ग्रेटर नोएडा वेस्ट : आम्रपाली गोल्फ होम्स एवं किंग्सवुड सोसाइटी में मेंटेनेंस फंड के खुलेआम दुरुपयोग, रेजिडेंट्स की सहमति के बिना करोड़ों रुपये के अनियमित खर्च और जवाबदेही के पूर्ण अभाव के खिलाफ आज सोसाइटी के सैकड़ों रेजिडेंट्स ने एक विशाल, शांतिपूर्ण लेकिन कड़ा सांकेतिक विरोध प्रदर्शन एवं रैली निकाली।
दिनांक 18 जनवरी 2026 को आयोजित जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) में जब रेजिडेंट्स ने AAOA से मेंटेनेंस फंड के खर्चों का विवरण मांगा, तो आरोप है कि AAOA के प्रेजिडेंट ने सवाल पूछने वाले रेजिडेंट्स के साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की। इस अस्वीकार्य व्यवहार और वित्तीय अनियमितताओं के चलते जीबीएम में उपस्थित सभी रेजिडेंट्स ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर एडहॉक एओ को डिसॉल्व करने का निर्णय लिया।
रेजिडेंट्स का गंभीर आरोप है कि जीबीएम के इस लोकतांत्रिक फैसले के बावजूद, कोर्ट रिसीवर ऑफिस से कथित साठ-गांठ के कारण एडहॉक AOA अब भी अवैध रूप से काम कर रही है, मनमाने फैसले ले रही है और आज तक मेंटेनेंस फंड का कोई भी पारदर्शी और सत्यापित हिसाब रेजिडेंट्स के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया है।
लगातार हो रही अनदेखी, भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये से आक्रोशित रेजिडेंट्स ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी कोर्ट रिसीवर और एडहॉक AOA ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, पारदर्शिता नहीं अपनाई और जनता को पूरा हिसाब नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में कोर्ट रिसीवर ऑफिस के सामने बड़े पैमाने पर धरना, प्रदर्शन और रैली की जाएगी।
रेजिडेंट्स ने दो टूक कहा है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, लूट और मनमानी व्यवस्था के खिलाफ है और जब तक सोसाइटी फंड की निष्पक्ष जांच, पूरा हिसाब और रेजिडेंट्स के अधिकार बहाल नहीं होते, तब तक यह संघर्ष और तेज किया जाएगा।



