Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

पत्रिका अख़बार के मुद्रक, प्रकाशक, संपादक सहित चार के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश जारी

दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई मासूम का छायाचित्र प्रकाशित करना पत्रिका को भारी पड़ा, इंदौर की एक अदालत ने पत्रिका के मालिक रूपाराम गोयल, जिग्नेश कुमार सहित चार के खिलाफ जारी किये एफआईआर दर्ज करने के आदेश

मध्य प्रदेश के इंदौर की एक अदालत ने पत्रिका अख़बार के प्रबंधक एवं स्वतत्वाधिकारी प्रकाशक मुद्रक रूपाराम गोयल, संपादक जिग्नेश कुमार, स्थानीय संपादक अमित मंडलोई और एक पत्रकार के विरुद्ध मासूम दुष्कर्म पीड़िता की तस्वरी प्रकाशित किये जाने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 228 और एवं लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 23 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 74 के तहत एक आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश जारी किये है।

याची के अधिवक्ता कृष्ण कुमार कुन्हारे के अनुसार प्रस्तुत निजी परिवाद पर गुरुवार को इंदौर जिला सत्र न्यायालय की अपर सत्र नयायधीश श्रीमती सविता सिंह की अदालत द्वारा आदेश जारी किये गए है।

कुन्हारे के अनुसार बीती 9 अप्रैल 2019 को सुबह के दैनिक अखबार पत्रिका ने अपने पृष्ठ क्रमांक 3 पर एक एक्सक्लूसिव खबर ‘द्वारकापुरी पुलिस की कार्यप्रणाली उठ रहे सवाल, नहीं सुधर रही व्यवस्था’ शीर्षक से प्रकाशित की थी। उक्त खबर में कुछ समय पूर्व द्वारकापुरी क्षेत्र से बहला फुसलाकर ले जाई गयी एक 4 वर्षीय बच्ची की जिसकी दुष्कर्म पश्च्यात हत्या करने की घटना का जिक्र था। इसी खबर में दुष्कर्म पीड़िता की फ़ोटो प्रकशित कर दुष्कर्म पीड़िता की जानकारी उजगार कर दी गयी थी। आरोप है कि अखबार प्रबंधन ने उक्त खबर को इंटरनेट के माध्यम से अपने वेब पोर्टल पर भी प्रसारित किया है।

खबर से आहत होकर अन्य दुष्कर्म पीड़िता ने अधिवक्ता कुन्हारे के माध्यम से मयप्रमाण एक निजी परिवाद प्रस्तुत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रार्थना की थी। इस पर अदालत ने अपने जारी आदेश में आगामी सोमवार तक विभिन्न जगह प्रसारित खबर को हटाने और उक्त आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने के आदेश जारी किये है। अदालत ने परिवाद की आगामी सुनवाई आगामी सोमवार को मुकर्रर कर स्थानीय छोटी ग्वालटोली पुलिस से आदेश की अनुपालन रिपोर्ट भी तलब की है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन