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अदाणी सेठ का यूट्यूबर्स पर कहर : कोर्ट के जरिये रवीश कुमार, ध्रुव राठी, अजीत अंजुम, दीपक शर्मा, अभिसार शर्मा, प्रज्ञा समेत कइयों को वीडियो हटाने का नोटिस भेजा

भारत की मेनस्ट्रीम मीडिया पर पूरी तरह कब्जा कर लेने के बाद भारतीय पूंजीपति अब यूट्यूबरों पर शिकंजा कसना चाह रहे हैं। इसी कड़ी में अदाणी सेठ ने रवीश कुमार, अजीत अंजुम, अभिसार शर्मा, ध्रुव राठी, दीपक शर्मा, द देशभक्त, परॉन्जय गुहा ठाकुरता, न्यूज़लॉन्ड्री इत्यादि को उससे संबंधित वीडियो हटाने का निर्देश दिलवाया है। ये मामला पहले कोर्ट गया और कोर्ट के आदेश को आधार बनाते हुए यूट्यूब ने इन सभी यूट्यूबर्स को वीडियो हटाने का निर्देश जारी किया है।

पढ़ें इस आदेश को लेकर पत्रकारों/यूट्यूबर्स की प्रतिक्रियाएं…


रवीश कुमार-

आज के भारत की My Modi Story

मुझे भी यू ट्यूब ने सूचना भेजी है कि अदाणी पर बने वीडियो ख़ुद हटा लूं या फिर वह हटा देगा। सूचना मंत्रालय ने कई लोगों और संस्थाओं को नोटिस जारी किया है, इनमें न्यूज़लौंड्री, द वायर सहित ध्रुव राठी, अभिसार, अजीत अंजुम, आकाश बनर्जी के वीडियो के भी लिंक हैं। कुल 138 वीडियो हटाए जाने हैं। इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट किए गए वीडियो हटाने होंगे। आज अदाणी वीडियो टेक डाउन दिवस है।

अगर कोई यू ट्यूबर इसी पर वीडियो बनाए कि अदाणी पर बने 138 वीडियो टेक डाउन करने के आदेश दिए गए हैं तो क्या उसके वीडियो को भी टेक डाउन किया जाएगा। टेक डाउन का मतलब होता है वीडियो डिलिट करना।


अभिसार शर्मा-

पहले अडानी ग्रुप ने मेरे खिलाफ क्रिमिनल डिफेमेशन केस दायर किया है उस शो को लेकर, जिसमें पहले ही असम सरकार ने 152, 196 और 197 के तहत केस लगाए हैं… उसके बाद मुझे यूट्यूब से वीडियो टेकेडाउन का मेल आया है कोर्ट ऑर्डर के आधार पर। इसमें मेरे, ध्रुव, रवीश, आकाश, अजीत अंजुम और दीपक शर्मा के सभी अडानी वाले वीडियो शामिल हैं।


दीपक शर्मा-

क्या अदालत में बिना तलब किये, बिना नोटिस दिये, बिना सुने, आपको कोई फैसला ईमेल भेजकर सुनाया जा सकता है? क्या आपको कुछ ही घंटो के भीतर अडानी पर किये गये सारे वीडियो डीलीट करने के आदेश दिये जा सकते हैं?

रात 11.30 बजे मुझे ईमेल से आदेश दिये गये कि मैं अडानी ग्रुप से जुड़े 11 वीडियो डीलीट कर दूं। आदेश से पता चला कि ऐसे निर्देष अभिसार शर्मा, रविश कुमार, ध्रुव राठी, अजीत अंजुम, प्रज्ञा, देशभक्त, न्यूज लांड्री जैसे प्रमुख चैनेलों को भी दिये गये है।

चौंकाने वाली बात ये है कि ये वीडियो हमने डीलीट नहीं किये तो यू ट्यूब, अदालत के कहने पर, खुद सिस्टम से डीलीट कर देगा। मतबल हमारे बस में कुछ नहीं है।

समझने की बात ये है कि मामला हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट का नहीं है, दिल्ली की रोहिणी अदालत का है जहां फैसला 6 सितम्बर को हुआ और बताया 16 सितम्बर को गया। यानी अदालत को जवाब देने की तारीख 9 सितम्बर गुजर जाने के बाद।


परॉन्जय गुहा ठाकुरता-

Dear friends and well-wishers, I thank all of you for your support and your solidarity. I would under normal circumstances have been present in the Rohini Courts in north Delhi this afternoon during our appeal against an ex-parte ad-interim order initiated by Adani Enterprises Limited, but regretfully I will not be present in court on the occasion. Reason: I will have to catch a train from New Delhi to Kota in Rajasthan to appear before a villlage court (ग्राम न्यालय) in District Baran, Rajasthan, tomorrow (Thursday 18 September) morning in a different defamation case instituted by Adani Power Limited. The court is located 100 kilometres from Kota. This will be my fifth visit to the court.

Three of us, Prabir Purkayastha, Abir Dasgupta and I, are travelling together. You may be aware in the Adani Enterprises Limited versus Paranjoy Guha Thakurta and others case, the Government of India’s Ministry of Information and Broadcast has involved a host of journalists and media organisations such as Ravish Kumar, Ajit Anjum, Aakash Banerjee (Deshbhakt), Dhruv Rathee, The Wire, NewsLaundry, HW News, New Delhi Post, Ulta Chasma and others by directing them to take down Adani related context from their social media handles.

The direction has gone to social media platforms like YouTube and X (Twitter). Thanks again for your support (http://paranjoy.in/donate), your good wishes and solidarity. Have a good day. Lots of love.

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1 Comment

1 Comment

  1. अनुभव सिन्हा

    September 17, 2025 at 8:25 pm

    ये सारे यूट्यूबर्स पहले किसी न किसी चैनल के कर्मचारी थे। उन चैनलों के साथ इन पत्रकारों के हित टकरा गए जिससे या तो इन्हे नौकरी छोडनी पडी या निकाल दिया गया। एक पत्रकार टक्कर देने वाला अपना चैनल शुरु करने की हैसियत नही रखता इसलिए सब के सब यूट्यूबर्स हो गए। इनका चैनल भले अलग-अलग हो, मोटे तौर पर परसेप्शन छद्म देशभक्ति का ही है। इससे लगता है कि इन पीडित आत्माओं की हालत राहुल गांधी जैसी ही है। राहुल पर देशद्रोह का आरोप है। अडानी से इन पत्रकारों के हित टकराए या अडानी का कंधा इस्तेमाल करना चाहा, परिणाम यह बता रहा है कि प्रयास ही दोषपूर्ण था।

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