सचिन गुप्ता-
उत्तराखंड– हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी का बड़ा आरोप! देहरादून से कुल 750 करोड़ की चोरी हुई। इसमें पैसा, ज्वैलरी और बेनामी प्रॉपर्टी के कागजात थे। ये माल ठेकेदार सुभाष त्यागी का था। उसने ED से बचने को देहरादून में डॉक्टर के यहां छिपाया था। विनय त्यागी को इस बात की जानकारी हुई। विनय और ठेकेदार की पुरानी रंजिश थी। इसलिए विनय ने पूरा माल चुराया और वो ED को सौंपने जा रहा था। रास्ते में ही देहरादून पुलिस ने विनय को पत्नी सहित दबोचा। सारा माल बरामद किया।
अब विनय को पेशी पर ले जाते वक्त मारने की साजिश थी, ताकि वो ED या किसी और एजेंसी के सामने मुंह न खोल पाए। उत्तराखंड पुलिस इसमें शामिल है।
फिलहाल विनय त्यागी वेंटीलेटर पर है, देहरादून के हॉस्पिटल में इलाज जारी है। 3 दिन पहले हरिद्वार में कोर्ट में पेशी पर लाते वक्त बदमाशों ने पुलिस वाहन पर हमला करके विनय को कई गोलियां मारी थीं।
सुनिए सीमा त्यागी को-
ज्ञात हो कि हरिद्वार में पश्चिमी UP के हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी पर हमला हुआ। पुलिस कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी, तभी बाइक सवार हमलावरों ने 2 गोली मारी। हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर किया। विनय करोड़ों की हाईप्रोफाइल चोरी में आरोपी है। दरअसल, मेरठ/गाजियाबाद के एक बड़े ठेकेदार की कई किलो सोने, करोड़ों रुपए कैश, बेनामी प्रॉपर्टी के कागजों से भरी कार देहरादून में खड़ी थी। विनय त्यागी पर ये पूरा माल चुराने का आरोप है। चर्चाएं ये हैं कि कैश/सोना तो उत्तराखंड पुलिस को पहले ही मिल गया, लेकिन करोड़ों की बेनामी प्रापर्टी के कागजात अभी तक विनय त्यागी ने कहीं छिपाए हुए थे। जिस ठेकेदार के कागज हैं, उसे डर है कि कहीं विनय इन्हें ED को देकर उसे पकड़वा न दे। मामला कई सौ करोड़ का बताया गया है।
हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी पर हरिद्वार के लक्सर में दो दिन पहले ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गोलियां बरसाने के बाद जितनी आसानी से हमलावर भागे थे, उतनी ही आसानी से पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया, वो भी बगल में खानपुर के जंगल से। दाद देनी पड़ेगी हरिद्वार पुलिस की। -अजीत सिंह राठी


