दैनिक भास्कर में मेल हैक कर जबरन इस्तीफा लेने पर पुलिस ने किया केस दर्ज

दैनिक भास्कर चंडीगढ़ में मजीठिया वेज बोर्ड मांगने वाले एक मीडियाकर्मी का फर्जी तरीके से उसी की मेल आईडी से एचआर वालों ने मेल भेजकर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया. इस बाबत पीड़िता मीडियाकर्मी सुधीर श्रीवास्तव ने पुलिस में लिखित कंप्लेन दी.

भास्कर में बड़े पैमाने पर छंटनी होगी, अंग्रेजी अखबार बंद, इंदौर से विकास राठौर गए

खबर है कि दैनिक भास्कर प्रबंधन अपने यहां बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर चुका है. इसी के तहत अलग-अलग आरोप लगाकर लोगों को निकाला जा रहा है. दैनिक भास्कर इंदौर से खबर है कि यहां से विकास राठौर को हटा दिया गया है जो रिपोर्टिंग में कार्यरत थे.

भास्कर समूह नहीं चला पाया अंग्रेजी अखबार डीबी पोस्ट, 6 जनवरी से लगेगा ताला

भोपाल | दैनिक भास्कर समूह भोपाल से प्रकाशित होने वाले अपने अंग्रेज़ी अख़बार डीबी पोस्ट को बंद करने जा रहा है। 12 मार्च 2016 को शुरू हुआ ये अख़बार अपनी तीसरी सालगिरह भी नहीं मना पाया। 12 दिसम्बर को एचआर वालों ने अख़बार के कर्मियों को ये बुरी ख़बर सुनाई कि 6 जनवरी को अख़बार …

भास्कर समूह का स्टिंग दिखाने से रोक हटी, कोबरापोस्ट ने जारी किया वीडियो, पवन अग्रवाल भी फंसे, देखें

भास्कर ग्रुप अपने स्टिंग को प्रसारित होने से रोकने के लिए कोर्ट भागा था और स्टे आर्डर ले आया था. तब कोबरा पोस्ट ने अदालती आदेश का सम्मान करते हुए भास्कर का स्टिंग दिखाने से परहेज किया था. ताजी सूचना ये है कि कोर्ट ने भास्कर का स्टिंग दिखाने से रोक हटा ली है. इसके …

ऋतिक रोशन ने पत्रिका और भास्कर को सरेआम लताड़ा, देखें ट्वीट

अभिनेता ऋतिक रोशन के बारे में अनर्गल खबर छापना पत्रिका और भास्कर जैसे बड़े अखबारों की वेबसाइटों को भारी पड़ा. ऋितिक रोशन ने इन दोनों अखबारों की वेबसाइटों के लिंक को सबके सामने यानि पूरे सोशल मीडिया की भीड़ की मौजूदगी में शेयर कर इन मीडिया हाउसों की क्लास ले ली.

दैनिक भास्कर के आफिस पर पड़ा छापा, बाथरूम में छिपे संपादक और मैनेजर! देखें वीडियो

मजीठिया वेज बोर्ड के एरियर की मांग को लेकर जिन कर्मचारियों ने केस कर रखा है, प्रबंधन कर रहा है उन्हें प्रताड़ित… हिसार दैनिक भास्कर की यूनिट में गुरुवार को काफी कुछ देखने को मिला. यूनिट के विभिन्न ब्यूरो कार्यालयों में तैनात फोटोग्राफरों व सब एडिटर का मई के आखिर में बिहार और गुजरात ट्रांसफर …

दैनिक भास्कर भोपाल के संपादकीय विभाग में एक साथ चार इस्तीफों से हड़कंप

दैनिक भास्कर भोपाल में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. यही कारण है कि कई दिनों की खदबदाहट के बाद आज एक साथ चार लोगों ने इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया. कुछ लोगों का कहना है कि यह स्टेट हेड अवनीश जैन के खिलाफ विद्रोह है तो कुछ अन्य का कहना है कि ये …

भोपाल के कुछ अखबारों ने घोटालेबाज सुधीर अग्रवाल और गिरीश अग्रवाल की सचित्र खबर ली, देखें वीडियो

भास्कर ग्रुप से पीड़ित भोपाल के कुछ अखबारों ने घोटालेबाज सुधीर अग्रवाल और गिरीश अग्रवाल की सचित्र खबर ली है… इनने विस्तार से खबर प्रकाशित की है. लेकिन दैनिक जागरण हो या अमर उजाला, दैनिक हिंदुस्तान हो या टाइम्स आफ इंडिया… आजतक हो या कलतक, इंडिया टीवी हो या इंडिया न्यूज… इन सब बड़े अखबारों और चैनलों ने इस बड़े घपले-घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की खबर को दबा-पचा लिया…

हजारों करोड़ के घोटाले में दैनिक भास्कर के मालिकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

42 कम्पनियों का 7536 करोड़ का घोटाला : सुधीर अग्रवाल और गिरीश अग्रवाल के ख़िलाफ़ गिरफ्तारी वारंट जारी… EOW ने घोटाले के आरोपियों के नामों का खुलासा किया… पढ़िए आर्थिक अनुसंधान शाखा द्वारा जारी प्रेस रिलीज…

भोपाल । मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के तत्कालीन अध्यक्ष, संचालक मण्डल, प्रबंध संचालक एवं अन्य अधिकारियों ने षडयंत्रपूर्वक बेईमानी के इरादे से छल करते हुए लगभग 42 डिफॉल्टर कम्पनियों के प्रवर्तकों / संचालको से सांठगांठ कर उन्हें अवैध रूप से लाभान्वित किया। इससे शासन और निगम को ब्याज सहित लगभग 719 करोड़ रुपये की वित्तीय हानि हुई थी। दिनांक 31. 09. 2017 की स्थिति में यह हानि बढ़कर ब्याज सहित 7536.57 करोड़ रुपये हो चुकी है।

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में दैनिक भास्कर के खिलाफ एक और आरसी जारी

मुंबई से खबर आ रही है कि यहां दैनिक भास्कर की प्रबंधन कंपनी डी. बी. कॉर्प लिमिटेड में कार्यरत सिस्टम इंजीनियर अस्बर्ट गोंजाल्विस के पक्ष में जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में 26 लाख 38 हजार 203 रुपए 98 पैसे का रिकवरी सर्टीफिकेट (आरसी) जारी किया गया है। इस आरसी को मुंबई (उपनगर) के कलेक्टर को भेज कर आदेश दिया गया है कि वह आवेदक के पक्ष में कंपनी से भू-राजस्व की भांति वसूली करें और आवेदक अस्बर्ट गोंजाल्विस को यह धनराशि प्रदान कराएं। आपको बता दें कि इस मामले में अस्बर्ट गोंजाल्विस ने अपने एडवोकेट एस. पी. पांडे के जरिए मुंबई उच्च न्यायालय में कैविएट भी लगवा दी है।

दैनिक भास्कर और पीपुल्स समाचार एक दूसरे के काले कारनामों की पोल खोलने में जुटे

व्यापम घोटाले में सीबीआई द्वारा पेश चालान में चौकसे समूह, पीपुल्स ग्रुप और चिरायु के मेडिकल कालेजों मे दाखिले को लेकर उनके मालिकों पर शिकंजा कसा गया है. इनमें चौकसे और पीपुल्स के दैनिक अखबार निकलते हैं. दैनिक भास्कर ने इन ग्रुपों की कारगुजारियों पर विस्तार से लगातार खबर का प्रकाशन किया.

जज की चिट्ठी के बाद मचा हड़कंप, दैनिक भास्कर ने छापा सात कॉलम का खंडन, खेद भी जताया

पिछले दिनों डीबी स्टार के रिपोर्टर के द्वारा जज पर दबाव डालकर फैसला अपने एक परिचित के पक्ष में देने को लेकर उपभोक्ता फोरम के जज इतने भड़क गए कि उन्होंने आईजी को पत्र लिख दिया कि इसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। इस खबर के भड़ास में छपने के बाद उच्च प्रबंधन हरकत में आया और बताया जा रहा है कि मामले में भास्कर की किरकिरी होते देख जज के घर संपादक और यूनिट हेड गए, ताकि उन्हें मैनेज किया जा सके। इतना ही नहीं, उन्होंने जज अशोक पाठक को आश्वस्त किया कि वे पुरानी खबरों का खंडन छापेंगे। मंगलवार को उसी डीबी स्टार में सात कॉलम में पुरानी खबरों का खंडन छापा है और एक बॉक्स में पुरानी खबरों के लिए खेद भी प्रकट किया है। भास्कर अपनी विश्वसनीयता की बात करता है, उसके इस खंडन से उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। संभवत: बिलासपुर में यह पहला मामला होगा, जिसमें भास्कर ने सात कॉलम में खंडन भी छापा और खेद भी प्रकट किया।

कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष ने की एसपी से शिकायत- ”दैनिक भास्कर का पत्रकार डाल रहा दबाव”

बिलासपुर : रायपुर, राजनांदगांव के बाद अब बिलासपुर शहर से दैनिक भास्कर के पत्रकार की करतूत सामने आ रही है। इस बार कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष ने एसपी को लिखित शिकायत दी है कि एक पत्रकार आशीष दुबे जो खुद को दैनिक भास्कर में कार्यरत बताता है, उसके द्वारा किसी केस में फैसला अपने परिचित के हक में करवाने दबाव डाला जा रहा है। वायरल हुई इस शिकायत का असर इतना जोरदार हुआ कि खुद प्रेस क्लब के एक बंदे को मामला दबाने तुगलकी फरमान जारी करना पड़ा कि इस खबर को जो भी चैनल या अखबार लगायेगा तो उस पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जायेगी। हालांकि मिली जानकारी के मुताबिक प्रेस क्लब अध्यक्ष ने ऐसे किसी फरमान से पल्ला झाड़ लिया है।
खबर की भाषा बता रही है इरादे..

दैनिक भास्कर में ये क्या छप गया! गई दो पत्रकारों की नौकरी

हैडिंग में कोई शायरी नहीं है। बल्कि हकीकत है दैनिक भास्कर के रायपुर एडिशन की। आनंद पांडे जी के जाने के बाद जब से शिव दुबे को रायपुर भास्कर का संपादक बनाया गया है। भास्कर की छीछालेदर होती जा रही है। ताजा उदाहरण है कि 14 अक्टूबर के सिटी भास्कर में खबर में ऐसे शब्द शामिल हैं जिन पर कड़ी आपत्ति आते ही 2 कर्मियों तन्मय अग्रवाल और सुमन पांडे की विदाई कर दी गई है।

होशंगाबाद के वितरकों ने दैनिक भास्कर के शोषण से परेशन होकर कर दिया हड़ताल

होशंगाबाद से खबर आ रही है कि अखबार वितरकों ने दैनिक भास्कर का बहिष्कार करते हुए हड़ताल कर दिया है. इस बाबत एक पर्चा छपवाकर पाठकों में वितरित किया जा रहा है. इस पर्चे में वितरकों ने दैनिक भास्कर द्वारा खुद के शोषण किए जाने की बात का जिक्र किया है. एजेंटों और वितरकों की हड़ताल से दैनिक भास्कर का बंडल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर ही पड़ा रह गया.

