यूपी में डेंगू से मौत के मुद्दे को नवभारत टाइम्स ने लगातार छापा, नभाटा की पूरी टीम बधाई की पात्र

Dhananjay Singh : हाई कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव से पूछा है क्यों न धारा 356 लगाकर सरकार बर्खास्त कर दी जाय? कारण परिवार का लफड़ा नहीं केवल लखनऊ में ही डेंगू से होने वाली मौतें, बाकी सूबा भी रामभरोसे! दो महीने से इस मुद्दे पर कोई सरकारी मीटिंग नहीं हुई, अधिकारिक रूप से सरकार राजधानी में 90 मौतें मान रही है और चर्चा के मुताबिक यह संख्या 500 हो सकती है. कोई ऐसा मोहल्ला नहीं होगा जहाँ डेंगू न फैला हो!

देश भर के चैनल सपा कार्यालय से लेकर सीएम आवास की दूरी नाप रहे हैं लेकिन उन्हें दुर्व्यवस्था और मौतें नहीं दिख रहीं। अखबार देखता रहा हूँ तो नवभारत टाइम्स ने जिस तरह लगातार इस मुद्दे को छापा है वह बाकी अखबारों के लिए आइना है जिसमें वो खुद को देखें। नवभारत टाइम्स की टीम बधाई की पात्र है जो एक वाजिब मुद्दे पर लगातार डटी हुई है। क्या डेंगू के प्रकोप पर लगातार खबर और जागरूकता फैलाने से सत्ताधारी दल की गुड बुक से हट जाने का डर है ?फिर राजधानी की बेहद जरूरी खबर पर पर्दा डालने का क्या मतलब?

पत्रकार धनंजय सिंह की एफबी वॉल से.

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