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आज के अखबार:अनुकूल नैरेटिव सेट करने की कोशिश में प्रधानमंत्री युवाओं से तरह-तरह से जूझ रहे हैं!

Collage of English and Hindi newspaper clippings on legal news; one clipping shows a person’s photo and a yellow-highlighted passage about 'withholding reason' in transparency debates.

कानून या न्याय की हालत बताने वाली आज की चार खबरें  

संजय कुमार सिंह

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को देश की बहुमुखी प्रगति का श्रेय दिया है। यह हिन्दुस्तान टाइम्स की लीड का शीर्षक है। मौका मैसूर में स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर के उद्घाटन का है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन के मौके पर जो कहा उसे युवाओं को श्रेय दिया शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया में यह खबर सेकेंड लीड है और इसका शीर्षक है, प्रधानमंत्री ने कहा – भेदभाव-मुक्त शिक्षा व्यवस्था बनाने के लिए काम कर रहा हूं। प्रधानमंत्री के 10-12 साल के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था चाहे जैसी हो रही हो, शिक्षितों की जो फसल तैयार हुई है उससे सरकार की परेशानी सर्वविदित है और कोशिश चल रही है कि सरकार के विरोधियों को गालीबाज साबित कर दिया जाए और लड़कियों के गाली देने से सांस्कृति झटका लगने के आधार पर स्त्री पुरुष का भेद बना रहे। यह अलग बात है कि जंतर मंतर पर जो दिखा वह शिक्षित और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग करने वाले युवाओं का समूह था तो दूसरी ओर, सनातनी युवा हाईवे पर सुरक्षित लेन में कांवड़ लेकर चलने की सुविधा का उपयोग कर रहे हैं और बाधा डालने वालों से पुलिस की मौजूदगी में निपट ले रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स में युवाओं की लीड के साथ छपी सिंगल कॉलम की एक खबर है, संसद में चढ़ावा चोरी पर लघु नाटक के लिए राहुल गांधी और दो अन्य सांसदों के खिलाफ वाराणसी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। एक निर्दलीय सांसद पप्पू यादव हैं और दूसरे अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद। इनलोगों पर सनातन धर्म के अपमान का आरोप है और शीर्षक में चढ़ावा चोरी नहीं, ‘राम मंदिर मामला’ लिखा है। नवोदय टाइम्स ने इस खबर को सेकेंड लीड बनाया है और पुलिस आयुक्त के हवाले से लिखा है, संतो की तहरीर पर की गई कार्रवाई।

नरेन्द्र मोदी का प्रचार और दावा भी है, देश में दोगुने से अधिक हुए हवाई अड्डे। एक खबर यह भी है कि नीट यूजी 2026 के लिए पंजीकरण 5 अगस्त से शुरू होगा और तैयारियों की समीक्षा शिक्षा मंत्री ने नहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने की है। एक दिलचस्प खबर केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी है। इसके अनुसार, भारत में रह रहे किसी व्यक्ति की नागरिकता सत्यापित नहीं हो तो भी उस ‘विदेशी’ नागरिक को निर्वासित नहीं कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि मूल देश उसकी नागरिकता की पुष्टि करे। यही नहीं, अगर कोई देश किसी कारण से या किसी दबाव में उसे अपना नागरिक मान भी ले तो उसे यहां से भेजने के लिए संबंधित देश से यात्रा दस्तावेज प्राप्त करना जरूरी है। कहने की जरूरत नहीं है कि भारत में जिसकी नागरिकता की पुष्टि नहीं हो उसका विदेशी नागरिक होना बिल्कुल जरूरी नहीं है। इसमें कुछ नया नहीं है और न ही इसे समझने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत है। फिर भी भारत में एसआईआर हुआ, जो खर्च हुआ सो तो हुआ ही नागरिकों को परेशान किया गया, बहुत सारे लोग वोट देने से रह गए, भारतीय जनता पार्टी को इसका फायदा हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने होने दिया। अब जब बंगाल जीतने का उसका लक्ष्य पूरा हो गया। देश भर में एसआईआर के नाम पर तमाम विरोधियों को जब मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया, नियम ऐसे बना दिए गए हैं कि रह गए लोगों का फिर से शामिल होना मुश्किल है तब सुप्रीम कोर्ट में यह स्वीकारोक्ति हो गई। कानूनी, नैतिक और व्यावहारिक तौर पर यह बेहद अनुचित है फिर भी सुप्रीम कोर्ट की जानकारी में, लगभग सहमति और अनुमति से सब होता रहा और हो गया।   

