आम आदमी पार्टी ने ऐसा किया होता हाहाकार मच जाता

यदि आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसा किया होता तो अब तक हाहाकार मच जाता कि पत्रकारों पर नकेल डाली जा रही है!

भारत सरकार ने नया कायदा बनाया है कि अब हर साल पीआइबी की मान्यता नवी (रिन्यू) करवाने से पहले पुलिस की जाँच जरूरी होगी। अभी पहली बार कार्ड बनते वक्त यह जाँच होती है, नवीकरण पर नहीं। हाँ, नवीकरण के लिए प्रधान संपादक या नियोक्ता से अनुमोदन का पत्र हर साल देना होता है। करीब ढाई हजार पत्रकार पत्र सूचना ब्यूरो से मान्यता पाए हुए हैं। इसके सहारे केंद्र सरकार के दफ्तरों, प्रेस वार्ताओं आदि में उनका प्रवेश आसान होता है।

पत्रकारों को भय है कि पुलिस सत्यापन अगर वक्त पर न हो सका पत्रकार के कामकाज को लटकाएगा। हो सकता है थाने के चक्कर भी कटवाए।

ओम थानवी के एफबी वाल से



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