राजद्रोह के फर्जी मुकदमे में कोरोनाकाल में भी पत्रकारों की गिरफ्तारी के लिए छटपटा रही उत्तराखंड सरकार…. पुलिस टीम को दौड़ा रहे यूपी-दिल्ली…. कोरोना का भी ख्याल नहीं…. पुलिस कर्मी मिल रहे संक्रमित… पूरी टीम क्वॉरंटीन…

उत्तराखंड की एक पुलिस टीम इन दिनों पत्रकार पकड़ो अभियान पर यहां वहां घूम रही है. पत्रकार तो हाथ नहीं आए लेकिन इस चक्कर में पुलिस टीम का एक सदस्य कोरोना के हमले का शिकार हो गया. पुलिस टीम के एक सदस्य के कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद बाकी सदस्यों को भी अलग-थलग कर विश्राम मोड में डाल दिया गया है.
ज्ञात हो कि उत्तराखंड के शासक त्रिवेंद्र सिंह रावत जबसे कुर्सी पाए हैं, अपने खिलाफ लिखने बोलने वालों को पकड़ने, धमकाने, जेल भेजने का अभियान छेड़े हुए हैं. खोजी पत्रकार उमेश कुमार एक दफे राजद्रोह के आरोप में जेल जाने के बाद बाहर हो चुके हैं लेकिन फिर से उन पर राजद्रोह व गैंगस्टर का नया मुकदमा लिख दिया गया. उनके साथ तीन अन्य पत्रकारों को भी आरोपी बनाया गया है. इनमें से एक पत्रकार राजेश शर्मा को तो रातोंरात गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन बाकी तीन फरार चल रहे हैं. इन्हीं बाकी तीन पत्रकारों उमेश कुमार, शिव प्रसाद सेमवाल आदि को पकड़ने के लिए पुलिस टीम यहां वहां दबिश दे रही है.
इसी चक्कर में पुलिस टीम के सदस्य कोरोना पीड़ित हो गए. इस बाबत देहरादून के स्थानीय अखबारों में खबरें भी छपी हैं. देखें-


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