एक जासूस का हलफनामा- अडानी ग्रुप के कहने पर मैंने पर्यावरण एक्टिविस्ट के परिवार के सीक्रेट्स जमा किए!

एक निजी जासूस ने अपने हलफनामे में बताया कि उसने अडानी के खिलाफ काम कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता बेन पेनिंग्स और उनकी बेटी का स्कूल जाते वक्त पीछा किया और उनकी तस्वीरें खींची हैं। अदालत के दस्तावेजों से पता चलता है कि अडानी के खिलाफ काम कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता की जासूसी के लिए एक निजी जासूस को काम पर लगाया गया। इस जासूस ने छुपकर कार्यकर्ता की तस्वीरें खींची जब वह अपनी नौ साल की बेटी को स्कूल ले जा रहे थे।

अडानी के लिए काम कर रहे जासूस ने अपने हलफनामे में बताया कि उसे अडानी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने कार्यकर्ता का पीछा करने का काम सौंपा था। उसने ये भी बताया कि उसने पेनिंग्स की पत्नी की जासूसी की, उनके फेसबुक पेज को खंगाला और काम पर जाते हुए भी उनका पीछा किया।

गार्जियन ऑस्ट्रेलिया अखबार का दावा है कि वह पेनिंग्स और उनके परिवार की जासूसी किए जाने वाले सभी दस्तावेजों को पेश कर सकता है जिसे हाल ही में “एंटोन पिलर” मामले में क्वींसलैंड सर्वोच्च न्यायालय में पेश किया गया था जिसमें अडानी ने कार्यकर्ता के परिवार के घर की जांच करने की अनुमति मांगी थी।

क्वींसलैंड सर्वोच्च न्यायालय ने इस अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस जांच पड़ताल से परिवार “अपमानित और परिवार अवसाद” महसूस कर सकता है।

अडानी का प्रतिनिधित्व करने वाली लॉ फर्म डॉव्ड एंड कंपनी ने पेनिंग्स के खिलाफ प्राइवेट जासूस गैरी एंड्रयू स्वीट को एक ईमेल भेज कर जासूसी करने का काम सौंपा था।

ईमेल में कहा गया था कि क्या आप इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि उस पते पर कौन रहता है। यह भी कहा गया कि बेन पेनिंग्स के परिवार से जुड़ी हर बारिक जानकारी मुहैया कराये। उनकी पत्नी और उनके बच्चे का नाम क्या है, उनकी उम्र क्या है, सब पता लगायें।

स्वीट के हलफनामे में यह भी कहा गया है कि उन्होंने अपने एक सहयोगी को बताया कि पेन्निंग्स की जासूसी करना “अडानी का ही काम था”।

अडानी ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि इसने अन्य लोगों की जासूसी क्यूं करवाई। पेनिंग्स के परिवार की जासूसी मई में कराई गयी थी।

हलफनामे में कहा गया है, “मैंने पेनिंग्स को एक बच्चे के साथ घर छोड़ते देखा। मैं पेनिंग्स को काफी करीब से देख पाया जब वह ठीक मेरे सामने से गुजरे जिस गाड़ी में मैं बैठा था। मैंने पेनिंग्स का अपनी गाड़ी से पीछा किया और उन्हें अपने बच्चे को स्कूल छोड़ते देखा।”

इस दौरान ली गयी तस्वीर में पेनिंग्स अपनी बेटी के साथ चलते दिखाई देते हैं। स्वीट ने इससे पहले सुबह एक वाहन का भी पीछा किया जिसे उसने घर से बाहर निकलते देखा। “मैंने करीब ही किसी काम के लिए जा रहे वाहन का पीछा किया। उस जगह मैंने पेनिंग्स की पत्नी को देखा। हलफनामे के साथ उसके फेसबुक अकाउंट से प्राप्त पेनिंग्स, उनकी पत्नी की तस्वीरें पेश की गयी हैं।

पेनिंग्स की पत्नी ने कहा यह सब काफी डरावना है। क्या पता आगे भी अडानी मेरा या मेरे बच्चे का फिर से पीछा करवा सकते हैं। मेरे घर की निगरानी करा सकते हैं।

पेनिंग्स ने कहा-अडानी ऐसा कर सकता है। उसी के लिए एलएनपी काम कर रहे हैं। किसी खनन कर्मचारी या उसके परिवार या बच्चे का पीछा किया जाता तब राजनेता बिफर जाते। अडानी ने मेरा और मेरे परिवार का पीछा किया, तस्वीरें भी लीं। इस चुनाव में कुछ भी नहीं बदला तो एलएनपी उन्हें फिर क्विंसलैंड में काम करने की अनुमति दे देगा।

“क्वींसलैंड लेबर के पास अडानी के खिलाफ खड़े होने के बहुत सारे मौके आये जब अडानी ने वैज्ञानिकों और नागरिकों को डराया धमकाया। मगर फिर भी अडानी को ठाट बाट के साथ रहने दिया जा रहा है। उसके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जा रहा।

अडानी ने पेन्निंग्स के खिलाफ दायर मामले में बयान जारी कर कहा यह सब उन्होंने “अपने कर्मचारियों और ठेकेदारों के कानूनी अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा के लिए किया”।

अडानी ने कहा हमने अपने मामले में साक्ष्य जुटाने के मकसद से पेनिंग्स के खिलाफ विभिन्न माध्यमों से जानकारी एकत्र की है।

“हम अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग करने के लिए माफी नहीं मांगेंगे। हम अपने आप को, अपने कर्मचारियों और ठेकेदारों को उन व्यक्तियों या समूहों से बचाने के लिए उपलब्ध सभी कानूनी साधनों का उपयोग करना जारी रखेंगे जो गैर-कानूनी रूप से कार्य करते हैं।”

विवादास्पद कारमाइकल कोयला बनाने वाली खनन कंपनी समूह गलील ब्लोकेड ने पेन्निंग्स पर साजिश करने, धमकी देने और विश्वास का उल्लंघन करने का मुकदमा किया है।

अडानी ने कारमाइकल परियोजना के खिलाफ पेनिंग्स पर “निरंतर अभियान चलाने” का आरोप लगाया। अडानी का कहना है कि पेनिंग्स ने निर्माण प्रक्रिया के बारे में गोपनीय जानकारी जुटाई और ठेकेदारों को परेशान करने के लिए इसका इस्तेमाल किया।

प्रस्तुति- श्वेता सिंह

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