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तीन कार्पोरेट परस्त पत्रकारों के नाम का खुलासा, ये हैं- संदीप बामजई, अनुपमा ऐरी और मीतू जैन

जब बड़े मीडिया घराने खुद कार्पोरेट के पैसे पर पल चल रहे हों तो यहां काम करने वाले पत्रकार धीरे धीरे कार्पोरेट परस्त व कार्पोरेट पोषित हो ही जाएंगे. जिनके नाम खुल जा रहे हैं, वो ऐलानिया चोर साबित हो जा रहे हैं. कभी बरखा दत्त, वीर सांघवी जैसे दर्जनों पत्रकारों का नाम लाबिस्ट के रूप में सामने आया, महादलाल नीरा राडिया के आडियो टेप के जरिए. अब फिर तीन पत्रकारों का नाम आया है, कार्पोरेट परस्ती को लेकर. ये हैं- संदीप बामजई, अनुपमा ऐरी और मीतू जैन.

जब बड़े मीडिया घराने खुद कार्पोरेट के पैसे पर पल चल रहे हों तो यहां काम करने वाले पत्रकार धीरे धीरे कार्पोरेट परस्त व कार्पोरेट पोषित हो ही जाएंगे. जिनके नाम खुल जा रहे हैं, वो ऐलानिया चोर साबित हो जा रहे हैं. कभी बरखा दत्त, वीर सांघवी जैसे दर्जनों पत्रकारों का नाम लाबिस्ट के रूप में सामने आया, महादलाल नीरा राडिया के आडियो टेप के जरिए. अब फिर तीन पत्रकारों का नाम आया है, कार्पोरेट परस्ती को लेकर. ये हैं- संदीप बामजई, अनुपमा ऐरी और मीतू जैन.

नीरा राडिया टेप कांड के बाद मंत्रालयों में जासूसी प्रकरण का खुलासा हुआ था और लाबिंग करने वाले दर्जनों पत्रकारों का नाम बेनकाब हुआ था. अब यह खुलासा हुआ है कि एस्सार कंपनी ने सत्ताधारियों और रसूखदारों को प्रभावित करने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाए. सामने आए पत्राचार में ई-मेल, सरकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठकों की जानकारियां, मंत्रियों, नौकरशाहों और पत्रकारों को पहुंचाए फायदों की जानकारियां हैं. सुप्रीम कोर्ट में दायर होने वाली एक जनहित याचिका में ये बातें रखी गई हैं. सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटीगेशन की ओर से यह याचिका दायर की जाएगी.

एस्सार से फायदा लेने में दिल्ली के तीन पत्रकारों का नाम आया है. इनमें से दो पत्रकार इस्तीफा दे चुके हैं और तीसरे के खिलाफ जांच जारी है. सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की जाने वाली पीआईएल में इनके नाम हैं. इनमें मेल टुडे के संपादक संदीप बामजेई, हिंदुस्तान टाइम्स की एनर्जी संपादक अनुपमा ऐरी का नाम है. इन्हें एस्सार ने कैब सुविधा दी थी. अंग्रेजी चैनल टाइम्स नाउ की उपसमाचार संपादक मीतू जैन का भी नाम है, जब वह 2012 में सीएनएन –आईबीएन में थीं. तब उन्होंने भी एस्सार की कैब सेवा ली थी.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुख्य संपादक संजॉय नारायण का कहना है कि यह आरोप मूलभूत नैतिक मानदंडों और पाठकों के विश्वास का गंभीर उल्लघंन हैं. हमारे पास जांच होने तक ऐरी को निष्कासित करने के अलावा कोई चारा नहीं था. लेकिन ऐरी ने इस्तीफा दे दिया है जो तुरंत स्वीकार भी हो गया. संदीप बामजेई ने भी वर्ष 2012 में कुछ दिन के लिेए एस्सार कंपनी से कार के लिेए कहा था. बामजेई ने स्वीकार भी किया कि उन्होंने ऐसा किया था. उन्होंने यह भी कहा कि वह एक बेवकूफाना गलती थी. टाइम्स नाउ के संपादक अर्नब गोस्वामी का कहना है कि मीतू जैन के खिलाफ जांच जारी है, हमने उन्हें अपनी बात कहने के लिए कुछ दिन की मोहलत दी है.

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