गूगल ने सकंट झेल रहे पत्रकारों- न्यूज पब्लिशर्स के लिए किया फंड का एलान, करें अप्लाई

Journalism Emergency Relief Fund! जी हां, इसी नाम से गूगल ने एक रिलीफ फंड तैरा किया है. मकसद है छोटी-छोटी मीडिया संस्थाओं को डूबने और हजारों पत्रकारों को बेरोजगार होने से बचाना.

न्यूज पब्लिशर्स की आर्थिक मदद के संबंध में गूगल ने ऐलान किया है. गूगल का कहना है कि कोरोना और लॉकडाउन संकट से प्रभावित छोटे-मीडियम न्यूज पब्लिशर्स व लोकल न्यूजरूम की आर्थिक मदद की जाएगी. जो मदद के इच्छुक हैं वे अप्लाई कर सकते हैं.

गूगल फंड के लिए वो पब्लिशर्स अप्लाई कर सकते हैं जहां 2 से लेकर 100 तक फुल टाइम जर्नलिस्ट हैं. पब्लिकेशन की डिजिटल प्रेजेंस कम से कम 12 महीने की होनी चाहिए.

गूगल न्यूज के वाइस प्रेसिडेंट रिचर्ड ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर छोटे-मीडियम न्यूज पब्लिशर्स को पैसे दिए जाएंगे. इसी मकसद के लिए गूगल ने जर्नलिज्म इमरजेंसी रिलीफ फंड बनाया है. गूगल ने ये नहीं बताया है कि कितने पैसे इस काम के लिए खर्चे जाएंगे.

गूगल की फंडिंग पाने के लिए न्यूज पब्लिकेशन्स दो हफ्तों में आवेदन करें. आखिरी तारीख 29 अप्रैल है.

आवेदन के लिए इस वेबसाइट का यूज करें-

https://newsinitiative.withgoogle.com/

जिन लोकल पब्लिशर्स के पास 100 से ज्यादा फुल टाइम जर्नलिस्ट हैं वो भी इसके लिए आवेदन कर सकती है. हालांकि इस तरह के आवेदन को गूगल अपने तरीके से जांच कर फिर फैसला लेगा कि फंड करना है या नहीं.

गूगल की तरफ से एक मिलियन डॉलर दो संस्थाओं इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स और कोलंबिया जर्नलिस्म स्कूल डार्ट सेंटर फॉर जर्नलिज्म एंड ट्रॉमा को दिए जाएंगे. ये संस्थाएं जर्नलिस्ट्स को सपोर्ट करती हैं.

ज्ञात हो कि गूगल पहले भी गूगल न्यूज इनिशिएटिव के तहत 6.5 मिलियन डॉलर देने का ऐलान कर चुका है जो फैक्ट चेकर्स और कोरोना वायरस से जुड़े गलत इनफॉर्मेशन रोकने का काम करने वाले नॉन प्रॉफिट्स ऑर्गाइजेशन्स के लिए हैं.

गूगल के अलावा फेसबुक ने भी कहा है कि लोकल न्यूज ऑर्गनाइजेशन को कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौर में सपोर्ट करने के लिए 100 मिलियन डॉलर की मदद दी जाएगी. इनमें 25 मिलियन डॉलर लोकल कवरेज के लिए है, जबकि 75 मिलियन डॉलर मार्केटिंग के लिए है.



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