
मनीष दुबे-
दो साल पहले, हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट ने अदाणी ग्रुप को हिला कर रख दिया था। इस रिपोर्ट के असर से अदाणी ग्रुप के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आई, और उनका मार्केट कैपिटलाइजेशन आज भी करीब 6 लाख करोड़ रुपये कम है। हाल ही में, खबर आई कि हिंडनबर्ग के संस्थापक नैथन एंडरसन ने अपनी कंपनी को बंद कर दिया है। इसके बाद अदाणी ग्रुप के शेयरों में तेजी देखी गई। सवाल यह है कि क्या अदाणी ग्रुप की परेशानियां अब खत्म हो गई हैं?
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट और अदाणी ग्रुप पर उसका असर
जनवरी 2023 में, गौतम अदाणी दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति थे। लेकिन हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने उनके साम्राज्य को झटका दिया। रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर आरोप लगाया गया था कि:
• उनके शेयरों की कीमतें 85% से अधिक कृत्रिम रूप से बढ़ाई गईं।
• शेयरों में हेराफेरी और बेवजह की खरीदारी की गई।
• कंपनी पर 2.20 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज है।
रिपोर्ट के बाद अदाणी ग्रुप की संपत्ति में भारी गिरावट आई। सुप्रीम कोर्ट और SEBI ने जांच की, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया। हालांकि, अदाणी को अमेरिकी एजेंसियों से नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। FBI और SEC ने अदाणी ग्रुप पर भारत में सरकारी ठेके हासिल करने के लिए रिश्वत देने के आरोप लगाए हैं।
हिंडनबर्ग का बंद होना और नई चर्चा
हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ इसे अमेरिकी राजनीति से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि नैथन एंडरसन ने कंपनी बंद करने का फैसला अपने तरीके बदलने के लिए लिया है। एंडरसन ने बयान में कहा कि उन्हें कोई धमकी नहीं मिली है और वह अपनी रिसर्च मेथडोलॉजी को सार्वजनिक करना चाहते हैं ताकि अन्य लोग भी ऐसी कंपनियों की जांच कर सकें।
क्या अदाणी की मुश्किलें खत्म हो गई हैं?
अदाणी ग्रुप की ओर से हिंडनबर्ग के बंद होने पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, ग्रुप के CFO रॉबी सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कितने ग़ाज़ी आए, कितने ग़ाज़ी गए,” जो यह संकेत देता है कि अदाणी ग्रुप को अपनी स्थिरता पर भरोसा है।
अभी यह देखना बाकी है कि अमेरिकी अदालतों में चल रहे मामले का नतीजा क्या निकलता है। अदाणी ग्रुप के सामने तीन विकल्प हैं:
1. अदाणी दोषी साबित हों और सजा मिले।
2. वे बरी हो जाएं।
3. समझौता कर जुर्माना भरकर मामला खत्म करें।
अंतिम सवाल
क्या हिंडनबर्ग का बंद होना अदाणी ग्रुप के लिए राहत का संकेत है, या उनकी चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं? शेयर बाजार में तेजी के बावजूद, यह देखना दिलचस्प होगा कि अदाणी ग्रुप आने वाले समय में कैसे अपना संतुलन बनाए रखता है।



एनडीटीवी में साजिश का शिकार हुआ एक मासूम
January 19, 2025 at 6:05 pm
अदानी का तो नहीं पता लेकिन उनके मीडिया संस्थान एनडीटीवी में तानाशाही और साजिश का दौर चलता है. जिसमें सच बोलने वाले और क्षेत्र विशेष (वो क्षेत्र जो मीडिया को सबसे ज्यादा टीआरपी देता है) के लोगों को प्रताड़ित किया जाता है. उसका ये हाल कर दिया जाता है कि वो अपनी मौत की भीख मांगने को मजबूर हो जाता है. उससे उसका नाम, इज्जत, खुशी सब एक झटके में छीन ली जाती है.
जल्दी ही इस पर पूरी सीरीज चलेगी और संदेह के घेरे में आने वाले सभी को कटघरे में खड़ा किया जाएगा. बड़े पद पर बैठे आदमी भी इस साजिश का हिस्सा बनते हैं या खुद ही साजिश करते हैं. वो एक ट्वीट करता है तो उसको इंसाफ देने के बजाय उसे ही सजा दे दी जाती है. कुत्ते अक्सर शेर का शिकार झुंड में ही करते हैं.
बहुत जल्दी ही…