-बूटियों में की वह उन्हें बस्तर में मिली है।

ब्रेन-हैमरेज के अटैक से उबर रहे वरिष्ठ पत्रकार जयनारायण प्रसाद

लाये गये अपने कर्मनगर कोलकाता…  दो हफ्ते पहले शिरडी में घातक मस्तिष्काघात झेलने के बाद जनसत्ता-कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार जयनारायण प्रसाद अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं. नासिक अपोलो अस्पताल में हालत सुधरने के बाद उन्हें दो दिन पहले भतीजे फ्लाइट से कोलकाता ले आये. अब यहां न्यूरो सर्जन और फिजियोथेरपिस्ट की मदद से उन्हें सामान्य हालत में लाने की कोशिश हो रही है. रविवार (06.11.2016) शाम कोलकाता के खिदिरपुर बाबू बाज़ार स्थित उनके घर जाने पर हालचाल जाना. उनमें हो रहा सुधार देख कर तसल्ली हुई. उठ, बैठ व चल पा रहे, सबको पहचान रहे, नित्यक्रिया में समर्थ हो गये हैं, धीमी आवाज़ में बात कर पा रहे, लेकिन रह-रह कर इष्ट-मित्रों को पास देख सुबक पड़ते हैं, जैसे उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि नियति के क्रूर वार से वह साफ बच निकले हैं.

कैंसर की नई दवा के परीक्षण में जुटे गाजीपुर के डाक्टर एमडी सिंह का कवि रूप (देखें वीडियो इंटरव्यू)

Yashwant Singh : गाज़ीपुर जिले के मशहूर चिकित्सक डॉक्टर मुनि देवेंद्र सिंह उर्फ एमडी सिंह के कवि रूप को उनके ही जिले के बहुत कम लोग जानते होंगे। इस बार गाज़ीपुर प्रवास की उपलब्धि रहे DR. MD SINGH जी. आधे घंटे तक उनसे विस्तार से बातचीत हुई और पूरी बातचीत को मोबाइल में रिकार्ड किया. इस इंटरव्यू में एक डॉक्टर को कैसा होना चाहिए और संवेदनशीलता किस तरह शब्दों में ढलकर व्यक्ति को कवि बना देती है, इसके बारे में बताया डाक्टर एमडी सिंह ने.

यूपी में जंगलराज : जेल के चिकित्साधिकारी को क्यों है मौत का अंदेशा, पढ़िए पूरा पत्र

सेवा में
महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
महानिदेशालय स्वास्थ्य भवन लखनऊ उ.प्र.
विषय – हत्या से पूर्व का बयान
महोदय

सविनय निवेदन है कि मैं जिला कारागार फिरोजाबाद में चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात हूँ। मैं डायबिटीज का मरीज़ हूँ और सुबह-शाम इन्सुलिन लेता हूँ। जनवरी 2016 में जब मैं नवीन प्रा. स्वास्थ्य केंद्र इटौली पर तैनात था, तब मुझे पैनिक एंग्जायटी की समस्या हो गई थी। ढाई महीने तक नियमित दवा लेने और 21 फरवरी से 22 मार्च तक स्वास्थ्य लाभ हेतु अर्जित अवकाश लेने के बाद में पूरी तरह ठीक हो गया।

अपने बीमार पत्रकार को नौकरी से निकालने की तैयारी में दैनिक जागरण!

बामारी से जूझ रहे पत्रकार राकेश पठानिया

गेट वैल सून या गेट ऑऊट सून? : खुद को देश का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला हिंदी अखबार होने का दावा करने वाले दैनिक जागरण के प्रबंधन की संवेदनहीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ओर उनके सबसे पुराने पत्रकारों में से एक और प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा (जहां जागरण का प्रिंटिंग यूनिट और हिमाचल संस्करण का मुख्य कार्यालय भी मौजूद है) के ब्यूरो प्रभारी गंभीर बीमारी से लड़ रहे हैं, वहीं प्रबधन ने उनको चलता करने के पैंतरे आजमाने शुरू कर दिए हैं। प्रबंधन उनको गेट वेल सून कहने की जगह गेट आऊट सून की तैयारियों में जुट गया है।

घबराइये कि आप उत्तर प्रदेश में हैं…

संक्रामक बीमारियों का मौसम है इसलिए मुस्कराइये नहीं, बल्कि घबराइये…. क्योंकि आप लखनऊ में हैं। मैं खुद भी तब से बहुत ज्यादा घबराने लगा हूँ, जब दो साल पहले मुझे एक रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। यहाँ समूची व्यवस्था चरमराई हुई है। जब तक आपका वास्ता यहाँ के अस्पताल, थाने, कोर्ट जैसी मूलभूत जरूरतों वाली संस्थाओं और उनके तथाकथित रखवालों यानी डॉक्टर, पुलिस या वकील से नहीं पड़ता तब तक आपको भी मेरी ही तरह शायद यही गुमान होगा कि हमारे लिए सरकार और प्रशासन ने बहुत कुछ इंतेजाम कर रखे हैं।

कोई पुरुष दिनभर में 5 बार से ज्यादा चाय पीता है तो उसे प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका!