लगता है ‘भास्कर’ के सम्पादक और प्रबंधक पाठकों को मूर्ख समझते हैं!

Krishna Kalpit : ‘भास्कर’ ख़ुद को सबसे विश्वसनीय और नम्बर 1 अख़बार बताता है। आज ‘भास्कर’ के जयपुर संस्करण में जाति-प्रथा के विरोध में एक ख़बर छपी है, जिसमें प्रदेश की सरकारी स्कूलों के रजिस्टर में छात्रों के लिये बने जाति के कॉलम का विरोध किया गया है और जाति-प्रथा को समाज और देश के लिये कलंक बताया गया है। ‘भास्कर’ के इसी अंक में श्री अग्रवाल समाज समिति, जयपुर द्वारा आयोजित श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव का पूरे पेज का विज्ञापन छपा है।

डा. कफील की असलियत पता करने गोरखपुर पहुंचे पत्रकार अजय प्रकाश की रिपोर्ट पढ़िए

Ajay Prakash : कई बार सच कुछ और होता है और प्रचारित कुछ और होता है। इसी का फायदा सरकार भी उठाती है और दलाल भी। गोरखपुर में कल सुबह जब मैं कफील के निजी अस्पताल पहुंचा तो मुख्यद्वार ‘डॉक्टर के खान मेडिस्प्रिंग चाइल्ड होस्पिटल’ स्वागत कर रहा था। तारीफ में दो स्थानीय अखबारों के विज्ञापन भी पब्लिश थे। लेकिन कुछ घंटे बाद ही सब निशान कफील ने मिटवा दिए। फिर मैं नाम पर सफेदी चढ़ी तस्वीर भी ले आया। वहां उनकी गुंडई से निपटना पड़ा तो निपटा भी।

भास्कर की मजेदार रिपोर्टिंग : चीन सीमा विवाद पर जयपुर के शिप्रापथ थाना प्रभारी कार्रवाई करेंगे!

सोशल मीडिया पर आजकल दैनिक भास्कर में छपी एक खबर की कटिंग धूम मचाते हुए घूम रही है. इस न्यूज कटिंग में चीन सीमा विवाद पर खबर है और लास्ट में जयपुर के शिप्रापथ थाना प्रभारी मुकेश चौधरी का बयान है कि ”अभी मामले की जांच की जा रही है और लापरवाही सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.”

भास्कर की लैंड डील कैंसल करने वाली महिला आईएएस अफसर का तबादला

लगता है रमन सिंह दैनिक भास्कर के सामने दंडवत हो गए हैं. तभी तो उस महिला आईएएस अधिकारी का तबादला कर दिया गया जिसने दैनिक भास्कर की रायपुर में जमीन की लैंडडील रद्द की थी. इस बारे में स्टेट्समैन अखबार में विस्तार से खबर छपी है, जिसे नीचे पढ़ सकते हैं….

दैनिक भास्कर ने अपने कर्मियों से कहा- ”10 लाख नए पाठक जोड़ने हैं, प्रति पाठक 150 रुपये मिलेंगे!”

दैनिक भास्कर ग्रुप ने ऑफिशियल लेटर जारी कर अपने कर्मियों को इस साल 10 लाख नये पाठक जोड़ने का टारगेट बताया है और इसके लिए उसने अपने कर्मियों को ऑफर दिया है कि वे नये पाठक जुड़वायें जिसके लिए उन्हें प्रति पाठक 150 रुपये का कमीशन या प्रोत्साहन राशि मिलेगी। बहरहाल इस ऑफर के बाद कुछ कर्मी यह सोच रहे हैं कि क्या अब पत्रकारिता “टारगेट जॉब” तो नहीं बन जायेगी? हो सकता है कस्टमर न लाने वालों का इंक्रीमेंट/प्रमोशन भी कंपनी रोक दे।

रमन सिंह ने रायपुर से दैनिक भास्‍कर का डेरा-डंडा उखाड़ने का आदेश दिया!

दैनिक भास्‍कर, रायपुर को 1985 में कांग्रेस द्वारा प्रेस लगाने के लिए (अविभाजित मध्‍य प्रदेश में) पट्टे पर दी गई ज़मीन को छत्‍तीसगढ़ प्रशासन ने शुक्रवार 7 जुलाई के एक शासनादेश के माध्‍यम से रद्द कर के उस पर प्रशासनिक कब्‍ज़े का आदेश दे दिया है। ज़मीन का कुल आकार 45725 वर्गफुट और अतिरिक्‍त 9212 वर्ग फुट है यानी कुल करीब 5000 वर्ग मीटर है। नजूल की यह ज़मीन रायपुर भास्‍कर को प्रेस लगाने के लिए इस शर्त पर कांग्रेस शासन द्वारा दी गई थी कि संस्‍थान अगर प्रेस लगाने के विशिष्‍ट प्रयोजन से मिली ज़मीन को किसी और प्रयोजन के लिए इस्‍तेमाल करेगा तो शासन उसे वापस ले लेगा। इस ज़मीन का पट्टा 31 मार्च 2015 को समाप्‍त हो चुका था और दैनिक भास्‍कर ने इसके नवीनीकरण के लिए अग्रिम आवेदन किया था।

इस्तीफा देने को मजबूर करने पर मीडियाकर्मी ने भास्कर प्रबंधन की लेबर आफिस में शिकायत की!

अन्यथा पेमेंट और ग्रेच्यूटी रोकने की धमकी देता है…

जिद से दुनिया बदलने वाले दैनिक भास्कर के बिलासपुर प्रबंधन द्वारा एक मीडियाकर्मी से जबरन इस्तीफा लेने का केस सामने आया है। यह हम उस शिकायत पत्र के आधार पर कह रहे हैं जो सहायक श्रमायुक्त, बिलासपुर को पीड़ित द्वारा दिया गया है। इस शिकायत पर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय से जवाब तलब हेतु नोटिस भी जारी किया गया है।

इस ग़ज़ब की खबर के लिए भास्कर के महान मालिकों और संपादकों को एक सलाम तो बनता है :)

दैनिक भास्कर अखबार के मालिक और संपादक लोग महानता की ऐसी राह पर चल पड़े हैं जहां उन्हें लगता है कि वे जो भी कह कर देंगे, वही दुनिया फालो करेगी, उसी राह पर चलेगी और उसी को पत्रकारिता मानेगी. तभी तो इस अखबार के मालिक और संपादक ऐसी ऐसी खबरें छापने लगे हैं जिसे पढ़ देखकर लोग कहते हैं क्या अब ऐसी ही खबरें छापने के लिए अखबार बचे रहेंगे? इससे अच्छा तो है कि ये अखबार बंद हो जाएं ताकि पेड़ पर्यावरण बचे और झूठ की दुकान का कारोबार कम हो जाए.

‘नो नेगेटिव’ के नाम पर झूठे तथ्य पढवा रहा लुधियाना भास्कर

एक रोज सुबह सैर के बाद हम दोस्त पार्क में चाय पी रहे थे. तभी दैनिक भास्कर अखबार आया. हम सब नियमित पाठक हैं. खासकर सोमवार ‘नो नेगेटिव’ एडिशन के. लेकिन बड़ा अफसोस हुआ पढके. लुधियाना भास्कर में मुख्य खबर लगी कि सिंधवा नहर में विश्व का पहला सोलर‌ प्लांट‌ लग रहा है. हमने जब यह पढा तो गुजरात में कारोबार के सिलसिले में जाने वाला मेरा दोस्त बोला कि ये तो गलत है, गुजरात में तो नर्मदा नदी पर ऎसे‌ अनेक सोलर‌ प्लांट लग चुके हैं वो भी तब जब प्रधानमन्त्री नरेंदर मोदी वहां के मुख्यमंत्री थे. अब तो वो तीन साल से पीएम हैं.

भास्कर ग्रुप का घोटाला खोलने वाले ‘स्वराज एक्सप्रेस’ चैनल के रिपोर्टर को देना पड़ा इस्तीफा

मेरे सभी सम्मानीय मित्रों एवमं मेरे सभी सहयोगियों… 

यह बताते हुए मुझे अत्यंत ख़ुशी हो रहा है कि मैंने अपने पूरे होश में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के रीजनल न्यूज चैनल ‘स्वराज एक्सप्रेस’ के खरसिया रिपोर्टर के पद से त्यागपत्र दे दिया है। कारण यह हैं कि यह चैनल एक समय पत्रकारों का चैनल हुआ करता था किन्तु आजकल इसमें भी कुछ दलाल किस्म के लोग सक्रिय हो गए हैं। मैंने पिछले 1 वर्ष से बिना कोई पेमेंट प्राप्त किये खुद के व्यय से अपना कैमरा, अपना कैमरामेन, अपना इंटरनेट लगाकर काम किया। सबसे ज्यादा कीमती अपना बहुमूल्य एक वर्ष का समय है जिसके मूल्य का आकलन मैं स्वयं नहीं कर सकता हूँ।

मजीठिया जंग : हेमकांत को स्टे के बावजूद ऑफिस में न घुसने देने वाले दैनिक भास्कर प्रबंधन पर कोर्ट ने शुरू की अवमानना कार्रवाई

मजीठिया मांगने वाले हेमकांत चौधरी को ट्रांसफर पर स्टे के बावजूद ऑफिस में नहीं घुसने देने वाले दैनिक भास्कर के अफसरों पर कोर्ट ने शुरू की अवमानना कार्रवाई… तीन महीने जेल की सजा और 5000 जुर्माना होना तय, भास्कर के अफसरों में हड़कंप… मजीठिया मामले में अब तक की सबसे बड़ी खबर महाराष्ट्र के औरंगाबाद से प्रकाशित होने वाले दैनिक भास्कर के मराठी अखबार दिव्य मराठी से आई है। यहाँ प्रबंधन की लगातार धुलाई कर रहे हेमकांत चौधरी ने अबकी बार प्रबंधन के चमचों को पटखनी देते हुए एक ही दांव में न केवल धूल चटा दी है बल्कि चारों खाने चित्त कर दिया है।

भास्कर ने केंद्र सरकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए खुद को सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाला अखबार बताया

भास्कर समूह ने एक खबर का प्रकाशन किया है, केंद्र सरकार के एक आंकड़े का हवाला देते हुए. इसके जरिए कहा गया है कि दैनिक भास्कर देश का सबसे ज्यादा प्रसारित अखबार है. पढ़िए भास्कर में छपी पूरी रिपोर्ट….

सबसे ज्यादा बददुआ पाने वाली मीडिया कंपनी है डीबी कॉर्प!

राजश्री प्रोडक्शन ने एक से बढकर एक हिट फिल्में दी हैं जिन्हें लोगो ने बार बार देखा और बार बार सराहा। राजश्री प्रोडक्शन के सूरज बड़जात्या से एक बार मैंने सवाल पूछ लिया और जो उत्तर मिला वो आज तक नहीं भुला सका। सवाल था राजश्री प्रोडक्शन की कामयाबी का राज आप क्या मानते हैं? सूरज जी ने उत्तर दिया- हम फिल्में पैसे से नहीं, दुआओं से बनाते हैं। तह तक गया तो पता चला राजश्री प्रोडक्शन में आज भी कई लोग ऐसे हैं जो ‘दोस्ती’ फिल्म के समय से जुड़े और इसी कंपनी के होकर रह गए। कंपनी प्रबंधन उनके हर सुख दुख में साथ देता है।

जानिए, आजकल क्यों खुद को मरियल और फिसड्डी बताने में जुटा है दैनिक भास्कर!

