उत्तराखंड – अंकिता भंडारी मर्डर केस में मीडिया रिपोर्टिंग पर BJP के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने गृह सचिव उत्तराखंड को चिट्ठी लिखी। इसमें 28 फेसबुक प्रोफाइल, 9 इंस्टाग्राम हैंडल, 8 यूट्यूब चैनल और 2 X हैंडल की लिस्ट दी है। इन प्लेटफॉर्म से दुष्यंत गौतम से संबंधित सामग्री हटाने और भविष्य के लिए ऐसी सामग्री का प्रसारण प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।-सचिन गुप्ता
फर्जी ऑडियो और दुर्भावनापूर्ण कंटेंट के जरिए छवि धूमिल करने की साजिश का दावा, कार्रवाई की मांग
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा के पूर्व सांसद दुष्यंत गौतम ने उत्तराखंड सरकार के गृह सचिव को एक औपचारिक शिकायती पत्र सौंपते हुए मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप फैलाए जाने का आरोप लगाया है।
दिनांक 25 दिसंबर 2025 को दिए गए इस पत्र में दुष्यंत गौतम ने कहा है कि वे एक सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और देशभर में उनकी एक लंबी सार्वजनिक पहचान रही है। पत्र में दावा किया गया है कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों ने आपराधिक साजिश के तहत एक फर्जी और मनगढ़ंत ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार की, जिसे मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
शिकायती पत्र में कहा गया है कि यह पूरा मामला सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसमें उनके सम्मान और प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से भ्रामक, अपमानजनक और झूठा कंटेंट फैलाया गया। दुष्यंत गौतम ने अपने पत्र में उन मीडिया संस्थानों, सोशल मीडिया पेजों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की एक सूची भी संलग्न की है, जिन पर इस कथित फर्जी सामग्री को प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई अकाउंट्स और चैनलों के माध्यम से इस सामग्री को आगे बढ़ाया गया। दुष्यंत गौतम ने गृह सचिव से अनुरोध किया है कि संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ चैनलों को ऐसे सभी कंटेंट हटाने का निर्देश दिया जाए और भविष्य में इस तरह की सामग्री के प्रसार पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने यह भी मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और जो लोग या संस्थान इस कथित आपराधिक गतिविधि में शामिल हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। पत्र के साथ संबंधित कंटेंट की डाउनलोडेड प्रतियां भी सबूत के तौर पर संलग्न किए जाने का उल्लेख किया गया है।
यह मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड के मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजरें सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
आज जबसे मेरा नाम दुष्यंत गौत्तम के द्वारा भेजे गए पत्र मे आया है मेरे बहुत सहयोगी मेरे साथ खडे हैं और बड़ी बात कि मेरे प्रदेश अध्यक्ष बड़े भाई Ganesh Godiyal जी मेरे साथ हैं इससे ज्यादा मुझे क्या चाहिए.. अंकिता बहन को न्याय दिलाना हमारा मकसद है, CBI जाँच की मांग हम करते हैं तो गलत क्या कर रहे हैं.. यदि किसी व्यक्ति पर आरोप लगे हैं और तथ्य भी हैं तो उन तथ्यों पर बात हो न कि सोशल मीडिया और मीडिया को धमकाने का काम हो.. जाँच एजेंसी का सहयोग करो और पाक साफ होकर जनता का सामना करो.. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग के लिए धन्यवाद.. मिलकर यह लड़ाई लड़ेंगे! -मधुसूदन


