लखनऊ। अमृत विचार अखबार में कार्यरत रहे अकाउंटेंट मनोज कुमार चतुर्वेदी ने अखबार प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मनोज ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना और कारण के अचानक नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि उन्होंने संस्थान में पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया था।
गोंडा जिले के बखरौली गांव निवासी मनोज कुमार चतुर्वेदी की नियुक्ति 17 सितंबर 2024 को अमृत विचार के अयोध्या एडिशन में अकाउंटेंट पद पर हुई थी। हालांकि उन्हें अयोध्या भेजने की बजाय लखनऊ कार्यालय में अयोध्या और लखनऊ, दोनों एडिशनों का कार्यभार संभालने को कहा गया। मनोज का कहना है कि उन्होंने सभी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाया, लेकिन जब उन्होंने MIS सॉफ्टवेयर में चल रही गड़बड़ियों और दोहरी वसूली (बिलिंग एक ही किया जाता था लेकिन वसूली दोबारा किया जाता था) जैसे घोटालों की जानकारी प्रबंधन को दी, तो उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा।
पत्र में आरोप है कि IT हेड हरिओम गुप्ता और CO पार्थो कुनार ने पहले उन्हें बरेली बुलाकर सफाई देने को कहा और बाद में धमकाया कि “अगर ज्यादा खामियां निकालोगे तो नौकरी नहीं बचेगी।” इसके कुछ दिन बाद, बिना किसी लिखित सूचना के मनोज को ऑफिस से बाहर कर दिया गया। उनके मुताबिक, लखनऊ कार्यालय के जनरल मैनेजर त्रिनाथ शुक्ल और HR अरुण तिवारी ने उन्हें ऑफिस बुलाकर उनके कंप्यूटर से CPU निकलवा दिया और सार्वजनिक रूप से अगली सुबह आने से मना कर दिया।
मनोज ने कहा कि उन्होंने कंपनी के एमडी डॉ. केशव अग्रवाल और डॉ. वरुण अग्रवाल को सॉफ्टवेयर घोटाले की जानकारी दी थी, जिसके बाद IT हेड और CO ने उन्हें कंपनी से हटवा दिया। वह लखनऊ में रहकर पढ़ाई भी कर रहे हैं और घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। ऐसे में इस अचानक निकाले जाने से उन्हें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री से भेजे पत्र में मनोज ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उन्हें पुनः बहाल किया जाए, और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही लेबर कानून के तहत तीन महीने की तनख्वाह दिलाई जाए, जिससे वह वर्तमान संकट से उबर सकें।
मनोज ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगो पर विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी हरिओम गुप्ता और पार्थो कुनार पर होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे सभी दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने को तैयार हैं।
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