Aaku Srivastava : कई लोग चाय को अपना लाइफ मान लेते हैं। उसके बिना वह अपने बेड से एक कदम बाहर नहीं रखते है। यहां तक कि अपनी आंखे भी नहीं खोलते हैं। इसका नाम सुनते ही हमारी आधी नींद खुल जाती है। सुबह-सुबह एक कप चाय मिल जाएं तो आपका पूरा दिन बन जाता है। दिन भर की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमें स्फूर्ति मिल जाती हैं। लेकिन शायद आपको यह बात नहीं पता है कि सुबह-सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से आपके शरीर के लिए कितना नुकसान दायक हैं। जानिए इसका सेवन करने से आपको क्या नुकसान हैं।

वरिष्ठ पत्रकार अनूप भटनागर की किडनी ट्रांसप्लांट, एम्स में अब भी चल रहा इलाज

कई अखबारों में वरिष्ठ पद पर काम कर चुके दिल्ली के पत्रकार अनूप भटनागर की किडनी पिछले दिनों सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट कर दी गई. एम्स में भर्ती अनूप भटनागर हाल फिलहाल पीटीआई से जुड़े रहे. उनके इलाज में लगभग दस बारह लाख रुपये खर्च आए. पीटीआई भाषा के साथियों ने चंदा करके तीन चार लाख रुपये अनूप को दिए. प्रेस क्लब आफ इंडिया की तरफ से भी पच्चीस तीस हजार रुपये दिए गए. अनूप भटनागर अब भी एम्स में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है. 

Story of a Father who lost his 10 year Child Yash arora in Medanta The Medicity

Sir,

i am Pankaj arora from Rudrapur Uttrakhand father of victim (Master Yash Arora age 10year) who died due to negligence in Medanta The Medicity & who had provided subsidized treatment by recomandation of ex CM Haryana Hon B.S. Hudda due to my week financeal condition conceqence of the accused provided sub standard post liver transplant care to my child i.e …

Medanta- The Medicity or The Murdercity!

Today i would lyk to post on behalf of my DAD Jagjit Sandhu (who is no more with us) the reality of the so called Asia’s number 1 hospital Medanta- The Medicity, or The Murdercity. This post won’t bring my dad back, bt a lil relief to his soul. As a loving daughter it’s really hard to dictate what our family went through.

Interesting fact to prevent Dengue by using simple tips

: Dengue cases increasing day by day in Delhi : With alarming number reported in the month of August itself Dengue today is posing a huge threat. We all are aware that Dengue is caused by mosquitoes; we can surely take some corrective measures to stop them from breeding and safeguard our self. Also there are lot of repellents like coil, gel, cream, etc available in the market which we use regularly but its excess use can be harmful for us, especially for our children. Lets understand what makes an repellent and how we can avoid excess use of them….

कंपनियों के हवाले बीमार स्वास्थ्य सेवा : 86 फीसदी ग्रामीण और 82 फीसदी शहरी आबादी के पास इलाज का कोई इंतजाम नहीं

सस्ती दवाएँ बनने के बाद भारत को ‘गरीब देशों की दवा की दुकान’ कहा जाने लगा क्योंकि यहाँ से एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिकी देशों में सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। सबसे बड़ी त्रासदी है कि देश का 60 फीसदी तबका दवाओं से वंचित है। बदले हालातों में भारतीय कम्पनियाँ दवाओं के निर्माण की बजाय सिर्फ व्यापार में लिप्त हैं जिससे चीन का दवा बाजार पर कब्जा बढ़ा है। हाल में आयी एनएसओ की रिपोर्ट के मुताबिक गाँवों की 86 फीसदी तथा 82 फीसदी शहरी आबादी के पास इलाज का कोई इन्तज़ाम नहीं होता है। इनके लिए न तो सरकारी योजना है और न ही कोई निजी स्वास्थ्य बीमा। पूरा जीवन भगवान भरोसे गुजरता है।

योग का नया तरीका “एरियल योग”

योगपैथी, योग मेडिटेशन “द योग चक्र’ सेंटर दिल्ली में पहली बार योग की नई तकनीक ‘एरियल योग हैं, जो स्वास्थ्य के साथ-साथ शरीर को सुंदरता भी प्रदान करती है। योग गुरु कविता और मनीषा ने कहा की हाल ही में प्रदर्शित हुई हिन्दी फिल्म ‘हैपी न्यू ईयर’ में दीपिका पादुकोण ने लवली गीत में एरियल योग का ही प्रदर्शन किया था। इससे शरीर में लचकता के साथ-साथ कई बीमारियों से छुटकारा भी मिलेगा। 