जो अपनी क्लास में ही पांचवे या दसवें नंबर पर हो क्या वह शहर में अव्वल आने का दावा कर सकता है? कर तो नहीं सकता लेकिन हिंदी का एक बड़ा अखबार ऐसा ही करता आया है, आज से नहीं लंबे समय से… भारत का सबसे तेज बढ़ता, सबसे ज्यादा सर्कुलेशन वाला और भी न जाने क्या क्या दावा करने वाला अखबार दैनिक भास्कर… पर समय की गति देखिए कि कल तक खुद के बारे में बड़े बड़े दावे करने वाला यह अखबार अब खुद को मरियल और फिसड्‌डी बताने की जुगत में है। यहां तक कि ये अखबार अपने कर्मचारियों को अपनी गरीबी की दुहाई भी देने लगा है। है न अचरज की बात? चलिए आपको बताते हैं कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि दैनिक भास्कर जैसा दुनिया के सबसे बड़े अखबारों में खुद को शामिल बताने वाला अखबार अब जगह जगह यह दावा सरकारी विभागों में दावा करता फिर रहा है कि वह तो फलां जगह आठवें और अमुक जगह दसवें नंबर का अखबार है।

भास्कर को झटके पर झटका, पत्रकार धर्मेंद्र के बाद अब रिसेप्शनिस्ट लतिका के भी ट्रांसफर पर कोर्ट ने लगाई रोक

भारत में ‘ज़िद करो दुनिया बदलो’ का नारा देने वाले डीबी कॉर्प को लगातार झटके लग रहे हैं, किंतु भास्कर प्रबंधन है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। दैनिक भास्कर ने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर मांगने पर अपने प्रिंसिपल करेस्पॅान्डेंट धर्मेन्द्र प्रताप सिंह का मुम्बई से सीकर (राजस्थान) ट्रांसफर कर दिया। धर्मेन्द्र प्रताप सिंह अदालत की शरण में गए और इंडस्ट्रियल कोर्ट ने इस ट्रांसफर पर रोक लगा दी। इसके बाद अब भास्कर की सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) अक्षता करंगुटकर ने डी बी कॉर्प के मुम्बई के माहिम स्थित कार्यालय में कार्यरत महिला रिसेप्शनिस्ट लतिका आत्माराम चव्हाण का सोलापुर में ट्रांसफर कर दिया।

भास्कर के पत्रकार ने प्रबंधन को दिया जोरदार झटका, अदालत से ट्रांसफर रुकवाया

मजीठिया वेज बोर्ड मांगने के कारण भास्कर प्रबंधन ने अपने पत्रकार धर्मेन्द्र प्रताप सिंह का कर दिया था ट्रांसफर…

मुम्बई के तेज-तर्रार पत्रकारों में से एक धर्मेन्द्र प्रताप सिंह का दैनिक भास्कर ने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर मांगे जाने पर राजस्थान के सीकर में ट्रांसफर कर दिया था। मुम्बई में दैनिक भास्कर में एंटरटेनमेंट बीट के लिए प्रिंसिपल करेस्पांडेंट पद पर कार्यरत धर्मेन्द्र प्रताप सिंह को भास्कर प्रबंधन ने पहले उन्हें लालच दिया कि कुछ ले-दे कर मामला ख़त्म करो। फिर उन्हें भास्कर की सहायक महाप्रबंधक अक्षता करंगुटकर (कार्मिक) ने धमकी दी, जिसकी शिकायत धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने श्रम आयुक्त से की।

भास्कर प्रबंधन एक जालसाज-वसूलीबाज को बचाने के लिए ब्रांड इमेज भी दांव पर लगाने को तैयार! (पढ़िए डीएनई आदित्य पांडेय की चिट्ठियां)

मीडिया के साथियों….

मैं आदित्य पांडे इंदौर डीबी स्टार में 3 अगस्त 2008 से कार्यरत हूं और फिलहाल डीएनई की पोस्ट पर हूं. लगभग 3 साल पहले संपादक के तौर पर आए श्री मनोज बिनवाल को मैं कभी भी पसंद नहीं रहा क्योंकि वे कमोबेश हर खबर में पैसा बनाने की राह तलाशने को पत्रकारिता मानते हैं. दिसंबर 2015 में मनोज बिनवाल ने मुझे सूचना दी कि न्यू ईयर टीम के साथ मुझे काम करने के लिए नेशनल एडीटर कल्पेश याग्निक ने चुना है. मैंने इस टीम में काम किया और एक जनवरी 2016 से मैं फिर अपने मूल काम यानी डीबी स्टार में लौट आया.

इस्तीफे का दबाव देने पर सहायक कामगार आयुक्त ने भास्कर प्रबंधन को जमकर लताड़ लगाई

अपने कर्मचारियों को हमेशा तंग करने, कम भुगतान देने, आत्महत्या के लिए उकसाने और जबरन त्यागपत्र मांगने के मामले में बदनाम दैनिक भास्कर प्रबंधन को मुम्बई में मुंहकी खानी पड़ी। यहाँ मुम्बई के सहायक कामगार आयुक्त सीआर राउत के समक्ष दैनिक भास्कर के प्रिंसपल करेस्पांडेंट धर्मेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा दायर 40 लाख रुपये के क्लेम …

आईएएस अफसर की बेटी ने भास्कर वालों के मॉल में बने चेंजिंग रूम से हिडन कैमरा पकड़ा

Praveen Khariwal : भोपाल। डीबी सिटी मॉल के United Colors of Benetton शोरुम में चैंजिंग रूम में मोबाइल कैमरा फिट करने वाले आरोपी ने पुलिस को बताया है कि मॉल के कई शोरूमों में हिडन कैमरे लगे हैं और लड़कियों की वीडियो बनाई जाती है। उसने बताया कि उसने भी कई लड़कियों के वीडियो बनाए हैं। बता दें कि मप्र के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की बेटी ने ट्रायल रूम में लगा कैमरा पकड़ा था। उसके बाद यह मामला सामने आया और आरोपी को गिरफ्तर किया गया।

आहत पत्रकार ने नौकरी छोड़कर दैनिक भास्कर के मालिकान और संपादक पर किया मानहानि का केस

दैनिक भास्कर की एक खबर से मर्माहत झारखंड के गिरिडीह जिले के प्रतिष्ठित अधिवक्ता अजय कुमार सिन्हा ने अखबार के मालिक रमेश चंद्र अग्रवाल समेत स्टेट हेड ओम गौड़ और धनबाद यूनिट के प्रभारी स्थानीय संपादक राकेश पाठक पर मानहानि का केस किया है। मालूम हो कि 23 अप्रैल 2016 को एक खबर में अधिवक्ता को आरोपी लिखा गया था। किसी मामले में उनके घर पुलिस गयी थी, मगर खबर में श्री सिन्हा को आरोपी बताया गया था।

चपरासियों से इस्तीफे साइन कराए भास्कर ने

अपने आपको देश का सबसे बड़ा अखबार बताने वाला दैनिक भास्कर भी मजीठिया आयोग से घबराने लगा है। पहले उसने सभी कर्मचारियों से सामूहिक इस्तीफे लिए। कोर्ट ने इसे नामंजूर कर दिया और कहा कि कुछ भी कर लो लेकिन मजीठिया देना पड़ेगा।

भास्कर समूह की कंपनी डीबी कॉर्प का चौथे तिमाही में आय 6% बढ़कर 526 करोड़ हो गया

नई दिल्ली। डीबी कॉर्प की चौथे क्वार्टर में कंसोलिडेटेड आय पिछले साल के मुकाबले 6.3 फीसदी बढ़ कर 526 करोड़ रुपए रही है। पिछले साल इसी अवधि में कुल आय 495 करोड़ रुपए रही थी। वहीं पूरे साल के लिए कुल आय 2009 करोड़ रुपए से बढ़कर 2051 करोड़ रुपए रही है।

दैनिक भास्कर को गुमराह करने की सजा, सुरजीत दादा का इंदौर ट्रांसफर

पिछले दिनों दैनिक भास्कर लुधियाना के खिलाफ और यहां कार्यरत कर्मचारी प्रीतपाल सिंह संधू के पक्ष में ट्रिब्यूनल कोर्ट द्वारा दिए फैसले में नया मोड़ आया है। सूत्रों के अनुसार जिस सुरजीत दादा के कारण कंपनी को इतनी फजीहत सहनी पड़ी है, उसे मैनेजमेंट ने इंदौर ऑफिस ट्रांसफर कर दिया है। वहां सुरजीत दादा को फिलहाल कोई बड़ा काम नहीं दिया गया। इससे पहले वह अपने आप को पंजाब का क्रिएटिव हेड मानकर लगभग दस साल से अपनी मनमानी चलाता रहा है। अपने भाईयों और रिश्तेदारों को दैनिक भास्कर में भर्ती करवाकर उन्हें मोटी तनख्वाहें दिलाईं।

कोर्ट में भास्कर प्रबंधन को मिली करारी हार, मीडियाकर्मी के हक में आया फैसला, नौकरी बहाल करने के आदेश

दैनिक भास्कर लुधियाना से सूचना आ रही है कि यहां के एक सीनियर डिजाइनर के हक में इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कोर्ट ने फैसला दिया है. फैसले में कहा गया है कि डिजायनर की नौकरी बहाल की जाए और इतनी देर से हैरसमेंट के एवज में हर्जाना भी अदा किया जाए। सूचना के अनुसार लुधियाना के एक सीनियर डिजाइनर को डिजाइनिंग हेड सुरजीत दादा ने रंजिश के कारण बिना किसी वजह ऑफिस में उसकी एंट्री बंद करा दी थी।

भास्कर वालों ने महिला के मरने पर उसे चरित्रहीन लिख दिया, परिजनों ने ठोंका संपादकों पर मुकदमा

अखबार वाले किस कदर संवेदनहीन होते जा रहे हैं, इसके उदाहरण तो आए दिन मिलते रहते हैं लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा में एक ऐसा मामला हुआ है जिसे सुनकर पूरे पत्रकार समुदाय का सिर शर्म से झुक जाता है. दैनिक भास्कर वालों ने एक महिला के मरने के बाद उसे चरित्रहीन और व्यभिचारी बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा. इससे नाराज परिजनों ने अखबार के संपादकों पर मुकदमा ठोंका है और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की अपील की है.

