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दिल्ली

भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई की कीमत चुका रहे एम्स के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी

नई दिल्ली : एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी आज भी भ्रष्टतंत्र विरोधी अपनी ईमानदारी की कीमत चुका रहे हैं। उन्हें एक तरह से साइडलाइन कर दिया गया है। आरटीआई से पता चला है कि आंतरिक प्रताड़ना के शिकार चतुर्वेदी को न तो कहीं स्थानांतरित किया जा रहा है, न उनसे और कोई काम लिया जा रहा है। उनकी फाइल केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के पास जाकर अटक गई है।

नई दिल्ली : एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी आज भी भ्रष्टतंत्र विरोधी अपनी ईमानदारी की कीमत चुका रहे हैं। उन्हें एक तरह से साइडलाइन कर दिया गया है। आरटीआई से पता चला है कि आंतरिक प्रताड़ना के शिकार चतुर्वेदी को न तो कहीं स्थानांतरित किया जा रहा है, न उनसे और कोई काम लिया जा रहा है। उनकी फाइल केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के पास जाकर अटक गई है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले महीने फरवरी में चतुर्वेदी को बतौर ओएसडी मांगा था। इस महीने की शुरुआत में भी उन्होंने इस प्रकरण को मीडिया से साझा किया था। अभी तक वह मामला सुनियोजित तरीके से पेंडिंग रखते हुए चतुर्वेदी को रिलीव नहीं किया जा रहा है। 

अब आरटीआई से पता चला है कि चतुर्वेदी को दिल्ली सरकार के अधीन विभाग में स्थानांतरित किए जाने की फाइल केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के यहां पड़ी है, जबकि उपलब्ध रिकार्ड के मुताबिक चतुर्वेदी को अब तक रिलीव कर दिया जाना चाहिए था। दिल्ली सरकार की ओर से इस मामले का रिमाइंडर भी 28 फरवरी को केंद्र सरकार में सचिव अशोक लवासा को भेजा गया था। पूरे मामले पर जावड़ेकर की खामोशी से पता चलता है कि चतुर्वेदी को एम्स में भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाने की कीमत चुकानी पड़ रही है।

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