ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आम्रपाली गोल्फ होम्स एवं किंग्सवुड सोसाइटी में होली के दिन घटी घटनाओं ने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोसाइटी में लगभग 8–10 बाउंसर तैनात किए गए हैं, जो लंबे समय तक बिना किसी यूनिफॉर्म के पूरी सोसाइटी में घूमते रहे। रेजिडेंट्स द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद उन्होंने ब्लैक टी-शर्ट पहन ली, जिसके पीछे “Security” लिखा हुआ था। बिना पहचान और बिना उचित वर्दी के इस तरह बाउंसरों का सोसाइटी में घूमना अपने आप में सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
होली के दिन जब कुछ रेजिडेंट्स ने बाहर से खाना मंगवाया, तो इन बाउंसरों ने खाने की गाड़ी को सोसाइटी के गेट पर जबरन रोक दिया और रेजिडेंट्स के साथ बदतमीजी की। कई बार अनुरोध करने के बावजूद भी गाड़ी को अंदर नहीं आने दिया गया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि रेजिडेंट्स को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद ही खाने की गाड़ी को सोसाइटी में प्रवेश करने दिया गया।
सबसे शर्मनाक और गंभीर घटना यह रही कि होली खेलने के दौरान इन्हीं बाउंसरों ने कुछ रेजिडेंट्स के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें लात-घूसों से पीटा। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि सुरक्षा के नाम पर तैनात लोग ही रेजिडेंट्स के साथ गुंडागर्दी कर रहे हैं।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक स्थिति है कि जिन लोगों को रेजिडेंट्स की सुरक्षा के लिए रखा गया है, वही रेजिडेंट्स के साथ हिंसा कर रहे हैं। ऐसे में सोसाइटी के लोगों के मन में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि अगर सुरक्षा कर्मी ही हमलावर बन जाएँ, तो रेजिडेंट्स इस सोसाइटी में खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें? क्या इस सोसाइटी में कानून और व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है?
सोसाइटी के रेजिडेंट्स ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित बाउंसरों की तत्काल बर्खास्तगी, और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रशासन और पुलिस से भी अपील की गई है कि इस घटना का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी सोसाइटी में सुरक्षा के नाम पर इस तरह की गुंडागर्दी दोबारा न हो।
देखें संबंधित वीडियो-
https://x.com/yashbhadas/status/2029577761422274793?s=46



Dheeraj Maheshwari
March 6, 2026 at 3:18 pm
GreaterNoidaWest Noida एक्सटेंशन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसाइटियों में तैनात कई सिक्योरिटी एजेंसियों पर सवाल..
भारत में किसी भी निजी सिक्योरिटी एजेंसी को संचालन के लिए Private Security Agencies Regulation Act (PSARA), 2005 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है।
बिना इस लाइसेंस के सिक्योरिटी सेवा देना गैरकानूनी माना जाता है
क्या सभी एजेंसियों के पास PSARA लाइसेंस है?
क्या गार्डों का पुलिस वेरिफिकेशन और प्रशिक्षण हुआ है?
सूत्रों का दावा — कुछ जगह बिना पूरी जांच के ही गार्ड तैनात।
जब सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, तो मानकों पर समझौता क्यों?
RWA और प्रशासन से जवाब जरूरी।