पंजाब में डीआईजी ने दैनिक भास्कर के खिलाफ क्रिमिनल केस किया

पंजाब से खबर है कि डीआईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपनी छवि धूमिल किए जाने और गलत खबरें छापने को लेकर दैनिक भास्कर अखबार के खिलाफ क्रिमिनल केस दायर किया है. इस बारे में विस्तार से खबर पंजाब के एक स्थानीय अखबार में छपि है, जिसकी कटिंग नीचे दी जा रही है. अगर पढ़ने में दिक्कत हो तो न्यूज कटिंग के उपर क्लिक कर दें…

भास्कर समूह का नया अंग्रेजी दैनिक ‘डीबी पोस्ट’ लांच

भास्कर समूह ने अपना नया अंग्रेजी अखबार लांच किया है. भोपाल में लांच इस अखबार का नाम डीबी पोस्ट है. अखबार की प्रिंट लाइन में मुद्रक के रूप में नाम मनीष शर्मा और संपादक के रूप में नाम श्याम पारेख का जा रहा है. भोपाल में स्थानीय संपादक अंकित शुक्ला हैं. अखबार कुल दस पन्ने का है जिसे आनलाइन भी पढ़ा जा सकता है. इ-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: 

अजमेर में भास्कर और पत्रिका ने दाम बढ़ाया तो अखबार वितरकों ने शुरू किया बहिष्कार, नवज्योति की बल्ले बल्ले

अजमेर में दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका ने एक राय होकर विगत 22 फरवरी को अचानक अखबार की कीमत 4.50 रुपए प्रति कॉपी कर दी। उस दिन तो हॉकर ने अखबार उठा लिया लेकिन अगले दिन उन्होंने बढ़ी कीमत वापस लेने की मांग करते हुए अखबार उठाने से मना कर दिया। उस दिन से वे लगातार दोनों अखबारों का बहिष्कार कर रहे हैं। इससे अखबार प्रबंधन में हड़कम्प मचा हुआ है।

भास्कर ग्रुप ‘डीबी पोस्ट’ नाम से लांच करने जा रहा अंग्रेजी अखबार, अंकित शुक्ला बने संपादक

एक बड़ी खबर भास्कर समूह से आ रही है. कई प्रयोगों के लिए मशहूर यह ग्रुप अब खुद का अंग्रेजी अखबार लांच करने जा रहा है. शुरुआत भोपाल से की जा रही है. अखबार का नाम ‘डीबी पोस्ट’ रखा गया है. इसके संपादक अंकित शुक्ला बनाए गए हैं जो पहले दैनिक भास्कर चंडीगढ़ के संपादक हुआ करते थे. अंकित कानपुर के रहने वाले हैं और इसी शहर में टाइम्स आफ इंडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद आई-नेक्स्ट की लांचिंग टीम के हिस्से बने. वे आई-नेक्स्ट में बतौर सिटी चीफ कार्यरत थे.

क्या वाकई दैनिक भास्कर दुनिया का चौथा सबसे ज्यादा प्रसार वाला अखबार है?

दैनिक भास्कर ने 4 जनवरी को पहले पेज पर मत्थे के नीचे बड़ी खबर छाप कर खुद के विश्व का चौथा सबसे ज्यादा प्रसार वाला अखबार होने का दावा ठोंक दिया है। अखबार ने दुनियाभर मे सबसे ज्यादा बिकने वाले पाँच अखबारों की सूची प्रकाशित की है जिसमे तीन अखबार जापान के और एक-एक अमेरिका और भारत का है। चूंकि दावा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का है इसलिए वर्ल्ड एसोसियशन ऑफ न्यूज़पेपर्स एंड न्यूज़ पब्लिशर्स नामक संस्था की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। खबर में दोहराया गया है एबीसी की जनवरी-जून, 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक भास्कर लगातार तीसरी बार देश का सर्वाधिक प्रसार वाला दैनिक बना हुआ है।

भास्कर डाट काम ने नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजित डोभाल का झूठा इंटरव्यू छापा

भास्कर डाट काम की जिस खबर पर बवाल मचा है, उसके बारे में कुछ तथ्य साझा करना चाहता हूं. भास्कर डाट काम ने नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजित डोभाल का झूठा इंटरव्यू छापा था. जिसका डोभाल ने तत्काल  खंडन कर दिया लेकिन भास्कर बेशर्मी से इंटरव्यू को अभी तक चलाये जा रहा है. कोई भी हिंदी मीडिया को गंभीरता से नहीं लेता उसका ये फायदा उठाते हैं. अगर यह इंटरव्यू किसी अंग्रेजी अखबार की साइट पर होता तो अब तक बवाल मच गया होता.

भास्कर कोई छोटा-मोटा अखबार नहीं, नया भी नहीं, फिर यह क्या और क्यों कर रहा है…

: यह कैसी पत्रकारिता : दैनिक भास्कर कोई छोटा-मोटा अखबार नहीं है। नया भी नहीं है। फिर यह क्या और क्यों कर रहा है। मीडिया के कॉरपोरेटीकरण में इस बात का कोई मतलब नहीं है कि संपादक कौन है या अखबार किसका है। मतलब ब्रांड का है और ब्रांड की ऐसी फजीहत। वह भी तब …

दैनिक भास्कर को घुटने टेकने पड़े, माफीनामा प्रकाशित किया

Mohammad Anas :   हजरात हजरात .. दैनिक भास्कर वालों ने आज दौसा मामलें में माफ़ी मांग ली. और इसी के साथ सांप्रदायिक, जातिवादी, कट्टरपंथी मीडिया घराने को टेकने पड़े घुटने. मैंने पहले ही दिन कहा था जनता इस लोकतंत्र में सबसे बड़ी होती है. करोड़ो/अरबों रुपये के भास्कर का नकली दंभ, अकड़ ढीली करने के लिए दौसा के एसपी योगेश यादव को बेहद शुक्रिया. योगेश जी से बात हुई थी मेरी, मैंने कहा था उनसे कि चढ़ कर रहिएगा, दबाव बनेगा लेकिन वो कोहरे की तरह हट जाएगा.

दैनिक भास्कर ने आग लगाने का पूरा इंतज़ाम किया, लेकिन दादरी इस देश का अपवाद है, दौसा मुख्यधारा है

Dilip C Mandal : भारत में पत्रकारिता, किसी अबोध बच्चे के, हाथों की, जूजी है। (कवि धूमिल से प्रेरित, संग्रह- संसद से सड़क तक) । दैनिक भास्कर ने 17 दिसंबर की डेटलाइन से एक फड़कती हुई, सनसनीख़ेज़ खबर छापी। राजस्थान के दौसा शहर में एक घर की छत पर पाकिस्तानी झंडा। पत्रकार ने इस बारे …

उन्माद फैलाने में भास्कर का रिपोर्टर गिरफ्तार, प्रबंधन को लगी मिर्ची, एसपी को दबाव में लेने की कोशिश

Mohammad Anas : इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि गैरज़िम्मेदार पत्रकारिता और भड़काऊ लेख पर भास्कर की गर्दन दबोची गई है। शर्म करो भास्कर। ब्रांड को तगड़ा झटका लगा है। एसपी योगेश यादव को दैनिक भास्कर कर रहा है ब्लैकमेल। अख़बार की ताक़त दिखाने की कोशिश। एसपी के खिलाफ ख़बर लिख कर दबाव …

भास्कर की झूठी खबर से दंगा होते-होते बचा, सोशल मीडिया पर कल्पेश याज्ञनिक की थू-थू

    Mohammad Anas : सेवा में,कल्पेश याग्निक,नेशनल एडिटर, दैनिक भास्कर श्रीमान, जैसा कि कुछ लोगों ने मुझे बताया कि आप दैनिक भास्कर नाम के हिंदी अखबार के नेशनल एडिटर भी हैं तो मुझे आश्चर्य हुआ कि आप एक साथ दो काम कैसे कर लेते हैं. पहला काम ये कि अपने अखबार के माध्यम से …

‘दैनिक भास्कर’ ने जिन्दा थानेदार को मार डाला!

हत्या बेलसर ओपी प्रभारी की हुई खबर छपी लालगंज थानाध्यक्ष की

अपने को देश का सबसे विश्वसनीय और नंबर-1 होने का दावा करने वाला ‘दैनिक भास्कर’ के पटना संस्करण ने पाठकों को अचंभित कर देने वाली एक खबर छापी है। 19 नवम्बर को प्रकाशित यह खबर भास्कर के पहले पन्ने पर सेकेंड लीड खबर है। बुधवार को वैशाली के लालगंज में उपद्रवियों के हमले में बेलसर के ओपी प्रभारी अजीत कुमार की हत्या कर दी गई थी पर ‘दैनिक भास्कर’ ने गुरुवार को अपने प्रकाशित खबर में जो हेडिंग ‘लालगंज के थानाध्यक्ष को उग्र भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।’

मोबाइल टावर्स लगाने का लालच और विज्ञापन के भूखे लालची अखबार… पढ़िए एक युवा ने क्यों कर लिया सुसाइड

Vinod Sirohi : जरूर शेयर करें —मोबाइल टावर्स लगाने का लालच और विज्ञापन के भूखे लालची अखबार — आप पर कोई बंदिश नहीं है आप इस मैसेज को बिना पढ़े डिलीट कर सकते हैं। अगर आप पढ़ना चाहें तो पूरा पढ़ें और पढ़ने के बाद 5 लोगों को जरूर भेजें।

मेरा नाम राहुल है। मैं हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना का रहने वाला हूँ। आप भी मेरी तरह इंसान हैं लेकिन आप में और मुझमें फर्क ये है कि आप जिन्दा हैं और मैंने 19 अगस्त, 2015 को रेल के नीचे कटकर आत्महत्या कर ली।

रिपोर्टर सर्वेश कुकरा ने दैनिक भास्कर के फरेबी मालिकों रमेश अग्रवाल और सुधीर अग्रवाल के खिलाफ दायर किया धोखाधड़ी का केस

: टारगेट पूरा करने के बावजूद विदेश भेजने का वादा पूरा न करने पर रिपोर्टर ने दायर किया केस, कोर्ट ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए, अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को : हरियाणा में हिसार जिले के हांसी शहर में दैनिक भास्कर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दायर किया गया है। इसमें दैनिक भास्कर के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, एमडी सुधीर अग्रवाल समेत कई लोगों को पार्टी बनाया गया है। दैनिक भास्कर के पूर्व रिपोर्टर सर्वेश कुकरा ने कोर्ट में दायर की गई शिकायत में कहा है कि दैनिक भास्कर ने उन्हें विज्ञापन का एक टारगेट पूरा करने के एवज में विदेश टूर का वायदा किया था।

होशंगाबाद भास्कर के जीएम सुरेंद्र राय के खिलाफ लड़कीबाजी के चक्कर में हुई एफआईआर

अपने रंगीनमिजाज अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले होशंगाबाद दैनिक भास्कर के जीएम सुरेंद्र राय पर भोपाल में एफआईआर दर्ज हुई है। जीएम ने दैनिक भास्कर में कार्यरत एक पूर्व महिला कर्मचारी के इश्क में पड़कर उसके मंगेतर को जान से मारने की धमकी दे डाली। भोपाल के कमला नगर थाने में हुई रिपोर्ट के अनुसार जीएम ने मंगेतर को महिला कर्मचारी से शादी करने पर जान से मारने व अन्य प्रकार की धमकियों के लिए कई बार फोन किया था।

विज्ञापन के लिए दैनिक भास्कर का मार्केटिंग प्रतिनिधि धमका रहा है व्यापारी को (सुनिए टेप)

बड़े नेता, बड़े अफसर, बड़ी कंपनियां अगर खुलेआम वसूली, रिश्वतखोरी, उगाही करें तो उनके खिलाफ कार्रवाई एक लाख में एकाध मामलों में ही होती है, वह भी तब जब इनके बीच आपसी झगड़े हो जाएं. अन्यथा सब दोनों हाथ से संविधान, कानून और नैतिकता की धज्जियां उड़ाते हुए मुद्रा मोचन में लगे रहते हैं. इन डकैतों की सेहत पर असर इसलिए भी नहीं पड़ता क्योंकि पुलिस, कोर्ट और सिस्टम इनकी रक्षा में जुट जाता है, बचाने में जुट जाता है. ताजा मामला दैनिक भास्कर का है. इस अखबार के मार्केटिंग के लोग किस तरह व्यापारियों को धमकाते हैं, विज्ञापन के लिए, इसे नीचे दिए गए टेप वाले लिंक पर क्लिक करके सुना जा सकता है.

