बीबीसी हिंदी की ज्यादातर खबरें किसी औसत प्रतिभा के व्यक्ति की फेसबुक पोस्ट्स जैसी लगती हैं

Shayak Alok : बीबीसी हिंदी की ज्यादातर खबरें मुझे किसी औसत प्रतिभा के व्यक्ति की फेसबुक पोस्ट्स जैसी लगती हैं .. सतही और प्रभावित .. जबकि मैंने पाया कि बीबीसी अंग्रेजी की भारत पर लिखी रिपोर्टों की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है .. बीबीसी हिंदी की सबसे अच्छी खबरें उन्हीं खबरों का हिंदी अनुवाद हैं..

पत्रकार और साहित्यकार शायक आलोक के फेसबुक वॉल से. इस पोस्ट पर आए कुछ कमेंट्स इस प्रकार हैं…

कंडवाल मोहन मदन : मर्म की बात छेड़ी आपने. मुझे लगा आपने उकेर दिया भाई. एक्स्ट्रा सेंसिटिविटी परसेप्शन आपका.
Sapna Biswas : बीबीसी हिंदी अब स्वायत्त नही रहा..
राणा : मार्क टुली का दौर गुजरी बात हुई
Rohit Soni : Bilkul sahi
Vinod Pandey : इसी औसत दर्जे की रिपोर्टिंग पर मंडल झूम रहा है…
शैलेश कुमार : मुझे तो आजकल जनसत्ता सबसे स्तरहीन लगता है…
Anandita Sugandha : मेरे मन की बात! अच्छे आलेख पढ़ने के लिए नहीं जा सकते यहाँ…बाकि अन्य अख़बारों जैसा ही, स्तरहीन और सतही
Amit Rai : 100% सहमत…..
Brajesh Kumar Pandey : sahi pakde hain bhai.

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