हिन्दुस्तान टाइम्स में राहुल गांधी की सिंगल कॉलम की दूसरी खबर है, युवाओं को नरेन्द्र मोदी की माफी की जरूरत नहीं है। माफी का मामला आप जानते हैं। इसपर कल ही लिखा था। कुल मिलाकर, ऐसे समय में जब सरकार ने अपने जायज विरोध को कुचलने की हर संभव कोशिश की। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों को बेजा अधिकार दिए, आंदोलन को बदनाम करने के हर संभव उपाय कर लिए, बच्चों को माफ करने का नाटक या दिखावा हो गया तो अब युवाओं को श्रेय दिया जा रहा है। प्रचारक मीडिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स की उपलब्धियों का सहारा लिया है। आज खबर यह कि जंतर मंतर प्रदर्शन और हिंसा मामले में सरकार विदेशी फंडिंग की जांच करवा रही है और पांच कंपनियों की जांच के लिए चार शहरों में छापे पड़े हैं। 2000 संदिग्ध अकाउंट की जांच चल रही है और प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने वाली लड़की ने माफी मांग ली। यह अमर उजाला में पहले पन्ने की खबर है। सोशल मीडिया पर माफी नहीं मागूंगी और प्रधानमंत्री को ज्ञान देने की जरूरत नहीं है जैसे वीडियो भी हैं लेकिन वे वायरल नहीं हैं। शायद इसीलिए खबर नहीं है, पहले पन्ने पर नहीं है। अमर उजाला, दैनिक भास्कर और नवोदय टाइम्स की लीड कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की खबर है। दैनिक भास्कर के अनुसार, पहली बार एक दिन में 8 स्वर्ण… 5 सिल्वर समेत कुल 16 मेडल जीते हैं। अमर उजाला ने राष्ट्रमंडल खेल में एक दिन में सर्वाधिक 16 पदक मिलने को भारत का गोल्डन डे कहा है। सरकार और प्रधानमंत्री के इस जय-जयकार के बीच बंगाल से खबर है कि चुनाव जीतने के बाद पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने 29 जून को दो सख्त गुंडा विरोधी विधेयक पास किए। मुख्यमंत्री शुवेन्दू अधिकारी ने इसे 13 जुलाई को लागू करने की घोषणा की थी लेकिन द टेलीग्राफ की आज की खबर के अनुसार इसके लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई नहीं हुई है और नए कानून को लागू करने के लिए आवश्यक अधिसूचना का पता नहीं है।

ऐसे समय में लग रहा था कि ज़ेन ज़ी के शोर में इथेनॉल मिलाने का मामला दब गया है और सरकार ने कह दिया है कि वह ई20 ही बेचेगी, जिसे पसंद न हो वह 165-68 रुपए लीटर के भाव मिलने वाला इथेनडल मुक्त पेट्रोल भरवा सकते हैं। इससे जुड़े कई संकट हैं। अव्वल तो ई10 ठीक चल रहा था तो ई-20 बेचने की जबरदस्ती क्या है और अगर इथेनॉल सस्ता है, माइलेज कम हो जाता है तो मिलाने का क्या लाभ। जहां तक पर्यावरण और किसानों को लाभ की बात है वह ई10 और ई20 में बहुत मामूली या नहीं के बराबर होगा। फिर भी सरकार ई10 की जगह जबरन ई20 बेच रही है तो इथेनॉल की खपत जरूरी दूनी हो जाएगी और उसकी कीमत देश या देश का ऑटोमोबाइल उद्योग चुकाएगा। इसलिए इसका विरोध जारी है देशबन्धु की लीड का शीर्षक है, पीएम आवास तक मार्च निकालेंगे केजरीवाल। इस तरह सरकार अगर युवाओं के मुद्दे पर अनुकूल नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है तो हेडलाइन मैनेजमेंट भी चल रहा है और इथेनॉल का मामला दबा रहा। दि एशियन एज की खबर के अनुसार, अरविन्द केजरीवाल ने ई20 का मामला उठाया और प्रधानमंत्री के घर तक मार्च की योजना बनाई है। ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी की राजनतिक स्थिति के बारे में दि एशियन एज की खबर से ही पता चलता है। तीन कॉलम की एक खबर का शीर्षक है – आरएसएस के अध्ययन की चेतावनी, उत्तराखंड में भाजपा मुश्किल स्थिति में है। राहुल गांधी ने कहा है – छात्रों को मोदी की माफी चाहिए, उनके द्वारा माफ किए जाने की जरूरत नहीं है। कहने की जरूरत नहीं है कि आज यह खबर दूसरे अखबारों में भी पहले पन्ने पर नहीं है।

इंडियन एक्सप्रेस में कश्मीर के आतंकी हमले की खबर लीड है। कल एक प्रवासी की मौत और एक के घायल होने की खबर थी। आज दूसरे का भी निधन हो जाने की सूचना है। लीड बनाने के लिए इंडियन एक्सप्रेस के शीर्षक का पहला हिस्सा है, घाटी में आतंकी की तलाशी जारी। इंडियन एक्सप्रेस में बाकी के सरकारी प्रचार नहीं हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स की खबर भी वैसे नहीं है जैसे बाकी अखबारों में है। द हिन्दू की लीड केरल में भारी बारिश में आठ लोगों को मारे जाने की खबर है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 200 रुपए कम किए जाने की खबर है। आज की इन खबरों में द टेलीग्राफ की आज की एक खबर उल्लेखनीय है। नई दिल्ली डेटलाइन से फिरोज एल विनसेन्ट की बाईलाइन वाली इस खबर के अनुसार विपक्ष ने भाजपा को उन गालियों की याद दिलाई है जिसके लिए माफी मांगने की जरूरत है। खबर के अनुसार, युवाओं के लिए प्रधानमंत्री के नए संदेश (रील) को लोग पाखंड कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने प्रधानमंत्री को उनकी चुप्पी की याद दिलाई है और दावा किया कि इस चुप्पी से प्रधानमंत्री की स्वीकृति का संकेत मिलता था। कहने की जरूरत नहीं है कि आज दिल्ली के मेरे अखबारों में ऐसी कोई खबर पहले पन्ने पर नहीं है।

मैं रोज चार हिन्दी और छह अंग्रेजी, कुल दस, कई बार इससे भी ज्यादा अख़बार देखकर उसकी खास बातें लिखता हूँ। अंग्रेजी की खबरों के खास अंशों का अनुवाद करता हूं। वह भी लिखता हूं जो अखबार नहीं लिखते या नहीं लिख सकते हैं। जो लिखता हूं उसमें बहुत कुछ याद से लिखा होता है। एआई का सहयोग होता है। कुछ अंग्रेजी अखबारों की खबरों का अनुवाद होता है। इसलिये भूल-चूक की आशंका है। कृपया कहीं उल्लेख करने या हवाला देने से पहले अपने स्तर पर पुष्टि कर लें।   

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