दैनिक भास्कर में काम करने वालों को डीबी डिजिटल का आईकार्ड दिया जा रहा

दैनिक भास्कर बिलासपुर में 2014-15 में जितने भी पत्रकारों की नई नियुक्ति हुई है उन्हें ‘डीबी डिजिटल’ कंपनी के नाम पर आईकार्ड दिया जा रहा है। आईकार्ड का एक फोटो उपर नमूने के बतौर देखिए। इसमें ठेका श्रमिक शब्द पत्रकार के लिए लिखा गया है जो सबसे ज्यादा दुखद है। पत्रकारिता के लिए काम करने वालों के लिए ठेका शब्द का प्रयोग कर भास्कर जैसा अखबार पत्र नहीं बल्कि सिर्फ कागज का टुकड़ा कहलाने के लायक है।

कलबुर्गी के हत्यारे से कम नहीं दैनिक भास्कर का जुर्म

Vineet Kumar :  वैसे तो न्यूज वेबसाइट के नाम पर पार्शियल पोर्न वेबसाइट चला रहे भास्कर समूह के लिए हिट्स के खेल में नीचता की हद तक उतर आना आम बात है. इसे हम रूटीन के तौर पर देखते आए हैं. फैशन शो के दौरान मॉडल के कपड़े खिसक जाते हैं तो वो उस हिस्से को ब्लर करने के बजाय लाल रंग का दिल बनाना ज्यादा बेहतर समझता है. लेकिन अब इस हद तक उतर आएगा कि ये अश्लीलता शब्दों को बेधकर घुस आएगी और वो भी उस संदर्भ में जहां असहमति में खड़े होना आसान नहीं है.

भास्कर में एजेंट ही समाचार का काम देखेंगे, इस नई नीति से ढेर सारे पत्रकार हुए बेरोजगार

आदरणीय,

अभिवादन स्वीकार करें.

निवेदन करना चाहूंगा कि रायसेन जिले के बरेली में दैनिक भास्कर, भोपाल के लिए स्ट्रिंगर के रूप पांच वर्ष से कार्यरत हूं. अब यह तय हुआ है कि भास्कर में एजेंट ही समाचार का काम देखेंगे. यह संपूर्ण मध्यप्रदेश में किया गया है. इसके पीछे कंपनी की सोच यह बताई जा रही है कि रिपोर्टर पर केवल खर्च होता है, जबकि एजेंट कमाकर भी देते हैं. इस तरह मेरी सेवाएं करीब-करीब समाप्त हैं.

दैनिक भास्कर मजीठिया के डर से रात के अंधेरे में दिल्ली से फरार

दैनिक भास्कर प्रबंधन ने दिल्ली के राजेंद्र प्लेस में चल रहे अपने संपादकीय कार्यालय को रातोंरात बिना किसी को खबर किए बंद कर इसे 125 किमी. दूर रेवाड़ी पहुंचा दिया है. यहां तक कि उसने अपने कर्मचारियों तक को बताने की जरूरत नहीं समझी. इन कर्मचरियों का कसूर यह था कि ये मजीठिया वेज बोर्ड लागू कराने के लिए अपनी आवाज बुलंद किए हुए थे और इन्होंने प्रबंधन के दबाव में हलफनामा देने से इनकार कर दिया था.

हरिभूमि की जूठन परोस रहा है दैनिक भास्कर रायपुर!

खुद को देश का सबसे तेज समाचार पत्र होने का दावा करने वाला दैनिक भास्कर पुरानी व प्रकाशित खबर फ्रंट पेज पर छाप रहा है। ताजा मामला दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण के फ्रंट पेज पर 20 अगस्त, 2015 को प्रकाशित समाचार शीर्षक- ‘एसीबी की छापेमारी के खिलाफ आईएएस एसोसिएशन का मोर्चा’ है। यही समाचार दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने से एक दिन पूर्व 19 अगस्त, 2015 को हरिभूमि के फ्रंट पेज पर ‘आईएएस अफसरों ने दी सीएम के दर पर दस्तक’ शीर्षक से प्रकाशित हो चुका था।

भास्कर छोड़ पत्रिका गए संतोष पांडेय

पानीपत : यहां भास्कर में कार्यरत संतोष पांडेय ने अखबार छोड़ दिया है। अब वह राजस्थान पत्रिका, जयपुर के साथ अपना आगे का कार्यकाल शुरू करने जा रहे हैं। वह इससे पूर्व सतना, वाराणसी, देहरादून, लखनऊ में मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं।

मजीठिया वेतनमान तो दूर, इंक्रीमेंट भी नहीं देना चाहता भास्कर

दैनिक भास्कर की ज्यादातर यूनिटों में इन दिनो मजीठिया वेतनमान लागू न होने को लेकर भारी असंतोष है। प्रबंधन इंक्रीमेंट तक देने को तैयार नहीं। प्रबंधन के लोग मीडिया कर्मियों को तरह तरह की चेतावनियां और धमकियां दे रहे हैं।

बिहार-झारखण्ड भास्कर के एडिटोरियल हेड बने ओम गौड़

ओम गौड़ ‘भास्कर’ बिहार-झारखण्ड के स्टेट एडिटोरियल हेड बनाये गए  हैं. सम्पादकीय  सारे कार्य इनके निर्देशन में होंगे. 

दैनिक भास्कर ने भागलपुर के बाद गया से भी लांच किया एडिशन, अब मुजफ्फरपुर की बारी

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर बिहार के प्रमुख शहरों में विस्तार करो अभियान के तहत अब गया जिले से भी एडिशन लांच कर दिया है. इसके पहले भागलपुर से एडिशन शुरू किया था. दैनिक भास्कर का संचालन करने वाली कंपनी डीबी कॉर्प ने बिहार में अपने नेटवर्क का विस्तार का क्रम जारी रखा हुआ है. गया में दैनिक भास्कर का एडिशन लांच होने के बाद गया दैनिक भास्कर का 60वां एडिशन हो गया है.

मजीठिया : श्रम आयुक्त ने होशंगाबाद भास्कर के संपादक की पहल ठुकराई

मजीठिया मामले पर होशंगाबाद दैनिक भास्कर प्रबंधन के तौर-तरीकों से नाराज श्रम आयुक्त ने संस्थान के कर्मचारियों की दिक्कतों के साथ सहानुभूति रखते हुए संपादक की सिफारिश को अनसुना करते हुए दोनो पक्षों में समझौता कराने से इनकार कर दिया है। श्रम आयुक्त का कहना है कि अब जो भी होगा, अदालत में होगा। मामला लेबर कोर्ट में चल रहा है।  

जयपुर भास्कर कर्मियों का श्रम विभाग पर दबाव बरकरार, लेबर इंस्पेक्टर की लीपापोती की कमिश्नर से शिकायत

सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार मजीठिया की जाँच में जयपुर लेबर इंस्पेक्टर द्वारा चल रही लीपा पोती और खानापूरी के संदर्भ में जयपुर भास्कर की टीम ने जॉइंट लेबर कमिश्नर को अपनी शिकायत देकर मैनजमेंट के खिलाफ अपना दबाव बरकरार रखा है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हर मीडिया कर्मी को उसका हिस्सा मिले। जो बुरा करे, उसके साथ बुरा हो और अच्छे के साथ बहुत अच्छा, ये भी ईश्वर का नियम है। शिकयत संलग्न है –

अखबार मालिकों और लेबर अफसरों में फिर एका, दोनों मिल कर करा रहे 20J के कागजों पर साइन (देखें प्रमाण)

इस देश में बड़े लोग अपने हित में एक से एक फंडे निकालते रहते हैं और गरीब आदमी न्याय के लिए टुकुर टुकुर ताकता रह जाता है. मीडियाकर्मियों को बेहतर सेलरी और भत्ता देने के लिए बनाई गई सरकारी मजीठिया वेज बोर्ड के रिपोर्ट को लागू करने के केंद्र सरकार के कानूनी और सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक आदेश को धता बताने के लिए मीडिया मालिकों ने झूठ दर झूठ बोलने का काम शुरू कर दिया है. किस तरह पैसे बचा लिए जाएं और अपने कर्मियों को कम दाम में काम करने को मजबूर किया जाता रहे, इसके लिए रोजाना ये अखबार मालिक नए तरीके निकाल रहे हैं.

भास्कर छोड़ मतिकांत, गुंजेश गए हिंदुस्तान, लोकेंद्र ने दबंग दुनिया को ठुकराया

बिहार में भास्कर की लांचिंग से हिंदुस्तान ने भास्कर रांची यूनिट के कई शीर्ष पत्रकारों को अपने खेमे में शामिल कर लिया है। आठ साल से भास्कर का साथ निभा रहे और भास्कर के फाउंडर मेंबर में से एक मतिकांत सिंह ने भास्कर को बाय-बाय कर दिया। मतिकांत सिंह भास्कर के उन चुने गिने पत्रकारों में हैं, जिन्होंने झारखंड में अखबार को मजबूती प्रदान की। झारखंड के सभी संस्करणों के लिए झारखंड और बिहार डेस्क इंचार्ज रहे।

Bhaskar obtaining illegal undertaking from employees, IFWJ writes to Delhi CM

Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) has condemned the sinister attempts of Dainik Bhasker management to obtain forcibly the undertaking from the employees that they do not want the Majithia Award. In an email to Delhi Chief Minister of Delhi Arvind Kejriwal, Labour Minister Gopal Rai and the Labour Commissioner, the Secretary General of the IFWJ Parmanand Pandey, has requested them to intervene to safeguard the interests of the employees. The IFWJ has also sent a protest letter to the Managing Director of the D.B. Corp Ramesh Chandra Agarwal desist from indulging into gross unfair labour practice of getting signatures from employees.

दिल्ली भास्कर की साजिश को कर्मचारियों ने ठोकर मारी, वकील को बैरंग लौटाया

दिल्ली : भास्कर की धोखेबाजी को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसके वकील सचिन गुप्ता ने गत दिनो एक नायाब चाल चली। उसने एक ऐसे पेपर मीडियाकर्मियों से हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया, जिसमें कर्मचारियों को उद्धृत किया गया था कि उन्हें मजीठिया वेतनमान मिल चुका है। षड्यंत्र की भनक लगते ही सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर वकील को खरी-खोटी सुनाते हुए दफ्तर से बैरंग लौटा दिया। 

भागलपुर में भास्कर की आहट से जागरण, हिंदुस्तान और प्रभात खबर में खलबली

भागलपुर में दैनिक भास्कर के आगमन की आहट ने पहले से जमे तीनों मीडिया हाउसों हिंदुस्तान, दैनिक जागरण और प्रभात खबर में उथल पुथल मचा दी है. तीनों अखबार अपने अपने तरीके से भास्कर का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं. एक बात तो तय है कि भास्कर के बाजार में आ जाने के बाद पहले से जमे एक अखबार की लुटिया डूब सकती है. 

