कोई पुरुष दिनभर में 5 बार से ज्यादा चाय पीता है तो उसे प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका!

Aaku Srivastava : कई लोग चाय को अपना लाइफ मान लेते हैं। उसके बिना वह अपने बेड से एक कदम बाहर नहीं रखते है। यहां तक कि अपनी आंखे भी नहीं खोलते हैं। इसका नाम सुनते ही हमारी आधी नींद खुल जाती है। सुबह-सुबह एक कप चाय मिल जाएं तो आपका पूरा दिन बन जाता है। दिन भर की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमें स्फूर्ति मिल जाती हैं। लेकिन शायद आपको यह बात नहीं पता है कि सुबह-सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से आपके शरीर के लिए कितना नुकसान दायक हैं। जानिए इसका सेवन करने से आपको क्या नुकसान हैं।

एक शोध में ये बात सामने आई कि इसका सुबह के समय खाली पेट सेवन करने से आपको पाचन संबंधी समस्याओं के साथ कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं। य़हां तक कि आपको कैंसर जैसी समस्या भी हो सकती है। एक शोध में ये बात सामने आई कि अगर कोई पुरुष दिनभर में 5 चाय से ज्यादा चाय पीता हैं तो उसे प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। आप जानते है कि चाय में एसिड होता है। जो सीधे आपके पाचन तंत्र को इफेक्ट करता है। जिसके कारण आपको इसका सेवन करने से उल्टी, मितली आदि की समस्या हो जाती है।

अगर आप सुबह-सुबह खाली पेट दूध वाली चाय पीते हैं, तो सावधान हो जाए। क्योंकि चाय में दूध मिलाने से उसके एंटीऑक्सीडेंट खत्म हो जाते है। जिसके कारण आपको थकान आदि का सामना करना पड़ सकता हैं। कई लोगों की ये भी आदत होती है कि खाना खाने के तुरंत बाद चाय पीते है, लेकिन आप जानते हैं कि आपकी इस आदत के कारण आपके पेट को कितना भारी नुकसान हो रहा हैं। इसलिए इस आदत को छोड़ना ही आपके लिए फायदेमंद हैं। अगर आपकी आदत हैं कि आप चाय गर्म-गर्म ही पीना पसंद करते हैं, तो इस आदत को छोड़ दीजिए, क्योंकि इससे आपको आहार नाल या फिर गलें में कैंसर की होने की आशंका 8 गुना और बढ जाती है।

लेखक अकू श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार और संपादक हैं. उनके लिए उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए कमेंट्स में से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं…

Raj Anand अकु जी मै आपकी बात से पूरे तौर पर सहमत नहीं हूँ .चाय के काफ़ी फायदे भी हैं.अगर आप उत्तम किस्म की फेनिँग्स लीफ की चाय पीते हैं तो इसके अनगिनत फायदे हैं.मैं बचपन से ही तक़रीबन 7 साल की उम्र से चाय पी रहा हूँ बगैर किसी तक़लीफ़ से.

Syed Obaidur Rahman भारत में चाय का प्रचार-प्रसार किसने किया ? अंग्रेजों ने। आज़ादी से पहले रेलवे स्टेशनों पर टिन से बने रंगीन बोर्ड लगाए गए थे। उनपर कुछ इस तरह की इबारत दर्ज होती थी- ”मोहन चाय पीकर खुश है, रहीम और उसका बेटा पीता है चाय, चाय सबको चुस्त रखे”…… ज़ाहिर है ये जुमलेबाजी इसलिए की जाती थी, क्योंकि हिन्दोस्तानी अवाम ने बड़ा बाज़ार बनने जा रही चाय को रिजेक्ट कर दिया था। लेकिन धीरे-धीरे चाय की लत से अंग्रेज लोगों को जकड़ने में कामयाब हो गए। अंग्रेज चले गए…..चाय रह गई।

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