नई तकनीक से घुटने-कूल्हे के ट्रांसप्लांट की उम्र तीन गुना तक बढ़ाना संभव

घुटने और कूल्हे के ट्रांसप्लांट की एक नयी तकनीक आई है, जिसकी मदद से लगाये गए ट्रांसप्लांट की उम्र तीन गुना तक बढ़ाई जा सकती है. इस नयी टेक्नोलॉजी की जानकारी आर्थोपेडिक एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डा. रमणीक महाजन ने दी. डॉक्टर महाजन ने ये जानकारी नवीं एशिया पैसिफिक हिप और घुटना  संगोष्ठी “द ग्रेट एक्सपेक्टेशन २०१५” के दौरान दी. संगोष्टी के दौरान डॉक्टर महाजन ने लगभग ३०० डॉक्टरों को सम्बोधित करते हुए इस नयी तकनीक के बारे में विस्तार से बताया।

7 स्टार हास्पिटल Medanta Medicity में बहुत ही घटिया एकदम third class खाना मिलता है!

Ajit Singh :  अभी outlook पत्रिका के आखिरी पन्ने पे किन्ही भाईचंद पटेल साहब का संस्मरण पढ़ा जो उन्होंने Medanta Medicity में अपने knee replacement के बारे में लिखा है। देश का सबसे महंगा 7 star हॉस्पिटल है भाया। अच्छा होना ही चाहिए। पर उसके भोजन की बड़ी आलोचना की है उन्होंने। बहुत ही घटिया एकदम third class बताते हैं। लेख पढ़ते मुझे दिल्ली के सफदरजंग hospital का अपना अनुभव याद आ गया। मुझे लगा की उसे आपके साथ शेयर करना चाहिए। सफ़दर जंग हॉस्पिटल में ही है Sports injury centre, दिल्ली सरकार का उपक्रम जिसकी स्थापना दिल्ली के common wealth games के दौरान हुई।

अफॉर्डेबल कीमत पर दो-तीन महीनों में मिलेगी हेपेटाइटिस सी की नई दवा सॉवैल्डी!

(स्वामी मुकेश यादव)


Mukesh Yadav : सॉवैल्डी (Sovaldi) यानी Sofosbuvir (केमिकल नाम) को क्रोनिक हेपेटाइटिस सी (एचसीवी) के उपचार में चमत्कारिक दवा बताया जा रहा है। अमेरिका की दवा निर्माता कंपनी जिलैड साइंसेज ने यह दवा तैयार की है। इस दवा से एचसीवी (जेनोटाइप 1, 2, 3 और 4) पूरी तरह क्योरेबल बताया जा रहा है। एचसीवी का यह पहला, ऑरल ट्रीटमेंट रेजीम (सिर्फ खाने की दावा से इलाज) है; इंजेक्शन की ज़रूरत नहीं होगी! इसके तहत अमूमन रोगी को 12 सप्ताह (उपचार की अवधि इन्फेक्शन की इंटेंसिटी पर निर्भर करती है) तक बस एक टेबलेट रोज खानी होती है। अमेरिका में यह दवा पिछले साल ही बाजार में उपलब्ध हो गई थी। हालांकि दवा की कीमत वहां आश्चर्य जनक रूप से महंगी है। सॉवैल्डी की सिर्फ एक गोली $1000 यानी करीब 62 हजार की है! 12 सप्ताह का कोर्स $84000 है!

मुंह में रखा गुटखा, तंबाकू कहां गायब हो जाता है?

मैं ऐसे बहुत से लोगों से मिलता हूं जिन्हें लगता है कि अगर वे धूम्रपान नहीं कर रहे हैं, बीड़ी-सिगरेट को छू नहीं रहे हैं तो एक पुण्य का काम कर रहे हैं…फिर वे उसी वक्त यह कह देते हैं कि बस थोड़ा गुटखा, तंबाकू-चूना मुंह में रख लेते हैं…और उसे भी थूक देते हैं, अंदर नहीं लेते। यही सब से बड़ी भ्रांति है तंबाकू-गुटखा चबाने वालों में.. लेकिन वास्तविकता यह है कि तंबाकू किसी भी रूप में कहर तो बरपाएगा ही। जो तंबाकू-गुटखा लोग मुंह में होठों या गाल के अंदर दबा कर रख लेते हैं और धीरे धीरे चूसते रहते हैं, इस माध्यम से भी तंबाकू में मौजूद निकोटीन एवं अन्य हानिकारक तत्व मुंह की झिल्ली के रास्ते (through oral mucous membrane)शरीर में निरंतर प्रवेश करते ही रहते हैं।

देश में स्वास्थ्य चिंतन को बढ़ावा देगी वेबसाइट ‘स्वास्थ्य न्यूज’

SwB1

गांधी जयंती के अवसर पर एक ओर जहां सरकार स्वच्छ भारत की बात कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ नागरिक समाज ने पहल करते हुए ‘स्वास्थ्य न्यूज’ पोर्टल लॉन्च किया है। मुंबई स्थित प्रेस क्लब में www.swasthbharat.in न्यूज वेब पोर्टल का लोकार्पण दैनिक दबंग दुनिया के संपादक अभिलाष अवस्थी की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य अतिथि थे गौ भक्त फैज़ खान।