नई दिल्ली। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने 13 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रगान को लेकर किए गए दावों पर डीडी न्यूज के एंकर अशोक श्रीवास्तव और बीजेपी आईटी एवं सोशल मीडिया प्रमुख अमित मालवीय को लीगल नोटिस भेजा है। 15 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को हटाने, बयान वापस लेने और बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है।
संदीप दीक्षित की ओर से अधिवक्ता अंबुज दीक्षित और अमरीश रंजन पांडेय ने दोनों को अलग-अलग नोटिस भेजे हैं। नोटिस में कहा गया है कि यह कार्रवाई राजनीतिक आलोचना या राजनीतिक बहस पर आपत्ति नहीं है, बल्कि एक तकनीकी गलती को जानबूझकर राष्ट्रगान के अपमान के रूप में पेश किए जाने के खिलाफ है।
नोटिस में क्या कहा गया?
नोटिस के मुताबिक, रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रगान सामान्य रूप से बजाया गया और उसके समाप्त होने के बाद मंच पर मौजूद लोग, जिनमें संदीप दीक्षित और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे, कार्यक्रम को आगे बढ़ाने लगे।
दावा किया गया है कि इसके कुछ देर बाद ऑडियो सिस्टम में अनजाने में हुई तकनीकी गड़बड़ी के कारण राष्ट्रगान दोबारा बज गया। नोटिस के अनुसार, मंच पर मौजूद किसी व्यक्ति को इसके दोबारा बजने की पहले से जानकारी नहीं थी और जैसे ही ऑडियो ऑपरेटर को गलती का पता चला, उसने तुरंत प्लेबैक रोक दिया।
नोटिस में यह भी संभावना जताई गई है कि कार्यक्रम में इस्तेमाल किए जा रहे अन्य ऑडियो की तरह राष्ट्रगान का ट्रैक भी गलती से रिपीट मोड पर रह गया हो, जिसकी वजह से वह दोबारा बज गया।
वीडियो को एडिट कर गलत तस्वीर पेश करने का आरोप
संदीप दीक्षित की ओर से भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि सम्मेलन के उपलब्ध पूरे और अनएडिटेड ऑडियो-विजुअल रिकॉर्ड से घटनाक्रम स्पष्ट हो जाता है। नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रगान पहले ही समाप्त हो चुका था, जिसके बाद मंच पर मौजूद लोग लोगों से बातचीत करने लगे थे और इसके बाद ऑडियो सिस्टम की गलती से राष्ट्रगान दोबारा बजा।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि सम्मेलन के पूरे वीडियो में से एक हिस्से को सुविधानुसार एडिट कर संदीप दीक्षित, राहुल गांधी और मंच पर मौजूद अन्य लोगों को जानबूझकर राष्ट्रगान के प्रति असम्मान दिखाते हुए पेश किया गया।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान पैदा हुए शोर और हलचल के कारण मंच पर मौजूद लोगों को दोबारा बजाए गए राष्ट्रगान की आवाज सुनाई भी नहीं दी। नोटिस के मुताबिक, राष्ट्रगान बजने से पहले संदीप दीक्षित ने खुद भीड़ से किसी तरह की नारेबाजी नहीं करने की अपील की थी, जिसे नोटिस में राष्ट्रगान के प्रति उनके सम्मान का प्रमाण बताया गया है।
राजनीतिक आलोचना पर आपत्ति नहीं
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संदीप दीक्षित राजनीतिक आलोचना या असहमति का विरोध नहीं कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि राजनीतिक असहमति, आलोचना और यहां तक कि तीखी राजनीतिक अभिव्यक्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है।
आपत्ति इस बात पर है कि एक आकस्मिक तकनीकी गलती को जानबूझकर राष्ट्रगान के प्रति अपमान या अनादर के कृत्य के तौर पर पेश किया गया।
तत्काल हटाने, बयान वापस लेने और माफी की मांग
नोटिस के जरिए अशोक श्रीवास्तव और अमित मालवीय से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट/वीडियो को तत्काल हटाने, कथित तौर पर किए गए गलत और भ्रामक दावों को वापस लेने तथा बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है।
नोटिस में सम्मेलन का पूरा वीडियो भी उपलब्ध होने की बात कही गई है और संबंधित पक्षों से पूरे, बिना एडिट किए गए वीडियो को देखने की बात कही गई है।
संदीप दीक्षित की ओर से भेजे गए इस नोटिस का मुख्य आधार यही है कि उपलब्ध पूरे वीडियो के मुताबिक राष्ट्रगान पहले समाप्त हो चुका था और उसके बाद दोबारा उसका बजना ऑडियो सिस्टम की अनजाने में हुई तकनीकी गलती थी। नोटिस में कहा गया है कि इस घटना में संदीप दीक्षित, राहुल गांधी या मंच पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति की राष्ट्रगान को दोबारा चलाने, रोकने, उसका अपमान करने या उसके प्रति अनादर दिखाने में कोई भूमिका या मंशा नहीं थी।


रचनामत्मक कांग्रेस के अध्यक्ष संदीप दीक्षित की तरफ से बीजेपी IT सेल के मुखिया अमित मालवीय और दूरदर्शन के नफरती एंकर अशोक श्रीवास्तव को फेक वीडियो शेयर करने के लिए लीगल नोटिस भेजा गया है।
दोनों से 48 घंटे में पोस्ट हटाने, बिना शर्त माफी मांगने और जवाब देने की बात कही है नहीं तो मुकदमा दायर किया जाएगा।
-सौरभ यादव, पत्रकार


