उत्तराखंड में पत्रकार का ऐसे होता है अपहरण और फिर राजद्रोह में भेजा जाता है जेल (देखें वीडियो)

Bhargava Chandola : देर रात पत्रकार Rajesh Sharma किडनैप? 1 अगस्त, 2020 देर रात को पत्रकार राजेश शर्मा को उनके निवास से उठा लिया गया है. सीसीटीवी फुटेज से सांध्य दैनिक समाचार पत्र क्राईमस्टोरी के संपादक राजेश शर्मा को सीधे सीधे किडनैप किया गया प्रतीत हो रहा है. मगर उठाने वालों में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में है. इससे ये भी अंदेशा लगाया जा सकता है कि खबरों के प्रकाशन को लेकर सरकार/सिस्टम ख़फ़ा हो और बदले की भावना से सारे नियम कानून ताक पर रखकर राजेश को उठवा लिया गया हो?

खैर सच्चाई जो भी हो, इस प्रकार के अपराध साबित कर रहे हैं कि प्रदेश में अंधेर नगरी चौपट राजा वाला हिसाब हो रखा है. ये घोर आपत्तिजनक कृत्य है. इस प्रकार की गुंडागर्दी हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उत्तराखंड सरकार, उत्तराखंड पुलिस तत्काल पत्रकार Rajesh Sharma को छुड़ाए. पुलिस ने उठाया है तो ससम्मान रिहा करने के लिए कार्यवाही करे व दोषियों को गिरफ़्तार/बर्खास्त कर गिरफ़्तार करे…

गुंडागर्दी पर विराम लगाने में विफल डबल इंजन चालक… उठो बोलो प्रतिकार करो… ये तो खुलेआम अराजकता है. समझ नहीं आ रहा है किडनैप हुए या पुलिस ने उठाया? सीसीटीवी फुटेज में एक आदमी पुलिस की वर्दी में बाकि साधारण कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं. जो भी हो, ये बेहद गंभीर मामला है. इस प्रकार की अराजकता हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

देखें वीडियो-

उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए ढेरों कमेंट्स में से कुछ प्रमुख यूं हैं-

Satya Prakash Chauhan
आज राजेश जी को जेल भेज दिया गया, राष्ट्रद्रोह का आरोप लगाकर. इस बारे में स्थानीय अखबारों में खबरें छपी हैं.

Mohit Dimri
पत्रकारों को एक होकर लड़ना होगा। नहीं तो इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।

Indresh Maikhuri
भयानक है यह तो.तत्काल इस बात का खुलासा होना चाहिए कि ये कौन हैं और राजेश शर्मा जी को सकुशल घर पहुंचाया जाए

Purushottam Sharma
यह भाजपा राज की पहचान बन गया है।
अगवा पत्रकार को तत्काल बरामद किया जाय!

Rajesh Saklani
देहरादून के लिए यह बहुत बुरी ख़बर है।
यह सिर्फ एक संकेत है।

Amar S Dhunta
बिकाऊ मीडिया से उम्मीद कम ही रखें

Gunanand Jakhmola
Sahmat. Rajesh sharma criminal nahi hai is tarah rat ko le jana galat hai

Kranti Kukreti
ये बहुत गंभीर और भयावह मामला है, लोकतंत्र के प्रहरी ही सुरक्षित नहीं। ये किसी पत्रकार का ही नहीं, आम आदमी की सुरक्षा का भी अपहरण है।

Amar S Dhunta
लगता है डबल इंजन सरकार की ब्रेक फेल हो गई है

Kesar Pahadi
दुखद है, मीडिया संगठनों को बोलना चाहिए

पूरे प्रकरण को समझने के लिए इसे भी पढ़ें-

उत्तराखंड सरकार ने फिर खोला उमेश के खिलाफ मोर्चा, अबकी अमृतेश भी आरोपी, पढ़ें FIR

रात में घर में घुस अरेस्ट करने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने पत्रकार की जमकर पिटाई की, देखें वीडियो

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *