गुजरात हाईकोर्ट में भास्कर के खिलाफ सुनवाई टली, कर्मचारियों के पहुंचने से पहले ही वकील ने ले ली अगली तारीख

गुजरात हाईकोर्ट में अपनी तारीख पर सुनवाई के लिए पहुंचे भास्कर के कर्मचारी उस समय हक्के-बक्के रह गए, जब उन्हें पता चला कि भास्कर के अधिवक्ता तो उनके आने से पहले ही चुपचाप कोर्ट से अगली तारीख लेकर लौट गए। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। अगली तारीख 9 जून 2015 निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि आगामी 28 अप्रैल को मजीठिया मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अखबार मालिकानों के खिलाफ सुनवाई है। अगली तारीख 9 जून निर्धारित कराने पर कर्मचारी इसे किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। 

गुजरात हाईकोर्ट में पिछले दिनो 17 अप्रैल को भास्कर के कर्मचारियों के मामले पर सुनवाई होनी थी। निर्धारित समय पर अदालत पहुंचने पर कर्मचारियों को पता चला कि सुनवाई की अगली तारीख 9 जून 2015 मोकर्रर कर दी गई है। इस बीच जानकारी करने पर कर्मचारियों को पता चला कि भास्कर के एडवोकेट राजेश शाह चुपचाप अगली तारीख मांग कर फटाफट कोर्ट से लौट चुके हैं। इससे कर्मचारियों में काफी रोष है। 

पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि भास्कर प्रबंधन को ऐसी भी क्या जल्दी पड़ी थी, जो इतनी हड़बड़ी में सुनवाई की बजाए अगली ताऱीख मांग ली गई। इससे कंपनी की बौखलाहट साफ नज़र आ रही है। एक तो मजीठिया मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अगले सप्ताह आने वाला है और दूसरे,  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मजीठिया वेजबोर्ड से निर्धारित देय के प्रति अपना समर्थन जता कर मीडिया मालिकों को पहले सचेत कर दिया है। 

इस बीच एक सूचना ये भी मिली है कि भास्कर प्रबंधन ने जबलपुर हाईकोर्ट में तथा अहमदाबाद हाईकोर्ट में मजीठिया न लेने संबंधी अपने लेटर में मनमाफीक जो तारीखें लगवा ली हैं, उसमें काफी गड़बड़ियां पाई गई हैं। भास्कर अहमदाबाद की यूनिट में तो खौफ बढ़ाने के लिए इन दिनो काफी कड़ाई की जा रही है। हर एक जगह ताबड़तोड़ कैमरे लगा दिए गए हैं। आने-जाने के रास्ते भी बदल दिए गए हैं। कर्मचारियों की जासूसी करवाई जा रही है। 

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित



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