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यूपी के सूचना निदेशक, डीएम मथुरा सहित आधा दर्जन को प्रेस काउंसिल से नोटिस जारी

निर्मलकांत शुक्ला-

मथुरा के जिला सूचना कार्यालय के खिलाफ शिकायत को प्रेस काउंसिल ने लिया संज्ञान

मथुरा। प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया (पीसीआई) ने उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में कार्यरत चार दर्जन से अधिक स्थानीय पत्रकारों द्वारा अपर जिला सूचनाधिकारी व उनके कार्यालय में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ उप्र श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (आईजेयू) मथुरा की अगुआई में की गई शिकायतों को संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी कर दो सप्ताह में लिखित जवाब मांगा है।

प्रेस काउंसिल ने प्रथम दृष्टयता उनके कृत्य को प्रेस की स्वतंत्रता पर अतिक्रमण/कुठाराघात माना है। इस संबंध में कांउसिल की सचिव अनुपमा भटनागर ने नोटिस जारी कर पूछा है कि उन सभी के खिलाफ प्रेस परिषद अधिनियम, 1978 की धारा 13 (1) के अंतर्गत इस मामले में कार्यवाही क्यों न की जाए। इस मामले में परिषद ने एक जांच समिति का भी गठन कर दिया है। जो उप्र श्रमजीवी पत्रकार यूनियन आईजेयू मथुरा इकाई के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज द्वारा की गई शिकायतों, और आरोपियों से मिले जवाबों का विश्लेषण कर अपना निर्णय देगी।

गौरतलब है कि उ प्र श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले जिले के चार दर्जन से अधिक पत्रकारों ने प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया से शिकायत की थी कि अपर जिला सूचनाधिकारी विनोद शर्मा अपने दायित्वों के निर्वहन में अयोग्य एवं अक्षम साबित हो रहे हैं तथा वे अपने अधीनस्थों से भी उनकी जिम्मेदारियों के मुताबिक काम नहीं ले पा रहे हैं। जिसके कारण उनके कम्प्यूटर ऑपरेटर जैसे ठेकाकर्मी ने एक प्रकार से कार्यालय का संचालन अपने हाथ में लिया हुआ है। इस प्रकार जिला सूचना कार्यालय पत्रकारों से भेदभावपूर्ण व्यवहार, पक्षपात, असम्मानजनक भाषा का प्रयोग, मनमानी, पद का दुरुपयोग एवं अनियमिततापूर्ण कार्यवाही एवम अन्य कई गंभीर अनिमितताओं आदि का दोषी है।

विदित हो कि इस संबंध में वादी ने पहले जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र से शिकायत कर न्याय किए जाने की अपेक्षा की थी। जिन्होंने जिले के एक डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय को जांच अधिकारी किया था। परंतु, जैसा कि सरकारी कार्यवाही में अक्सर आपसी कामकाजियों के प्रति सहानुभूति रखते हुए लीपापोती के आरोप लगते रहे हैं, यहां भी वहीं हुआ। जिसके बाद पत्रकारों को प्रेस काउंसिल की शरण लेनी पड़ी।

काउंसिल ने इस मामले में उप्र सूचना विभाग के निदेशक सहित मथुरा के जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, मामले के जांच अधिकारी डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुरेंद्र यादव, अतिरिक्त जिला सूचनाधिकारी विनोद कुमार शर्मा, ठेकाकर्मी नारायण सिंह को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में लिखित जवाब मांगा है।

इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता उप्र श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (आईजेयू) मथुरा इकाई के अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज का कहना है कि जनपद में अपर जिला सूचनाधिकारी नियुक्त किए गए विनोद कुमार शर्मा अपने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही पत्रकारों का उत्पीड़न, भेदभाव, कर्तव्यहीनता जैसे आरोपों से चर्चित रहे हैं। उन्होंने बताया कि मथुरा के पत्रकारों को सम्मानजनक न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रखेंगे।

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