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उत्तर प्रदेश

उर्जा मंत्री एके शर्मा का बड़ा बयान, लिखा- मेरे पास एक JE के ट्रांसफर की पावर नहीं!

ज्ञानेंद्र शुक्ला-

यूपी में बिजली व्यवस्था बेहाल होने से जनता में व्यापक नाराजगी है! सर्वाधिक सवालों के गोले ऊर्जामंत्री की ओर ही दागे जा रहे हैं, अब सार्वजनिक तौर से जवाब देकर उन्होंने अपना पक्ष रखा है!!

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर AK Sharma Office हैंडल से शर्मा जी के खिलाफ सुपारी लेकर साजिश रचने का आरोप लगाया है, पोस्ट में ये अहम बिंदु उठाए गए हैं-

  • निजीकरण जैसे बड़े फैसले अकेले ऊर्जा मंत्री के नहीं हो सकते। मंत्री जब एक जूनियर इंजीनियर (JE) का ट्रांसफर तक नहीं करता, तो इतना बड़ा फैसला कैसे कर सकता है?
  • निजीकरण का फैसला मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स और राज्य सरकार की इजाजत के तहत हुआ है। फिर भी कुछ लोग जान-बूझकर एके शर्मा को निशाना बना रहे हैं।
  • जलनखोर लोग एके शर्मा के खिलाफ एकजुट हो गए हैं, लेकिन ईश्वर और जनता उनके साथ है। ऊर्जा मंत्री का एकमात्र लक्ष्य बिजली की बेहतर व्यवस्था और जनता की सेवा है।”जाको राखे साइयां” लिखकर पोस्ट को विराम दिया गया है!

अभिषेक उपाध्याय-

यूपी के बिजली मंत्री एके शर्मा के ऑफिस का सनसनीख़ेज़ बयान। मंत्री के पास एक JE के ट्रांसफ़र का भी अधिकार नहीं!!!

निजीकरण का पूरा निर्णय चीफ़ सेक्रेटरी की अगुवाई में!!

बयान का ज़रूरी हिस्सा पढ़िए-

“निजीकरण का इतना बड़ा निर्णय अकेला ए के शर्मा का नहीं हो सकता। जब एक JE तक का ट्रांसफ़र ऊर्जा मंत्री नहीं करता, तो इतना बड़ा निर्णय कैसे ऊर्जा मंत्री अकेले कर सकता है?

वर्तमान में यह पूरा निर्णय चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनाई गई टास्क फोर्स ले रही है। उसके तहत ही सारी कार्यवाही हो रही है।”

ऐसे में सवाल है कि क्या योगी आदित्यनाथ की पूरी सरकार चीफ़ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह ही चला रहे हैं और उनके आगे कैबिनेट मंत्री तक लाचार हैं!!!

ये कैसी व्यवस्था है सरकार? लोकतंत्र के भीतर सल्तनत कालीन राजदरबार!

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