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उत्तर प्रदेश

दैनिक भास्कर के हरदोई ब्यूरो समेत 7 पत्रकारों पर मुकदमा, गोल्ड और कैश चोरी मामले में ऐसी खबर चलाई कि युवक पंखे से लटककर मर गया

हरदोई | उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में बड़ा मोड़ आया है। युवक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर हरदोई कोतवाली पुलिस ने दैनिक भास्कर के पत्रकार फैजी खान सहित सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मामला अतुल ज्वैलर्स से जुड़े 21 किलो सोना गायब होने की घटना से जुड़ा है, जिसमें पुलिस जांच के बाद नाम सामने आने से पहले ही कई मीडिया संस्थानों द्वारा अरविंद गुप्ता नामक युवक को आरोपी के रूप में प्रस्तुत किया गया। परिजनों का कहना है कि अरविंद इस झूठी खबर से बेहद आहत था और इसी मानसिक दबाव में उसने 27 मई को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।

आरोपित पत्रकारों में शामिल हैं:-

  1. फैजी खान (दैनिक भास्कर)
  2. उमेद खान (सोशल मीडिया)
  3. आलोक श्रीवास्तव (A9 सांग)
  4. मयंक टंडन (बाहुबली न्यूज़)
  5. राजेश करनपुर (स्वराजिनी न्यूज़)
  6. अमित त्रिवेदी (तेजस्व टूडे हिंदी दैनिक)
  7. रवि किशोर (जी टेन न्यूज़)

FIR में कहा गया है कि इन सभी ने बिना पुष्टि किए अरविंद गुप्ता का नाम प्रमुखता से चलाया और सोशल मीडिया पर भी इसे फैलाया गया, जिससे उसकी सामाजिक छवि को ठेस पहुंची और वह अवसाद में चला गया।

पुलिस ने मामले में धारा 306 IPC (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में मोबाइल नंबर 8174426733 का भी उल्लेख है, जिस पर अंतिम बार कॉल किया गया था।

देखें एफआईआर की प्रति…

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1 Comment

1 Comment

  1. Uvaid Khan

    June 2, 2025 at 2:23 pm

    जिसने भी आपको खबर दी वो बिल्कुल आधी अधूरी दी है, पूरी जानकारी के तौर पर आपको बता दे कि हमारा जो FIR में नाम डाला गया है वो पुलिस और पत्रकारों के सिंडिकेट ने मिलकर डलवाया है, चूंकि मृतक अरविंद गुप्ता की डेडबॉडी रिकवर होने के बाद हमने दिन में 11:39 पर खबर चलाई फिर भी हमारा नाम दूसरे नंबर पर शामिल कर दिया जोकि पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़ा करता है, क्या हमारी खबर का इंतजार किया जा रहा था कि उवैद खबर चलाए और फिर FIR दर्ज कराई जाए। इसमें पुलिस और पत्रकारों ने मिलकर टारगेटेड नाम शामिल कराया है, जोकि शर्मनाक है। सिर्फ दादा लोगों को नमस्कार न करना और उनसे पहले खबर चला देना ये उनके लिए नाकाबिले बर्दाश्त है, इसलिए मेरा नाम डलवा दिया। कथित पत्रकार दीपक गुप्ता ने तो हद ही खत्म कर दी मेरी खबर चलने के तुरंत बाद मुस्लिम नाम देखकर फैजी और मेरा नाम चला दिया। उसने ऐसा प्रदर्शित किया कि हमने मृतक अरविंद गुप्ता से कहा कि फांसी लगाकर आत्महत्या कर लीजिए। इसने हमारी साख पर बट्टा लगाने का काम किया है और 8 साल के साफ सुथरे करियर को बर्बाद करने की कोशिश की। सबसे बड़ी बात ये है कि मेरी खबर चलने से 4 घंटे पहले जिसकी मौत हो चुकी थी वो मेरी खबर कैसे पढ़ सकता है। क्या मेरी खबर स्वर्ग से आकर मुर्दे भी पढ़ते है ये मैंने पहली बार FIR दर्ज हो जाने के बाद जाना है..
    फिलहाल कोर्ट जो फैसला करेगा उसे हम सभी मानेंगे।

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