मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति अवधि एक बार फिर बढ़ाए जाने की संभावना है। उनकी मौजूदा प्रतिनियुक्ति अवधि शुक्रवार को समाप्त हो गई। हालांकि, विस्तार से जुड़ा आदेश अभी जारी नहीं हुआ है, जिसके चलते वह फिलहाल छुट्टी पर चले गए हैं। बताया जा रहा है कि प्रतिनियुक्ति बढ़ाने का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा जा चुका है और केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी हो सकता है। इससे पहले भी प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के समय आंजनेय कुमार सिंह छुट्टी पर गए थे और विस्तार का आदेश जारी होने के बाद उन्होंने दोबारा जिम्मेदारी संभाल ली थी।
आंजनेय कुमार सिंह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें 15 फरवरी 2015 को उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती मिली थी। इसके बाद से उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि लगातार बढ़ाई जाती रही है। बता दें कि आंजनेय कुमार सिंह वही अफसर हैं जिन्होंने रामपुर डीएम रहते तब के कैबिनेट मंत्री आजम खान पर सख्त एक्शन लिया था, और चर्चाओं के केंद्र में आ गए थे।
अभिषेक उपाध्याय-
विवादों में घिरे मुरादाबाद के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति खत्म हो गई है। वे छुट्टी पर चले गए हैं।
7 बार का अभूतपूर्व एक्सटेंशन पा चुके आंजनेय कुमार सिंह हाल ही में एक कोचिंग संचालक पर फिल्मी सितारों के पेमेंट का दबाव बनाने को लेकर सवालों में रहे।
पेमेंट न करने पर कोचिंग संचालक के खिलाफ धड़ाधड़ एफआईआर हुईं और यहां तक कि उसकी वो कोचिंग भी सील कर दी गई,

जिसका कुछ महीनों पहले खुद इन्हीं कमिश्नर ने उद्घाटन किया था।
कहते हैं कि आज़म ख़ान पर एक्शन लेना ही आंजनेय कुमार सिंह के लिए अभयदान का वरदान बन गया।
उसके बाद 7 बार के एक्सटेंशन के दौरान आंजनेय कुमार सिंह ने किस तरह से मुरादाबाद की सत्ता चलाई?
- किस-किस पर किन-किन वजहों से गाज गिराई?
- किस वजह से किस बड़े अखबार का विज्ञापन रोका?
- अपनी खुद के विकास के बारे में कितना सोचा?
- ये सब सवाल रहस्य की गुत्थी बन चुके हैं।
ये तय है कि ये गुत्थी एक रोज़ खुलेगी, और फिर वक्त बताएगा कि, आज़म ख़ान की आड़ में कैसी कैसी माया दिखेगी?
इनकी कुछ कहानी मुरादाबाद में अमर उजाला वालों से भी पूछ लो, पूरी मुरादाबाद यूनिट इनकी हनक का शिकार हुई है। विज्ञापन रोकने से लेकर दफ्तर की पैमाइश के जो प्रयास किए गए वो मीडिया जगत के लिए सामान्य नहीं है।
-अजीत सिंह राठी, वरिष्ठ पत्रकार


