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पूर्व आईएएस एनपी सिंह की पहल, नक्सल इलाके में ग़रीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए खुलेगा ‘तथागत ग्लोबल गुरुकुलम’!

छत्तीसगढ़ के वनवासी क्षेत्र भेंजा जंगली में तथागत ग्लोबल गुरुकुलम के लिए भूमिपूजन संपन्न, गांव और आदिवासी बच्चों को मिलेगी निशुल्क, उच्चस्तरीय शिक्षा, फरवरी से शुरू होगा निर्माण कार्य

छत्तीसगढ़ के नक्सल इलाके के गरीब बच्चों को शिक्षित करने के मकसद से पूर्व आईएएस एनपी सिंह ने एक बड़ी पहल की है। नोएडा और आज़मगढ़ के डीएम रह चुके एनपी सिंह बस्तर इलाके में तथागत ट्रस्ट की तरफ़ से ग्लोबल गुरुकुलम की स्थापना करने जा रहे हैं।

वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा की असमानता को समाप्त करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत बलौद जिले के गुरूर विकासखंड अंतर्गत सुदूर आदिवासी ग्राम भेंजा जंगली में तथागत ग्लोबल गुरुकुलम की स्थापना की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी शैक्षणिक परियोजना के लिए विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, आदिवासी परिवार, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भूमिपूजन अवसर पर भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस एन. पी. सिंह तथा अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष जी. आर. राणा विशेष रूप से मौजूद रहे। उनके साथ ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। भूमिपूजन से पूर्व राजा राव बाबा और कंकालिन माता की पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद शहीद वीर नारायण सिंह के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए एन. पी. सिंह ने कहा कि जब तक गांव और वनवासी क्षेत्रों के बच्चों को शहरों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भेंजा जंगली में स्थापित होने वाला यह गुरुकुलम शिक्षा के स्तर पर दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के प्रतिष्ठित स्कूलों के समकक्ष होगा। यहां बच्चों को केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं दी जाएगी, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कारों और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष जोर रहेगा।

उन्होंने बताया कि तथागत ग्लोबल गुरुकुलम में पूरी तरह निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए पर्सनालिटी डेवलपमेंट, करियर गाइडेंस, केंद्रीय बलों एवं सेना भर्ती की तैयारी, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम तथा व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी छात्राओं एवं महिलाओं को कुटीर उद्योग से जोड़ने का प्रशिक्षण भी गुरुकुलम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

एन. पी. सिंह ने अपने संबोधन में यह भी जानकारी दी कि गुरुकुलम का निर्माण कार्य फरवरी माह से प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने यह संकल्प भी व्यक्त किया कि जब राजा राव पहाड़ में राजा राव बाबा की वार्षिक पूजा का आयोजन होगा, उसी समय तथागत ग्लोबल गुरुकुलम का औपचारिक उद्घाटन भी किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राजा राव बाबा के आशीर्वाद से यहां अध्ययन करने वाले बच्चे आगे चलकर आईएएस, आईपीएस, न्यायाधीश सहित विभिन्न उच्च पदों तक पहुंचेंगे और तभी इस प्रयास को वास्तविक सफलता माना जाएगा।

अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष जी. आर. राणा ने कहा कि यह गुरुकुलम समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े आदिवासी और ग्रामीण बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से इन बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना ही इस पहल का मूल उद्देश्य है। उन्होंने इसे जनजातीय विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

आयोजकों के अनुसार इस गुरुकुलम से भेंजा जंगली सहित आसपास के 10 से 12 गांवों के आदिवासी और ग्रामीण बालक-बालिकाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में विकसित किया जाएगा, ताकि वे समाज और देश के लिए उपयोगी नागरिक बन सकें।

कार्यक्रम का आयोजन जनजातीय विकास के उद्देश्य से जवाहर फाउंडेशन और तथागत ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत की सरपंच शीला यादव, पंच नागेश्वर सलाम, दिनेश यादव, बलराम गोटी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। भूमिपूजन के इस ऐतिहासिक अवसर को पूरे वनांचल क्षेत्र में शिक्षा की दिशा में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

नोएडा और आजमगढ़ के डीएम रह चुके पूर्व आईएएस एनपी सिंह जी ने गरीब बच्चों को फ्री शिक्षा देने के मकसद से एक अत्याधुनिक स्कूल जंगल वाले गाँव में शुरू करने का फैसला किया है। भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन एनपी सिंह जी को गाजीपुर में कल ही समाजसेवी संजीव गुप्ता जी याद कर रहे थे कि- “एनपी साहब ने एक दिन में छब्बीस सौ पट्टा घर भूमि विहीन मुसहरों को दिया था… उनके जैसे बस सौ अफ़सर हो जायें तो देश का कल्याण हो जाता।”

-यशवंत सिंह (वरिष्ठ पत्रकार)

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