मनोज अभिज्ञान-
अल्बानिया में दुनिया की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री नियुक्त की गई है, जिसका नाम है Diella। यह इंसान नहीं, बल्कि वर्चुअल असिस्टेंट है, जिसे प्रधानमंत्री एडि रामा ने अपने मंत्रिमंडल में जगह दी है। Diella का दायित्व है सरकारी टेंडर और ठेकों में लंबे समय से फैले भ्रष्टाचार को खत्म करना। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब से सभी सरकारी टेंडर Diella की निगरानी में होंगे, जहां न तो पक्षपात की जगह होगी, न ही रिश्वतखोरी या राजनीतिक दबाव की।
Diella का नाम अल्बानियाई भाषा में सूरज का अर्थ रखता है। इसे महिला की छवि में प्रस्तुत किया गया है, जो पारंपरिक अल्बानियाई पोशाक पहने हुए दिखाई देती है। जनवरी 2025 में यह पहली बार नागरिकों के लिए e-Albania पोर्टल पर डिजिटल असिस्टेंट के रूप में सामने आई थी। तब से अब तक इसने 36,000 से अधिक डिजिटल दस्तावेज जारी किए हैं और हजार से ज्यादा सेवाएँ नागरिकों तक पहुँचाई हैं। आज अल्बानिया की लगभग 95% सरकारी सेवाएँ इसी प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे यह देश डिजिटल प्रशासन में अपने क्षेत्र का अग्रणी बन गया है।

सबसे बड़ी बात यह है कि Diella अपने सारे निर्णय स्वचालित मानकों और डेटा विश्लेषण पर आधारित करती है। इसमें न सिफारिश चलती है, न डर काम करता है। यही वजह है कि सरकार को उम्मीद है कि टेंडर प्रक्रिया में अब पूर्ण पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार की जड़ें कमजोर होंगी।
अल्बानिया का इतिहास भ्रष्टाचार से जुड़े विवादों से भरा रहा है। कई बार अंतरराष्ट्रीय ड्रग और हथियार तस्करी नेटवर्क ने सरकारी ठेके हासिल करने के लिए रिश्वत का सहारा लिया। यूरोपीय संघ की सदस्यता पाने के लिए अल्बानिया को 2030 तक यह साबित करना होगा कि उसका प्रशासन पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त है। मई 2025 के चुनावों में बहुमत पाने के बाद प्रधानमंत्री रामा अब डिजिटल तकनीक की मदद से देश की छवि बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
अब मंत्री के रूप में Diella सीधे तौर पर सभी टेंडर प्रस्तावों की जांच करेगी और अनुबंधों पर अंतिम निर्णय लेगी। माना जा रहा है कि इससे नौकरशाही की बिकाऊ प्रवृत्ति और राजनीतिक दबाव में दिए जाने वाले ठेके काफी हद तक खत्म होंगे। हालांकि एक सवाल अभी बाकी है। क्या Diella के फैसलों पर कोई मानवीय निगरानी होगी या सब कुछ पूरी तरह AI के भरोसे छोड़ा जाएगा? विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि सुरक्षा की अनदेखी की गई तो यह सिस्टम हैक या मैनिप्यूलेशन का शिकार भी हो सकता है। वहीं जनता की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांतिकारी कदम मानते हैं, तो कुछ व्यंग्य में कहते हैं, अल्बानिया में Diella भी भ्रष्ट हो जाएगी और दोष उसी पर डाल दिया जाएगा।
दुनिया के कई देश सरकारी कामकाज में AI का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन सत्ता के इतने करीब लाने का साहस किसी ने नहीं दिखाया। एस्टोनिया में 130 से अधिक सेवाएँ AI की मदद से चलती हैं और संयुक्त अरब अमीरात ने 2017 में AI नीति के लिए एक मंत्री नियुक्त किया था। मगर अल्बानिया का यह प्रयोग बिल्कुल अलग है। यहां प्रशासनिक प्रक्रिया को पहली बार पूरी तरह AI के हाथों सौंप दिया गया है। अब सबकी निगाहें Diella पर टिकी हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो संभव है कि आने वाले वर्षों में और देश भी ऐसे ही कदम उठाएँ।



