रिपोर्ट: सुजीत सिंह प्रिंस, बलिया
उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में रसड़ा चीनी मिल सहकारी संघ के चेयरमैन और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बब्बन सिंह रघुवंशी को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है। यह कदम उस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद उठाया गया है, जिसमें बब्बन सिंह एक शादी समारोह के दौरान कथित रूप से एक महिला नर्तकी के साथ अशोभनीय व्यवहार करते नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस वीडियो ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि पार्टी की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल द्वारा जारी निष्कासन पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बब्बन सिंह का यह आचरण पार्टी की गरिमा और अनुशासन के सर्वथा विरुद्ध है, इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जा रहा है।
बब्बन सिंह ने बताया साजिश, विधायक केतकी सिंह पर लगाया आरोप
बब्बन सिंह ने वायरल वीडियो को झूठा और भ्रामक करार देते हुए इसे अपनी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की सुनियोजित साजिश बताया है। उनका कहना है कि यह वीडियो करीब एक महीने पुराना है और बिहार में आयोजित एक विवाह समारोह का है।
उन्होंने सीधे तौर पर बांसडीह की विधायक केतकी सिंह और उनके पति पर इस साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा,
“मैं 70 वर्ष का हूं, इस उम्र में ऐसे आचरण की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह वीडियो जिला अध्यक्ष पद के चुनाव और आगामी विधानसभा टिकट की दावेदारी को प्रभावित करने के इरादे से बनाया गया है।”
बब्बन सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही है।
केतकी सिंह ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, विधायक केतकी सिंह ने बब्बन सिंह द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है और यह मात्र ध्यान भटकाने की कोशिश है।
पूर्व आईपीएस और स्थानीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने और बब्बन सिंह को रसड़ा चीनी मिल चेयरमैन पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति का ऐसा आचरण अक्षम्य है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
बीजेपी बलिया ज़िला अध्यक्ष संजय मिश्र ने कहा कि पार्टी इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है और अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रक्रिया के तहत हुई है।
निष्कर्ष:
बब्बन सिंह रघुवंशी का यह मामला अब सिर्फ राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि संगठन की साख और जनता के भरोसे से भी जुड़ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सच सामने आता है—राजनीतिक साजिश या अनुशासनहीनता की पुष्टि?