गोरखपुर आइनेक्स्ट में एक और विकेट गिरा

गोरखपुर आइनेक्स्ट में सब एडिटर रहे रासेख कुमार ने दैनिक भास्कर रेवाड़ी (हरियाणा) ज्वॉइन कर लिया है। इससे पहले सीनियर सब एडिटर रवि प्रकाश ने भी एडिटोरियल इंचार्ज अश्विनी पांडेय की प्रताड़ना से आजिज आकर संस्थान छोड़ दिया था। बताते हैं कि राकेश कुमार के जाने की वजह भी पांडेय का रवैया रहा है। उन्हें …

पुरोहितवार के भास्कर ज्वॉइन करते ही देवघर प्रभात खबर में खलबली

प्रभात खबर देवघर में काम करने वाले राकेश पुरोहितवार के भास्कर भागलपुर ज्वॉइन करने से देवघर प्रभात खबर में अंदरूनी खुशी का माहौल है। कम वेतन में देवघर में 8-10 सालों से काम कर रहे कर्मचारियों को उम्मीद है कि अब भागलपुर में उनकी सेटिंग हो जाएगी। पहले भी इस बात को इस साईट पर डाला जा चुका था कि देवघर निवासी भागलपुर में कार्यरत एक पत्रकार की जबरदस्त लाबिंग से प्रभात खबर सकते में। अब नाम खुलकर सामने आ गया। 

भास्कर के बूढ़े एडिटर अपने इंतजाम में व्यस्त, रिपोर्टर मस्त, काम-काज ध्वस्त

दैनिक भास्कर के अजमेर संस्करण में पिछले कई महीनों से पत्रकारों की मौज हो रही है। इसका कारण बुजुर्ग संपादक रमेश अग्रवाल का दूसरे कामों में व्यस्त होना है। संपादक अग्रवाल ऐसे तो करीब दो साल पहले ही रिटायर हो चुके हैं, मगर वो अब एक्सटेंशन पर हैं। 

 

मजीठिया : चंडीगढ़ भास्कर श्रम विभाग को चकमा देने की तैयारी में

प्रिंट मीडिया मंडली में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा किसकी है? यह सवाल इस मंडली से संबद्ध किसी भी सदस्य-कर्मचारी-कामगार  या फिर किसी बड़े ओहदेदार के समक्ष उछाल दीजिए तो वह छूटते ही बोल पड़ेगा- श्रम विभाग। जी हां, श्रम विभाग और उसके अफसर ही आजकल इस मंडली की चर्चा के केंद्र बिंदु हैं। यह मंडली छोटे-बड़े सभी तबके की अलग-अलग है। पत्रकार-गैर पत्रकार कर्मचारियों की मंडली श्रम महकमे की बाट इसलिए जोह रही है ताकि मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियों के मद्देनजर रिपोर्ट वह उनके हक में सुप्रीम कोर्ट में पेश करे। मीडिया मालिकों-मैनेजमेंट की मंडली इस घात में है कि श्रम विभाग ऐसी रिपोर्ट सर्वोच्च अदालत के समक्ष रखे जिसमें दर्ज हो कि मैनेजमेंट ने कर्मचारियों की हर सुख-सुविधा का ख्याल हमेशा रखा है। उसे इतना वेतन देता है-दे रहा है-मिलता रहा है कि कर्मचारी निश्चिंत भाव से बेफिक्र होकर अपने आवंटित काम को अंजाम दे सकें और मैनेजमेंट से कोई गिला शिकवा न करें। 

जानिए, कैसे ब्लैकमेल करते हैं ये दैनिक भास्कर वाले… (सुनें टेप) …रिपोर्टर ने संपादक के लिए प्राचार्य से मांगी LED

दैनिक भास्कर होशंगाबाद के सीनियर रिपोर्टर अभिषेक श्रोती ने यूनिट के संपादक अतुल गुप्ता के लिए रिश्वत में 70 हज़ार रुपये की LED मांगी है. रिपोर्टर ने यह LED ज़िले के शासकीय स्कूल पिपरिया के प्राचार्य से आगे खबर नहीं छापने और अभी तक छापी गई खबर में प्राचार्य सरयाम के विरुद हुई कार्रवाई को कलेक्टेर व जिला शिक्षा अधिकारी से फाड़कर फिकवाने के लिये मांगी है. यह खुलासा प्राचार्य द्वारा की गयी रिकॉर्डिंग में सामने आया है. रिपोर्टर द्वारा रिश्वत मांगने के बाद प्राचार्य ने इस रिकॉर्डिंग को सार्वजानिक की है.

मजीठिया वेतनमान पर उपायुक्त ने औरंगाबाद भास्कर से जवाब तलब किया

औरंगाबाद दैनिक भास्कर के मराठी दैनिक अखबार दिव्य मराठी को कामगार उप आयुक्त कार्यालय औरंगाबाद विभाग ने मजीठिया के संदर्भ में 19 जून 2015 को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आप ने मजीठिया वेतनमान अपने यहां लागू किया है नहीं।

भास्कर होशंगाबाद के पाँच कर्मचारियों को वापस काम पर रखने के सख्त आदेश

दैनिक भास्कर होशंगाबाद के कर्मचारियों द्वारा गुजरात हाई कोर्ट में मजीठिया का केस लगाने के बाद भास्कर प्रबंधन ने 25 में से 5 कर्मचारियों का अलग-अलग राज्यो में ट्रांसफर कर दिया था। साथ ही वहां ज्वॉइन कराने को लेकर प्रबंधन लगातार दबाव बना रहा था । कर्मचारियों ने ट्रांसफर को चुनौती दे दी। श्रम आयुक्त ने सुनवाई करते हुए भास्कर प्रबंधन को आदेश दिया कि आप कर्मचारियों को परेशान न करें। जब तक कोर्ट से केस का फ़ैसला नहीं आ जाता, ट्रान्सफर किये गए सभी 5 कर्मचारियों से पहले की तरह होशंगाबाद में काम लें और उनका रुका हुआ वेतन दें। 

राजस्थान में अब बढ़ेंगी भास्कर और पत्रिका की मुश्किलें

राजस्थान में दैनिक भास्कर व राजस्थान पत्रिका की मुश्किलें अब बढऩे वाली हैं। अभी तक तो ये दोनों अखबार श्रम विभाग के इंस्पेक्टरों को कोई तव्वजो नहीं देते थे। कागजात मांगने पर आनाकानी करते थे। संपादकों के जरिए सीएमओ से फोन करवा कर इंस्पेक्टरों पर धौंस जमाया करते थे। अब श्रम विभाग का यही इंस्पेक्टर इनकी मुश्किलें बढ़ाने वाला है।

हिन्दुस्तान में भगदड़, 37 ने दिया भास्कर में इंटरव्यू, शशिशेखर मनाने पहुंचे बिहार

हिन्दुस्तान की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस बार उसकी परेशानी का कारण बिहार में दैनिक भास्कर बना है। बिहार में अपने विस्तार में जुटे दैनिक भास्कर ने हिन्दुस्तान को बड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है।

मेरा संपादक श्याम शर्मा और एचआर विकास विजयवर्गीय मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं : रणजीत सिंह राजपूत

आदरणीय यशवंत सिंह
संपादक
भड़ास4मीडिया

महोदय मैं रणजीत सिंह राजपूत, सब एडिटर, दैनिक भास्कर भीलवाड़ा में हूं. वर्तमान में मुझे यहां कार्यरत संपादक श्याम शर्मा एवं एचआर विकास विजयवर्गीय प्रताड़ित कर रहे हैं. मेरे खिलाफ तरह तरह की बातें और अफवाह फैला रहे हैं. ये दोनों यह लोगों को यह कह कर भ्रमित कर रहे है कि रणजीत सिंह राजपूत ने रिजाइन दे दिया है. ये लोग मुझे  इरादतन मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं ताकि मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ जाए या मैं उत्पीड़न से परेशान होकर नौकरी छोड़ दूं.

मजीठिया वेतनमान मांगने पर हिसार भास्कर ने दो को सस्पेंड किया, गोली मारने की धमकी

मुन्ना प्रसाद हिसार (हरियाणा) दैनिक भास्कर में 26 वर्ष से काम कर रहे हैं। इस समय वह भास्कर में सीटीपी ऑपरेटर हैं। मुन्ना प्रसाद ने मजीठिया वेतनमान के लिए सुप्रीम कोर्ट में केस कर रखा है। जब भास्कर प्रबंधन को ये बात पता चली तो उसने मुकदमा वापस लेने के लिए उन पर दबाव बना दिया। पेपर में जो छोटी-छोटी गलतियां होती रहती हैं, उन्हीं को आधार बनाकर भास्कर प्रबंधन ने मुन्ना प्रसाद और उनके एक अन्य सहकर्मी सुरेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया। 

सुरेंद्र कुमार को भास्कर प्रबंधन द्वारा जारी सस्पेंशन लेटर

मीडिया कर्मियों से रिरिया भी रहे और धमका भी रहे, जयपुर भास्कर के संपादक एलपी पंत

जयपुर : दैनिक भास्कर जयपुर के संपादक एल पी पंत ने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन नहीं देने पर अवमानना का केस करने वाले और अपने यहां काम करने वाले पत्रकार साथियों पर केस वापस लेने के लिए धमकाना शुरू कर दिया है। उनकी हरकतों से मीडिया कर्मियों में भारी रोष बताया जाता है।

कोऑपरेटिव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खबर भास्कर ने नहीं छापी

जोधपुर : अपने आप को देश का सबसे बड़ा अखबार कहने वाले दैनिक भास्कर ने में क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खबर को छिपा लिया। उसे सिर्फ वेबसाइट पर प्रसारित कर दिया। प्रदेश के जागरूक तबके में इस घटिया नीयत को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं।    

जयपुर भास्कर ने संजय सैनी का जवाबी पत्र लेने से किया इनकार

जयपुर भास्कर प्रबंधन अब अपने पत्रों का जवाब स्वीकार करने से मना कर रहा है। इस कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार संजय सैनी की ओर से 17 मई का भेजा हुआ जवाबी पत्र भास्कर प्रबंधन ने स्वीकार नहीं किया है। सैनी ने भास्कर जयपुर की एचआर हेड वंदना सिन्हा को पत्र भेज कर 21 मई तक रांची ज्वाइन करने की चेतावनी भरे पत्र का कड़ा जवाब दिया था। उन्होंने अपने डेपुटेशन को अवैध व गैरकानूनी बताते हुए आदेश को भास्कर प्रबंधन की दुर्भावनावश की गई हरकत करार दिया था। सैनी ने यह जवाबी पत्र स्पीड पोस्ट से भिजवाया था लेकिन वंदना सिन्हा ने इसे रिफ्यूज कहते हुए लेने से मना कर दिया। सैनी को जब यह पत्र मिला तो उन्होंने बाकायदा ई-मेल कर भास्कर प्रबंधन की इस हरकत की जानकारी सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को भी दे दी है। 

