‘आजतक’ और ‘जनसत्ता’ में बैठे लोगों का ज्ञान देखिए!

अभिषेक पाराशर-

लोन के लिए ईएमआई में इजाफा होगा तो महंगाई बढ़ेगी….यह प्रवचन हिंदी का ही कोई व्यक्ति दे सकता है और हिंदी में इसे पढ़ भी लिया जाएगा.

महंगाई को कम करने के लिए आरबीआई पैसे को मौद्रिक तंत्र से बाहर खींच रहा है और आप कह रहे हैं कि इससे महंगाई बढ़ जाएगी? ऐसा इसलिए है कि कॉपी को लिखने वाले और कॉपी को क्लियर करने वाले दोनों को नहीं पता कि आरबीआई की मौद्रिक नीति और उसके टूल काम कैसे करते हैं. कर्ज सस्ता होने की वजह से महंगाई बढ़ती है, न कि कर्ज के महंगा होने से.

कर्ज को सस्ता तब किया जाता है कि जब ग्रोथ को पटरी पर लाने के लिए ब्याज दरों को कम किया जाता है और जब महंगाई निर्धारित थ्रेसोल्ड से ऊपर चली जाती है, तब तरलता को आरबीआई अपने टूल यानी ब्याज दरों में फेरबदल कर वापस खींच लेता है.



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Comments on “‘आजतक’ और ‘जनसत्ता’ में बैठे लोगों का ज्ञान देखिए!

  • Aise kaise aap bol rahe hain Abhishek Ji….
    Lagta hai aapko Economics (New Economics by Indian media) ka pata nahi hai.. ye naye type ka research hai jo aap or mere jaise logo ko pata nahi hai. ye gyan sirf enhi logo ke pas hai.
    Had hai AAJTAK or Jansatta ka. Etana to ek 12th class ke commerce student ko bhi pata hota hai.
    Aajtak ka to khair maan liya, lekin Jansatta Bhi.
    Lagta hai Aapko Hamko fir se Economics ka adhyyan karna padega.

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  • ha ek baat or jo aapke post me nagawar hai…
    Aapne kaha “यह प्रवचन हिंदी का ही कोई व्यक्ति दे सकता है और हिंदी में इसे पढ़ भी लिया जाएगा.” Eeska mai purjor virodh karta hu. Matlab kya hindi bhashi aapki nazar me Anpad hota hai kya?
    aapne bhi ye post Hindi me hi likha hai….

    Reply

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