डॉक्टर पथिक-
स्त्री पुरुष के मध्य अलगाव का मुख्य कारण होता है यौनिक सामंजस्य का अभाव।
प्रेम विवाह को व्यवस्था विवाह से इसलिए ही श्रेष्ठ माना जा सकता है क्योंकि प्रेम विवाह में स्त्री पुरुष को आपस के यौन सामंजस्य के विषय में विवाह पूर्व ही जानकारी होती है।
व्यवस्था विवाह की यही विडंबना है कि युगलों को एक दूसरे की सेक्सुअल कंपेटिब्लिटी के विषय में जानकारी ही नहीं होती।
यही सेक्सुअल कंपेटिब्लिटी का अभाव मरहूम अतुल सुभाष और निकिता सिंघानिया के अलगाव तलाक़ और अंत में अतुल की आत्महत्या की वज़ह बना।
अतुल सुभाष ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में रहस्योद्घाटन किया कि निकिता एक-एक हफ्ते नहाती नहीं थी और यौन संबंधों के दौरान अतुल को अपने मलद्वार, मूत्रद्वार, अंडरआर्म इत्यादि चाटने को बोलती थी।
इस तथ्य से यह निष्कर्ष प्राप्त होता है कि निकिता घृणित किस्म की पोर्न फिल्में देखने की अभ्यस्त होगी जो एस लिकिंग इत्यादि दिखाती हैं तथा वही सब कार्य कलाप अपनी निजी जिंदगी में भी चाहती थी।
दूसरी तरफ अतुल धार्मिक साहित्य पढ़ता होगा तथा बाबा रामदेव का योगा इत्यादि करता होगा तथा घृणित पोर्न फिल्मों में उसकी कोई रुचि नहीं होगी।
निकिता की इस तरह की असामाजिक मांगो के कारण अतुल का सेक्स से मोहभंग हुआ और फिर उसके अंदर सेक्स से तथा निकिता से विरक्ति उत्पन्न हुई।
उसके बाद जैसा की अतुल ने बताया कि उसने सेक्स को लेकर बहाने बनाकर इंकार करना शुरू कर दिया।
अतुल की यौन विरक्ति के कारण कामांध निकिता अवसादग्रस्त हो गई। अवसाद ग्रस्त व्यक्ति कई-कई दिन तक नहीं नहाता और दिन में 16-16 घंटे सोता है।
गांव देहातों में बोलते हैं कि अमुक व्यक्ति को पलीत लग गए हैं।
देहाती लोग मनोरोगों को नहीं मानते उन्हें लगता है हर एक मनोरोग भूत प्रेत चुड़ैल या पलीत इत्यादि पैदा करते हैं।
अर्थात देहाती भाषा में कहा जाए तो निकिता को भी पलीत लग गए थे इस कारण वह हफ्ते में एक बार नहाती थी।
अब हफ्ते भर तक बिना नहाई निकिता ने अतुल से मल मूत्र के द्वारों को चाटने हेतु निवेदन किया और अतुल ने इन क्रूर किस्म की मांगों को ठुकरा दिया तथा निकिता के परित्याग हेतु अपना मन दृढ़ कर लिया।
उसके बाद जो कुछ हुआ वो सब इन घटनाओं का कंसीक्वेंस है।
अतुल प्रकरण में हमने देखा कि किस प्रकार यौन सामंजस्य न मिलने का इतने घातक दुष्परिणाम हुए। और एक छोटी सी चिंगारी ने पूरा परिवार तहस नहस कर दिया।
मैं मोदीजी से निवेदन करूंगा कि सरकार द्वारा प्रेम विवाह को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाए तथा घृणित किस्म की फिरंगी ब्लू फिल्मों पर प्रतिबंध लगाया जाए जो युवाओं को यौन विकृत बनाती हैं।
सिंपल प्यार मोहब्बत वाली देसी ब्लू फिल्मों को एलाऊ किया जा सकता है।
Related News..
मल-मूत्र द्वार चाटने के लिए दबाव बनाने वाली बात सही है, देखें ये वीडियो