भास्कर के नोटिस पर उपसंपादक का करारा जवाब, कहा- ये सुप्रीम कोर्ट की सरासर तौहीन है जनाब

इंदौर (म.प्र.) : दैनिक भास्कर इंदौर में कार्यरत उप-संपादक तरुण भागवत ने अदालत में विचाराधीन अपनी नौकरी के मामले में किशोर कुमार व्यास एडवोकेट के नोटिस के जवाब में कड़ा प्रतिवाद जताया है। उन्होंने लिखा है कि 30 अप्रैल 2015 को जारी पत्र 5 मई को स्पीड पोस्ट और 6 मई को रजिस्टर्ड पोस्ट से मिला। जैसा कि पत्र के पहले पैरा में उल्लेख किया गया है, डीबी कार्प प्रबंधन द्वारा मेरे और प्रबंधन के बीच चल रहे सर्विस मैटर में तथ्यों का पता लगाने और रिपोर्ट देने के लिए मेरे खिलाफ डोमेस्टिक इंक्वायरी हेतु नियुक्त किया गया है। इसमें प्रबंधन के प्रतिनिधि एचआर मैनेजर योगेश के. शर्मा होंगे।

बिना धूप, बिना छाया के भास्कर की माया, झूठी खबर से हरियाणा में खूब भद्द पिटी

एक समय हरियाणा में दैनिक भास्कर की अपनी अलग पहचान थी। सच्ची व विश्वसनीय खबरों के लिए भास्कर का नाम लिया जाता था। परन्तु मीडिया संस्थानों से थोक के भाव निकले पत्रकारों के रूप में सस्ते मजदूर मिलने से भास्कर ने अपनी विश्वसनीयता भी खो दी है।

…और ये रही वो खबर

ओछी हरकतों पर उतरा जयपुर भास्कर प्रबंधन

श्रम विभाग में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को जयपुर भास्कर प्रबंधन के कर्मचारी ओछी हरकतों पर उत्तर आए। भास्कर के पत्रकारों ने सीटू के सचिव जयपुर भास्कर के सीओओ संजय शर्मा ओर एच आर मैनेजर वंदना सिन्हा के खिलाफ प्रताड़ना और दुर्भावना से कार्रवाई करने पर केस कर रखा है। इस केस में श्रम विभाग ने सीओओ संजय शर्मा ओर एच आर मैनेजर वंदना सिन्हा को नोटिस जारी कर रखे है जिसकी शुक्रवार को तारीख थी। 

जागरण और भास्कर से शिवकुमार, त्रिभुवन, नृपेंद्र, मोहिंदर के बारे में सूचनाएं

दैनिक भास्कर पानीपत के संपादक शिवकुमार विवेक का भोपाल  ट्रान्सफर। सेटेलाइट सेटअप देंखेंगे। दैनिक भास्कर उदयपुर के संपादक बलदेवकृष्ण शर्मा पानीपत के नए संपादक होंगे। वह पहली मई से चार्ज लेंगे। उदयपुर के नए संपादक होंगे त्रिभुवन। इससे पहले त्रिभुवन दैनिक भास्कर जयपुर के ब्यूरो चीफ हुआ करते थे।

भास्कर जयपुर के सीओओ संजय शर्मा को सताने लगा जेल जाने का डर

दैनिक भास्कर जयपुर के सीओओ संजय शर्मा को अब ये डर सताने लगा है कि अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट उन्हें भी कही जेल न भेज दे। 

मजीठिया वेतनमान : भास्कर और राजस्थान पत्रिका ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए झूठे जवाब

दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में देश भर के पत्रकारों के भविष्य से जुड़े मजीठिया वेज बोर्ड के मामले  महत्वपूर्ण सुनवाई की तिथि अब चार-पांच दिन दूर है। इसके साथ ही मीडिया मालिकों ने पेशबंदी तेज कर दी है। पत्रकारों का हक मारने के लिए वे कानूनी स्तर पर तरह तरह की कागजी फरेब में लगे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक गत दिनो सुप्रीम कोर्ट में दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका ने अपने झूठे जवाब दाखिल करते हुए अदालत को बताया है कि उन्होंने अप्रैल 2014 से अपने यहां मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू कर दी हैं। उन्होंने यह भी सफेद झूठ बयान किया है कि मजीठिया की धारा 20-जी के अनुसार उनके संस्थान के सभी मीडिया कर्मियों ने प्रबंधन को लिख कर दे दिया है कि वे पुराने वेतनमान से संतुष्ट हैं। इसके पीछे मंशा ये साबित करने की है कि जो मीडिया कर्मी कोर्ट नहीं गए हैं, उन्हें मजीठिया वेतनमान नहीं मिलेगा। बाकी कर्मचारियों का काम प्रबंधकीय प्रकृति का है, इसलिए वे मजीठिया वेतनमान के हकदार नहीं हैं।

भागलपुर में भास्कर की बुकिंग शुरू होते ही लुढ़के अखबारों के भाव

भागलपुर (बिहार) : यहां के प्रमुख समाचार पत्रों दैनिक जागरण, हिंदुस्तान और प्रभात खबर ने अखबारों की कीमत डेढ़ रूपये कम करते हुए अब ढाई रूपये कर दी है. रविवार का अंक तीन रूपये का होगा. दैनिक भास्कर की आहट ने तीनों अखबारों की निंद उड़ा दी है. दैनिक भास्कर की बुकिंग अठारह अप्रैल से शुरू कर दी गयी है. भास्कर निन्यानवे रूपये में एक साल तक के लिये पाठक बना रहा है. बुकिंग कराने पर कथित रूप से ढाई सौ रूपये के गिफ्ट के अलावा साढ़े सात सौ रूपये का विज्ञापन कूपन भी दिया जा रहा है. बुकिंग कराने वाले पाठकों को 75 रू प्रति माह अखबार शुल्क देना होगा. 

सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से नहीं बच पायेंगे भास्कर जयपुर के सीओओ संजय शर्मा

दैनिक भास्कर जयपुर के सीओओ संजय शर्मा भी सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से नहीं बच पायेंगे। 

जेके ढेर बा उहे शेर बा : घटना के 72 घंटे बाद भी कांप रहा गांव छोड़ भागा परिवार

वाराणसी : भले ही लखनऊ में समाजवादी शासन फल-फूल रहा हो लेकिन भदोही के सवरपुर गांव में तो उसकी परछाई भी नहीं दिखती। यहां समाजवाद गरीब के दरवाजे पर नहीं पहुंचा, उलटे गरीब ही अपना घर-द्वार छोड़ भागता फिर रहा है। एक तरफ कैलाश गौड़ के दरवाजे पर बंद ताला, सूनी पड़ी झोपड़ी तो दूसरी तरफ प्रधान सभाजीत के बंद जुबान से एक कदम आगे मिश्रा बन्धुओं की बेबाक खुली जुबान खुद ब खुद बता रही है कि पंचायती राज व्यवस्था में सत्ता किसके नाम पर है, और उसे चला कौन रहा है। यहां प्रधान की हरकतें खुद ही बयान कर रही हैं कि वो महज एक रबर स्टंप से ज्यादा कुछ और नहीं है। प्रधान से कुछ पूछने पर जवाब मिश्रा बन्धु ही देते हैं।

भदोही के सवरपुर गांव के दबंगों से आतंकित परिवार वाराणसी की सड़कों पर दिन बिताते हुए

गुजरात हाईकोर्ट में भास्कर के खिलाफ सुनवाई टली, कर्मचारियों के पहुंचने से पहले ही वकील ने ले ली अगली तारीख

गुजरात हाईकोर्ट में अपनी तारीख पर सुनवाई के लिए पहुंचे भास्कर के कर्मचारी उस समय हक्के-बक्के रह गए, जब उन्हें पता चला कि भास्कर के अधिवक्ता तो उनके आने से पहले ही चुपचाप कोर्ट से अगली तारीख लेकर लौट गए। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। अगली तारीख 9 जून 2015 निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि आगामी 28 अप्रैल को मजीठिया मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अखबार मालिकानों के खिलाफ सुनवाई है। अगली तारीख 9 जून निर्धारित कराने पर कर्मचारी इसे किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। 

यूपी में जंगलराज : दबंगों की मार और पुलिस की फटकार से गांव छोड़ शहर भागा पूरा परिवार

वाराणसी : उत्तर-प्रदेश सरकार के हर गरीब को न्याय की इससे बेहतर मिसाल क्या हो सकती है। पहले दंबगों की मार, फिर खाकी की फटकार से बेहाल परिवार जान बचाने के लिए गांव छोड़कर बनारस की सड़कों पर  मारा-मारा फिर रहा है। परिवार को डर है कि गांव लौटे तो परिवार में से किसी की जान भी जा सकती है।

दबंगों की मार और पुलिस की फटकार से डरे सहमे नंदलाल और उनका परिवार

भागलपुर में भास्कर और दैनिक जागरण में छिड़ा पोस्टर युद्ध

भागलपुर (बिहार) : हिंदी समाचार दैनिक भास्कर टीम ने गत दिनो यहां शहर के चर्चित मंदिर बूढ़ानाथ में पूजापाठ की। इसके साथ ही भास्कर बुकिंग भी शुरू हो गई। पहली बुकिंग बाबा बूढ़ानाथ की हुई। जैसे ही भास्कर ने दो पोस्टर लगाकर जंग तेज की, दैनिक जागरण ने भी जवाबी पोस्टर लगाकर एक बार फिर नंबर वन होने का पोस्टर से ही आलाप लिया। 

पत्रकारों का उत्पीड़न करने पर भास्कर जयपुर के सीओओ और एचआर हेड एक मई को तलब

जयपुर : पत्रकारों का उत्पीड़न करने पर दैनिक भास्कर के सीओओ संजय शर्मा और एच आर हेड वंदना सिन्हा को श्रम विभाग जयपुर ने कारण बताओ नोटिस जारी कर 1 मई को अपने यहां तलब किया है।

भास्कर ने शोलापुर से रांची तबादला किया तो हेमंत कोर्ट से स्टे ले आए

भास्कर समूह डीबी कार्प को उसके इंप्लाई हेमंत चौधरी ने तगड़ा सबक सिखाया है. मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने वाले भास्कर के मीडियाकर्मी हेमंत चौधरी को प्रबंधन ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट उमेश शर्मा के माध्यम से मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर अवमानना याचिका लगाने वाले हेमंत चौधरी का पिछले दिनों भास्कर प्रबंधन ने शोलापुर से रांची तबादला कर दिया.

