
सबसे पहले पत्रकार आलोक पराड़कर की पत्नी की कार बरामद हुई। छानबीन में जुटी पुलिस की तीन टीमों ने गाजीपुर के लक्ष्मणपुरी इलाके से कार को किया बरामद। पड़ताल के दौरान रीना पराड़कर पुलिस को चारबाग के सीसीटीवी फुटेज में खुद जाती हुई दिखीं। उनकी पत्नी शहर से बाहर जाते हुए देखी गईं। बाद में टुंडला में वे मिल पाईं। पत्रकार आलोक पराड़कर की गुमशुदा हुई पत्नी को रीना पराड़कर को लखनऊ पुलिस ने टुंडला से सकुशल किया बरामद। DCP पूर्वी शशांक सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने कुछ ही घंटों में टुंडला जंक्शन से महिला को किया बरामद।
नवेद शिकोह-
लखनऊ पुलिस को सैल्यूट, चंद घंटों में सर्च ऑपरेशन को मिली सफलता…. आलोक पराड़कर उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। देश के चंद कला समीक्षकों में शुमार आलोक जी की रिपोर्टिंग और समीक्षाएं शास्त्री संगीत क्षेत्र की विभिन्न विधाओं मे विशेष पकड़ रखती हैं। वो करीब तीन दशक तक वाराणसी और लखनऊ में अलग-अलग समय में दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान और अमर उजाला जैसे लीडिंग अखबारों में सेवाएं दे चुके हैं। भारतीय कलाओं पर आधारित उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी की पत्रिका और पर्यटन विभाग/सांस्कृतिक कार्य विभाग ने भी उनके कलम की सेवाएं ली हैं। उत्तर प्रदेश के प्राचीन संगीत घरानों का हर विश्वविख्यात दिग्गज कलाकर आलोक जी के कलम का जितना मुरीद है उससे ज्यादा उनके व्यवहार को पसंद करता है। सकारात्मकता से भरे इस दिग्गज पत्रकार की ना कलम में कभी नकारात्मक दिखी ना व्यवहार में। दुश्मनी या रंजिश तो दूर इन्होंने कभी किसी से प्रतिद्वंदिता भी नहीं रखी। जो घर की बाहर की दुनिया में इतना निर्विवाद, सौम्य और शालीन हो, अंदाजा लगाया जा सकता है उसके घर की दुनिया स्वर्ग सी होगी। ऐसे में आलोक पराड़कर की पत्नी की गुमशुदगी आश्चर्यचकित करती है।
गुमशुदगी की सूचना के कुछ ही समय में उत्तर प्रदेश पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। आला अफसरों ने गंभीरता से संज्ञान लिया। खबर का प्रेस नोट भी जारी कर दिया। लोकेशन्स ट्रेस हो रही है। सीसीटीवी कैमरो के रूट फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बंद मोबाइल फोन को भी ट्रैक करने की कोशिश चल रही है।
आलोक जी के परिवार में नहीं पत्रकार जगत और कला जगत मे भी बेचैनी है। प्रदेश के दर्जनों पत्रकार आलोक जी के टच मे हैं। पत्रकार जगत और तमाम आलाधिकारी, जनप्रतिनिधि किसी भी प्रोग्रेस रिपोर्ट जानने के लिए तलाश में जुटी पुलिस टीम से संपर्क साधे है। सोशल मीडिया की मदद से लेकर दुआओं/प्रार्थनाओं का भी सिलसिला जारी हैं। उ प्र राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति के पदाधिकारी भी आलोक जी और पुलिस के संपर्क मे हैं।
अंततः लखनऊ पुलिस की मेहनत रंग लाई और आलोक जी की पत्नी मिल गईं।


