अंबरीश कुमार-
अंग्रेजी पत्रिका ‘मेनस्ट्रीम’ के संपादक सुमित चक्रवर्ती ने कोलकाता में कल रात को 10-45 को आखिरी सांस ली. सुमितबाबु पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ होने की वजह से उनके परिवार वाले उन्हें दिल्ली से कोलकाता ले गए थे. बीच में एक बार मैंने फोन किया था. तो गार्गी दी ने फोन उठाया था. और कहा था कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है. कृपया आप प्रार्थना किजिये.

मैं मेनस्ट्रीम और ईपीडब्ल्य को विद्यार्थी जीवन से ही देखता था. और इन दोनों पत्रिकाओं को देखकर लगता था कि यह दोनों पत्रिकाओं को वर्गविहिन समाज वाले लोगों ने एक विशेष वर्ग के लिए ही इन्हें चलाने का मन बना लिया है. जिसमें अपने जैसे किसान परिवार से आए हुए लोगों को उन्हें देखने के अलावा और कोई जगह नहीं है.
लेकिन 1 जनवरी 2018 के दिन भिमाकोरेगांव मे हूऐ दंगे के बाद. मैंने राष्ट्र सेवा दल की तरफ से उस घटना की एक. हफ्ते के भीतर जांच की थी. और तुरंत जांच रिपोर्ट को कुछ मित्रों को भेज दिया था. उसके बाद तुरंत सुमित चक्रवर्ती जी का फोन आया था कि आपकी इजाजत हो तो मेनस्ट्रीम में यह रिपोर्ट छापना चाहता हूं. मन-ही-मन में मैनें सोचा, नेकी और पूछ- पूछ. मैंने तुरंत ही कहा कि “इस रिपोर्ट में से कुछ भी काटछाट किए बगैर छापना है, तो छापिए. तो उन्होंने कहा कि “हां छापेंगे” लेकिन दूसरे दिन उन्होंने फिर से फोन करके पुछा की “कोरेगांव की जगह पर भिमाकोरेगाव क्यो? “मैने कहा कि” सातारा जिले में भी एक कोरेगांव है. और यह भिमाकोरेगांव पुणे जिले में है. और इस गांव के बगल से भिमा नदी बहती है. इसलिए इसके नाम को भिमाकोरेगांव के नाम से जाना जाता है.
“तो उन्होंने तुरंत कहां की” ठीक है मैं अब समझ गया.” और 23 जनवरी 2018 के प्रजासत्ता के विशेषांक में भिमाकोरेगांव दंगे की रिपोर्ट शब्दशः छापी गई. उसके बाद मुझे पुणे के वकील मित्रों से फोन आया की भिमाकोरेगांव की मेनस्ट्रीम में छपी रिपोर्ट को मुंबई हाईकोर्ट में भिमाकोरेगांव केस मे कोट किया गया है.” और उसके बाद केस जब सर्वोच्च न्यायालय में गया, तो वहां न्यायमूर्ती चंद्रचूड ने अपने डिसेंट जजमेंट मे शब्दशः कोट किया है.
यह सिर्फ सुमितबाबु द्वारा मेनस्ट्रीम में छापने की वजह से संभव हुआ है. उसके बाद अबतक मेरे दर्जनों लेख मेनस्ट्रीम में उन्होंने छापे हैं. और अब हर्ष कपूर कभी-कभी छाप रहे हैं. विनम्र श्रद्धांजलि.
सुरेश खैरनार-
Message shared by Mr Y S Gill_
This is to inform you with grief that Noted journalist and editor of Mainstream, Sumit Chakraborty took his last breath at 10:45 pm yesterday, 27th July, 2025 at Kolkata. He was ailing for a while and had shifted from Delhi to Kolkata to be at with his family and friends.
He was the son of eminent leaders of CPI Comrade Renu Chakraborty & Comrade Nikhil Chakraborty. Sumit Chakraborty was the partner of Com Gargi Chakraborty, veteran leader of NFIW & CPI.
Our heartfelt condolences to Comrade Gargi Di.


