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साहित्य

कानपुर की संस्कृति और तासीर का जीवंत दस्तावेज है वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा की किताब ‘कनपुरिया अड्डे’

Seven men in casual and semi-formal attire pose with booklets at a book launch, banner in Hindi behind them.

कानपुर। शहर की अनूठी रंगबाजी, जिंदादिली और अखाड़ेदारी के किस्सों को समेटे पुस्तक ‘कनपुरिया अड्डे’ का भव्य लोकार्पण एक गरिमामयी समारोह में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार, उपन्यासकार एवं फिल्म संवाद लेखक मनोज राजन त्रिपाठी ने पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानपुर सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक मिजाज है। ‘कनपुरिया अड्डे’ यहाँ के जनजीवन, भाषा के अनूठे रंग और शहर की ऐतिहासिक तासीर को बखूबी बयां करती है। लेखक ने यह पुस्तक अड्डा संस्कृति के अलंबरदार केजी गुरू (स्वर्गीय के.जी. तिवारी एडवोकेट) को समर्पित की है।

समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि अड्डों से केवल गपशप नहीं निकलती, बल्कि वहीं से विचार, साहित्य और सामाजिक सरोकार जन्म लेते हैं। यह पुस्तक कानपुर की उस लुप्त होती परंपरा को सहेजने का एक सराहनीय प्रयास है।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

​कार्यक्रम में शहर के कई अन्य गणमान्य बुद्धजीवियों ने भी पुस्तक और उसके विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। ​डॉ. रमेश चिंतक (पूर्व निदेशक, भारतीय विद्या भवन): “यह पुस्तक कानपुर के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।”

​रामकिशोर वाजपेयी (इतिहासकार): “कानपुर के इतिहास में यहाँ के ‘अड्डों’ का बहुत बड़ा योगदान रहा है। लेखक ने शहर के इस अनदेखे पहलू को बड़े जीवंत ढंग से उभारा है।”

​मनोज कपूर (संयोजक, कानपुरियम): “कनपुरिया बोली और यहाँ का अंदाज़-ए-बयाँ ही इस शहर की असली पहचान है, जिसे इस किताब में बखूबी पिरोया गया है।”

स्वागत एवं संचालन

​कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यक्रम संयोजक अधिवक्ता रोहित अवस्थी ने मुख्य अतिथि एवं सभी मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण व स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

​समारोह का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन वरिष्ठ पत्रकार मौली सेठ ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के साहित्यकार, पत्रकार, बुद्धिजीवी और पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे।

भवदीय,

रोहित अवस्थी, कार्यक्रम संयोजक
‘कनपुरिया अड्डे’ लोकार्पण समारोह कानपुर

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