गोयनका एवार्ड पाने वाले पत्रकारों में से कितने दलित हैं?

मीना

Meena Kotwal : कल पत्रकारिता का सबसे बड़ा सम्मान गोयनका अवार्ड कई पत्रकारों को दिया गया. इस सम्मान को देने का मौका हमारे राष्ट्रपति कोविंद जी को मिला. वे जाति से कोली है यानि दलित समुदाय से आते हैं. लेकिन मैं जानना चाहती हूं कि जिन्हें उन्होंने पत्रकारिता का सम्मान दिया उनमें से कितने पत्रकार दलित या उनके समुदाय के थे!

या हर बार की तरह कहीं ऐसा तो नहीं कि दलित समुदाय के पत्रकारों ने रेजिस्ट्रेशन ही नहीं किया या वे उस मेरिट लिस्ट में फीट ही नहीं बैठे जो देश की 15 प्रतिशत लोग आसानी से बैठ जाते हैं (ऐसा मुझे एक जगह सुनने को मिला था).

जरूर बेचारे अपने अभिमान को मारकर किसी की चापलूसी नहीं कर पाए होंगे. नहीं तो कहीं ना कहीं किसी लिस्ट में शामिल हो ही जाते और मेरिट भी उनके अनुसार बन जाती!

अवार्ड देने वाले भी वही हैं, लेने वाले भी वही लोग है. स्टोरी दलितों-पिछड़ों पर करने वाले भी वही लोग है फिर क्यों झूठा ढ़िंढोरा सोशल मीडिया पर बजाया जाता है!

बीबीसी में काम कर चुकीं मीना कोतवाल की एफबी वॉल से.

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जा दिखा दुनिया को, मुझको क्या दिखाता है गुरुर… तू समंदर है तो हो, मैं तो मगर प्यासा नहीं…

Posted by Bhadas4media on Thursday, January 23, 2020
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