मीडिया ट्रायल्‍स से फैसलों पर असर : हाई कोर्ट

मीडिया में दिखाई गई खबरें न्यायधीश के फैसलों पर असर डालती हैं। खबरों से न्यायधीश पर दबाव बनता है और फैसलों का रुख भी बदल जाता है। पहले मीडिया अदालत में विचाराधीन मामलों में नैतिक जिम्मेदारियों को समझते हुए खबरें नहीं दिखाता था, लेकिन अब नैतिकता को हवा में उड़ा दिया गया है। यह टिप्पणी हाई कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप मामले में दोषी करार दिए गए मुकेश के साक्षात्कार पर तैयार डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण पर रोक हटाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की।

न्यायमूर्ति बीडी अहमद व संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने कहा कि वह प्रथमदृष्टया डॉक्यूमेंट्री का विरोध नहीं कर रहें। लेकिन, मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका का निपटारा होने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे। खंडपीठ ने याचिका पर अंतरिम फैसला देने से इन्कार करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल रही है। याचिकाकर्ता प्रतिबंध हटाने के उचित कारण बताए। इस बारे में मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ही उचित फैसला लेगी। डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण मुकेश के केस को फायदा भी पहुंचा सकता है और नुकसान भी। चाहे उसने पश्चाताप का भाव दिखाया हो या नहीं। हमें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय तक रुकना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई अब 18 मार्च को होगी।



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code