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सुधीर चौधरी पर धोनी ने ठोका 100 करोड़ की मानहानि का केस, दो न्यूज़ चैनल और एक पूर्व IPS भी लपेटे में

खुशदीप सहगल-

चर्चित एंकर सुधीर चौधरी का 100 करोड़ के आंकड़े से कोई खास रिश्ता लगता है. 2012 में ज़ी न्यूज़ का संपादक रहते सुधीर चौधरी को उद्योगपति नवीन ज़िंदल से 100 करोड़ रुपए की उगाही के आरोप में 14 दिन तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भिजवा दिया था लेकिन बाद में ज़मानत पर रिहाई मिल गई.

हालांकि ये मामला दोनों पक्षों में सहमति होने के बाद अदालत के बाहर ही सुलटा लिया गया था.. अब फिर 100 करोड़ की रकम के लिए सुधीर चौधरी का नाम सुर्खियों में है. ये मानहानि का 11 साल पुराना मामला है जो किसी और ने नहीं बल्कि कैप्टन कूल यानी भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सुधीर चौधरी के साथ-साथ ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन, न्यूज़ नेशन नेटवर्क और पूर्व आईपीएस अधिकारी जी संपत कुमार पर ठोक रखा है.

धोनी के मुताबिक आईपीएल सट्टेबाज़ी (IPL Scam) घोटाले से उनका नाम ग़लत तरीके खींचा गया था. इसी वजह से धोनी ने 100 करोड़ रुपए हर्जाना दिलाने की मांग की है.

मद्रास हाईकोर्ट ने महेंद्र सिंह धोनी को राहत देते हुए सोमवार 11 अगस्त को 11 साल पुराने मानहानि (Defamation) के मामले में ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया. जस्टिस सीवी कार्तिकेयन ने धोनी की गवाही रिकार्ड करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर भी नियुक्त किया.

गवाही चेन्नई में किस जगह होगी ये मुकदमे के सभी संबंधित पक्षों की आम सहमति से निर्धारित की जाएगी. एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति इस लिए की गई क्योंकि हाईकोर्ट में आकर धोनी के गवाही रिकॉर्ड कराने से अव्यवस्था की संभावना हो सकती थी क्योंकि धोनी बड़े सेलेब्रिटी हैं.

इससे पहले धोनी की ओर से वकील पी आर रामन ने हलफनामा पेश किया गया. धोनी की ओर से कहा गया कि वो पूछताछ और जिरह के लिए इस साल 20 अक्टूबर से 25 दिसंबर के बीच उपलब्ध रहेंगे. धोनी की ओर से ऐसा कदम इसलिए उठाया गया कि मुकदमे की सुनवाई में और विलंब न हो. धोनी ने मुकदमा 2014 में दायर किया था लेकिन बचाव पक्ष की ओर लगातार कभी कोई तो कभी कोई दलील देकर राहत की मांग की जाती रही है. 2014 में जब उनका नाम IPL स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी जैसे गंभीर आरोपों से जोड़ा गया, तब उनका भी धैर्य जवाब दे गया.

यह आरोप न सिर्फ उनकी पेशेवर साख को चोट पहुंचा रहे थे, बल्कि उनकी वर्षों की मेहनत और ईमानदारी पर भी सवाल उठा रहे थे. आरोप के मुताबिक मिलीभगत करके वेबसाइट्स पर धोनी के खिलाफ़ झूठी खबरें प्रसारित और पोस्ट की गईं. धोनी के खिलाफ इस मुहिम में बाद में न्यूज नेशन नेटवर्क के भी शामिल होने का आरोप है. बाद में यह तक कहा कि धोनी को तमिलनाडु पुलिस ने तलब किया था, जो पूरी तरह से झूठ था.

दिसंबर 2023 में जस्टिस एसएस सुंदर और जस्टिस सुंदर मोहन की डिविज़न बेंच ने रिटायर्ड IPS अफसर जी संपत कुमार को कोर्ट की आपराधिक अवमानना के मामले में 15 दिन साधारण कारावास की सज़ा सुनाई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस सज़ा पर 2024 में रोक लगा दी.

बहरहाल, धोनी की ओर से दायर अवमानना मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद ये मामला एक बार फिर सुर्खियों में हैं. जहां तक पत्रकार सुधीर चौधरी का सवाल है तो वो फिलहाल करीब 15 करोड़ रुपए के सालाना कॉन्ट्रेक्ट पर सरकारी सेक्टर के डीडी न्यूज़ से जुड़े हैं और डीकोड नाम से अपना शो प्रेजेंट करते हैं.

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