नोएडा/लखनऊ। निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश सिंह से जुड़े दलालों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है। ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और दिल्ली समेत 5 जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई सोलर प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में की गई है।
मुख्य आरोपी: निकांत जैन
इस केस में कारोबारी निकांत जैन के ठिकानों पर ED की रेड हुई है। आरोप है कि उन्होंने आईएएस प्रकाश सिंह के प्रभाव का इस्तेमाल कर सोलर उद्योग से कमीशन मांगा था। यह डील लगभग 4 करोड़ रुपये की बताई जा रही है।
पूर्व CEO की भूमिका पर भी सवाल
इन्वेस्ट यूपी के तत्कालीन CEO अभिषेक प्रकाश की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने ही निकांत जैन को एक सोलर कंपनी से डील करने को कहा था।
रेड की मुख्य लोकेशन: ग्रेटर नोएडा, नोएडा, लखनऊ, दिल्ली और मेरठ
बड़ी बातें:
- सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर बड़े स्तर पर रिश्वतखोरी की आशंका।
- निकांत जैन पर IAS अफसर की मिलीभगत से सौदा तय कराने का आरोप।
- लखनऊ, मेरठ और एटा में केस दर्ज हैं।
- मोबाइल चैट्स और डिजिटल साक्ष्य भी ED के हाथ लगे हैं।
ED की यह छापेमारी निकांत जैन के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार मामलों और प्रकाश सिंह के साथ उनके संबंधों की जांच के तहत हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और नाम सामने आ सकते हैं।
उधर समाजवादी पार्टी मीडिया के एक्स हैंडल से इस खबर को शेयर कर लिखा गया है कि-
इस निलंबित IAS के संरक्षणदाता भाजपा नेता का नाम भी उजागर होना चाहिए, निलंबित IAS जो एक समय इस भाजपा सत्ताधारियों के आंखों का तारा था वो किस किस भाजपा नेता तक ये दलाली, भ्रष्टाचार की रकम पहुंचा रहा था ये भी जनता जानना चाहती है।
दरअसल भाजपा सरकार में सुनियोजित और संगठित तरीके से भयंकर भ्रष्टाचार हो रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी इसके संरक्षणदाता और जिम्मेदार हैं क्योंकि मुख्य कुर्सी पर वही बैठे हैं।



