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सुख-दुख

कुछ भी करो… चाहे मजदूरी करो लेकिन पत्रकार न बनो… पत्रकार पूजा तिवारी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा

फरीदाबाद में कार्यरत रहीं महिला पत्रकार पूजा तिवारी के सुसाइड नोट में पत्रकारिता को लेकर बेहद गंभीर बातें लिखी गई हैं. अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट का मजमून नीचे दिया जा रहा है…

फरीदाबाद में कार्यरत रहीं महिला पत्रकार पूजा तिवारी के सुसाइड नोट में पत्रकारिता को लेकर बेहद गंभीर बातें लिखी गई हैं. अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट का मजमून नीचे दिया जा रहा है…

डियर मॉम डैड

आईएम सॉरी, मुझमें हिम्मत नहीं अब। लड़ के थक चुकी हूं इस लाइफ और पत्रकारिता से। आप लोगों ने एक सच्चा पत्रकार बनने भेजा था। वो पत्रकार जो कि अपने प्रोफेशन के साथ इंसाफ करे। सच्चाई का साथ दिया, लड़ाई भी की, लेकिन आज इस पेशे के आगे अपनी हार मानती हूं। फरीदाबाद की मीडिया बेकार है। आज जो कदम उठा रही हूं उसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।

मैं नहीं चाहती मेरे जाने के बाद आप लोगों को कोई परेशान करे। आप लोग दुनिया के बेस्ट मम्मी पापा हैं और हमेशा रहेंगे। मैंने अपने प्रोफेशन के साथ कोई गलत कभी नही किया। एक न्यूज को रिवील किया। मेरा ना ही यहां की पुलिस न ही मीडिया ने साथ दिया। गलती न करके भी मुझे मेरा फोन बंद करने को कहा गया। थक गई हूं लड़ते लड़ते, ईमानदार जर्नलिज्म नहीं रहा पापा।

हमें माफ करना कोई साथ नहीं होता, सिर्फ पैसा और प्रभाव बोलता है। अपने आप को संभालना। मैं गलत नहीं थी, ना हूं, ना कभी होती। आई डिड ए गुड जॉब। ये जो कुछ भी हुआ इसका जिम्मेदार डॉ. अनिल गोयल, अर्चना गोयल, सौरभ भारद्वाज और वो सारे मीडियाकर्मी हैं जिन्होंने मुझे बेकार समझा और मेरे खिलाफ गलत खबर चलाई। बहुत हरासमेंट हो गई। कंपनी ने सस्पेंड (अंडर एंक्वायरी) किया है। मेरे बाद मेरे माता पिता को दुख या परेशान न किया जाए। गलत लोगों पर कार्रवाई हो। मैं या अनुज मिश्रा गलत नहीं थे। कोई पैसों की डिमांड नहीं है न ही किसी का इंवाल्वमेंट रहा। सख्त कार्रवाई हो। डॉ. अनिल गोयल, डॉ. अर्चना गोयल, सौरभ भारद्वाज और मीडियाकर्मी के खिलाफ।

प्लीज डोन्ट टॉर्चर माई पापा, मम्मा, ब्रदर, फ्रैंड, अमरीन और वो सभी लोग जो साथ दे रहे हैं। मैं एक सही और सच्ची पत्रकारिता उद्देश्य से आगे बढ़ी और बढ़ना चाहा। लेकिन पैसा, जात, पोस्ट आज इतनी मायने रखती है कि एक पत्रकार की औकात नहीं, ईमानदारी और सच्चाई की औकात नहीं। गलत नही हूं इसलिए ये कदम नहीं उठा रही हूं। लेकिन थक गई इस गंद से लड़ते लड़ते। आई लव यू मां, पापा सौरभ (मुक्कु)। कुछ भी करो चाहे हम्माली (मजदूरी) करो लेकिन पत्रकार न बनो। अनिल गोयल, अर्चना गोयल पर कार्रवाई हो। वो लोग भ्रूण हत्या में शामिल हैं।

लव ऑलवेज
पूजा तिवारी

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1 Comment

1 Comment

  1. Manish

    May 7, 2016 at 12:40 pm

    दुःखद ।

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