उत्तर प्रदेश के सात शहरों से लांच होगा दैनिक भास्कर, दीपक द्विवेदी समूह संपादक

उत्तर प्रदेश के अखबारों में कांटे की प्रतिस्पर्द्धा और विशाल क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए हिंदी दैनिक भास्कर पिछले कई वर्षों से अखाड़े में उतरने का साहस जुटा रहा था। कई तरह के कयास और शोशेबाजियों के लंबे सिलसिले के बाद अब उस पर विराम लगने की जानकारी मिली है। पता चला है कि निकट भविष्य में दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश में एक साथ सात शहरों से लांच होने जा रहा है। प्रदेश के सभी संस्करणों की कमान संपादक के रूप में वरिष्ठ पत्रकार दीपक द्विवेदी को सौंपी गई है। वह भास्कर के सभी संस्करणों के संपादक के साथ अखबार के बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर भी होंगे। 

मजीठिया वेज बोर्ड : सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई, भविष्य की रणनीति और लड़ने का आखिरी मौका… (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : सुप्रीम कोर्ट से अभी लौटा हूं. जीवन में पहली दफे सुप्रीम कोर्ट के अंदर जाने का मौका मिला. गेट पर वकील के मुहर लगा फार्म भरना पड़ा जिसमें अपना परिचय, केस नंबर आदि लिखने के बाद अपने फोटो आईडी की फोटोकापी को नत्थीकर रिसेप्शन पर दिया.

भास्कर जयपुर के संपादक की प्रताड़ना से तंग आकर इस्तीफा

जयपुर : दैनिक भास्कर जयपुर में 18 साल से कार्यरत मुख्य उपसंपादक रामबाबू सिंघल ने संपादक एल पी पंत की प्रताड़ना से तंग आकर अपना इस्तीफा एम डी सुधीर अग्रवाल को भेज दिया है। उन्होंने एम डी को भेजे अपने पत्र में कहा है कि एक पत्रकार के तौर पर कमर्ठता से सेवा दी है। पिछले कई दिनो से संपादक एल पी पंत उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।

लेबर कमिश्नर की सुनवाई में भास्कर प्रबंधन फिर गैरहाजिर

जयपुर : लेबर कमिश्नर के यहां 24 मार्च को सुनवाई के दौरान भास्कर प्रबंधन की ओर से लीगल ऑफिसर सुमित व्यास ही पेश हुए। उन्होंने लेबर कमिश्नर से जवाब के लिए अप्रैल तक का समय मांगा। इस पर लेबर कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देख़ते हुये अधिक समय देने से इनकार कर दिया।

कोटा भास्कर गंदी हरकत पर उतरा, मजीठिया मांग रहे कर्मियों पर दर्ज कराई चोरी की रिपोर्ट

कोटा (राजस्थान) : मजीठिया मामले पर समझौता वार्ता के लिए श्रम कार्यालय में उपस्थित आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ दैनिक भास्कर प्रबंधन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। एफआइआर से पहले श्रम कार्यालय में प्रबंधन पक्ष के वकील ने उनसे दुर्व्यवहार करते हुए उन पर चोरी के आरोप लगाए। इससे कर्मचारियों में रोष है, साथ ही अपने साथ उन्होंने किसी बड़ी अनहोनी का अंदेशा भी जताया है। 

भास्कर प्रबंधन बड़प्पन दिखाये ओर सभी पत्रकारों को काम पर वापस ले : संभागीय श्रम आयुक्त

जयपुर। दैनिक भास्कर प्रबंधन की प्रताड़ना झेल रहे वरिष्ठ  पत्रकार संजय कुमार सैनी समेत 23 पत्रकारों की ओर से दायर औधोगिक वाद के मामले की सुनवाई श्रम आयुक्त के यहां हुई। सुनवाई में सवेरे 11. 30 बजे से लेकर 12 30 बजे तक दैनिक भास्कर प्रबंधन की ओर से जब कोई नहीं आया तो समभागीय श्रम आयुक्त जी पी कुकरेती ने 24 मार्च की अगली तारीख तय कर दी। पत्रकारों की ओर से अनुरोध किया कि भास्कर प्रबंधन के प्रतिनिधि के नहीं आने पर सेक्शन 11 में अरेस्ट वारंट जारी कर कंपनी के अधिकारियों को तलब किया जाये।

भास्कर प्रबंधन का उत्पीड़न झेल रहे पत्रकारों की सुनवाई 27 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में

जयपुर। मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने लिए आंदोलन कर रहे दैनिक भास्कर जयपुर के वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सैनी व उनके साथियों की याचिका पर 27 मार्च को सुनवाई होगी। सैनी अपने साथियों के साथ भास्कर प्रबंधन का उत्पीड़न झेल रहे हैं। इस याचिका में उन्होंने भास्कर की ओर से की जा रही प्रताड़ना को बंद करने की भी गुहार लगाई है। प्रबंधन ने सैनी और उनके साथी सुधीर कुमार शर्मा को डेपुटेशन पर रांची भेजने का आदेश जारी कर रखा है। इसके खिलाफ सैनी ने श्रम आयुक्त के यहाँ भी औधोगिक वाद दायर किया हुआ है जिसकी सुनवाई 20 मार्च को है।

झालावाड़ ‘भास्कर’ झुका, सभी कर्मचारी काम पर लौटे

झालावाड़ (राजस्थान) : दैनिक भास्कर झालावाड़ के कर्मचारियों की गत 16 मार्च को झालावाड़ लेबर आफिस में समझौता वार्ता के दौरान अखबार के वकील ने मजीठिया को लेकर संघर्षरत कर्मचारियों को झूठा और कामचोर कहा। गाली की भाषा में वकील के आग बबूला होने पर लेबर इंस्पेक्टर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि – हमें पता है, आप लोगों की हकीकत क्या है। आप चुप रहें तो ही अच्छा होगा। अंतत: भास्कर प्रबंधन को सशर्त झुकना पड़ा। बताया गया है कि समझौते के बाद सभी कर्मचारियों ने काम करना शुरू कर दिया है।

भास्कर बोकारो में ब्यूरो चीफ की दबंगई, महिला कर्मी से अभद्रता, स्टॉफ में रोष

दैनिक भास्कर प्रबंधन ने बोकारो संस्करण (झारखंड) की कमान अशोक अकेला के हाथों में सौंप दी है, जिसके बाद से ही कार्यालय में उथल-पुथल मची हुई है। इस ब्यूरो चीफ की कारस्तानियों की वजह से एडिटोरियल और विज्ञापन विभाग में लोग सहमे हुए हैं। सबसे पहले भास्कर बोकारो के पहले ब्यूरो चीफ अभय मिश्र गौतम को हटाने के लिए एक या दो महीने पहले से ही प्रयास शुरू दिए थे और सफलता भी मिल गई। हटाते ही खुद के ब्यूरो चीफ बनने का रास्ता साफ हो गया।

भास्कर के रिपोर्टर की शासन से शिकायत

होशंगाबाद : भास्कर के एक रिपोर्टर की हरकतों से तंग आकर जिला चिकित्सालय हौशंगाबाद (मध्यप्रदेश) की नर्सों ने प्रदेश के प्रमुख सचिव से इंसाफ की गुहार लगाई है। सचिव ने आरोप का संज्ञान लेते हुए जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 

आरोपी रिपोर्टर अमित शर्मा

दैनिक भास्कर जयपुर में भी हड़ताल, मीडियाकर्मी आफिस से बाहर आए

एक बड़ी खबर जयपुर से आ रही है. कल शाम दर्जनों मीडियाकर्मी दैनिक भास्कर आफिस से बाहर आ गए. ये लोग मजीठिया वेज बोर्ड मांगने और सुप्रीम कोर्ट में मानहानि का मुकदमा करने के कारण प्रबंधन की रोज-रोज की प्रताड़ना से परेशान थे. कल जब फिर प्रबंधन के लोगों ने मीडियाकर्मियों को धमकाया और परेशान करना शुरू किया तो सभी ने एक साथ हड़ताल का ऐलान करके आफिस से बाहर निकल गए.

प्रबंधन के खिलाफ हिसार भास्कर यूनिट ने फूंका विद्रोह का बिगुल, मजीठिया के लिए सुप्रीम कोर्ट गए

मजीठिया वेज बोर्ड लागू कराने और अपना बकाया एरियर लेने के लिए दैनिक भास्कर की हरियाणा यूनिट भी एकत्र होनी शुरू हो गई है। इसकी पहल सबसे पहले हिसार यूनिट की ओर से की गई है। इसमें भिवानी ब्यूरो से प्रदीप महता, कुलदीप शर्मा, भूपेंद्र सिंह, राकेश भट्ठी, संजय वर्मा और सुखबीर ने सुप्रीम कोर्ट के वकील अक्षय वर्मा के माध्यम से भास्कर के मालिक रमेश चंद्र अग्रवाल से लेकर भिवानी के ब्यूरो प्रमुख अशोक कौशिक तक लीगल नोटिस भिजवा दिए हैं।

क्या पैसों की भूख और धंधे की हवस में सुधीर अग्रवाल सर कहीं खो गए?

(रजनीश रोहिल्ला)


Rajneesh Rohilla : सुधीर अग्रवाल जी आग से खेलोगे तो जल जाओगे। बहुत हो चुका। सहने की भी सीमा है। इतना अत्याचारी आपको किसने बनाया? इतने कठोर आप कब से हो गए? क्या पैसों की भूख और धंधे की हवस में सुधीर अग्रवाल सर कहीं खो गए? जिन लोगों ने आपके लिए रात दिन एक किये, आज वो आपके काम के क्यों नहीं रहे? सर मुझे बड़े दुःख के साथ आपको यह कहना पड़ रहा है कि आपके आस-पास मीडिया का तमगा लगाए पत्रकारों का एक ऐसा गिरोह घूम रहा है, जो आपको सचाइयों से बहुत दूर किये हुए है।

मजीठिया के लिए कोर्ट गए दिव्य मराठी के हेमकांत को भास्कर प्रबंधन प्रताड़ित कर रहा

औरंगाबाद दिव्य मराठी में कार्यरत हेमकांत चौधरी अपने हक के लिए गुजरात हाईकोर्ट गए हैं. वे मजीठिया वेज बोर्ड के तहत सेलरी व एरियर न देने पर अखबार प्रबंधन के खिलाफ खुलकर लड़ रहे हैं. जैसे ही कंपनी को पता चला कि हेमकांत ने केस लगाया है, उत्पीड़न शुरू कर दिया गया. दिव्य मराठी अखबार दैनिक भास्कर समूह का मराठी दैनिक है. औरंगाबाद दिव्य मराठी से हेमकांत चौधरी द्वारा हाईकोर्ट जाने पर कोर्ट ने भास्कर मैनेजमेंट को नोटिस जारी कर दिया.

मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : पत्रिका और भास्कर ने उत्पीड़न तेज किया, बर्खास्तगी और इस्तीफे का दौर

हिंदी पट्टी के दो बड़े अखबारों राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर से खबर है कि यहां मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी मांगने वालों का प्रबंधन ने उत्पीड़न तेज कर दिया है. भास्कर प्रबंधन तो बौखलाहट में ऐसे ऐसे कदम उठा रहा है जिसे देख सुनकर सभी लोग दांतो तले उंगलियां दबा रहे हैं. पत्रिका प्रबंधन ने मजीठिया मांगने वाले एक मीडियाकर्मी को बर्खास्त कर दिया है. उन्हें जो पत्र भेजा गया है उसमें लिखा गया है कि– ”आपको कंपनी के क्लाज 3 के अनुसार तीन महीने का एडवांस नोटिस व एडवांस वेतन देकर सेवा से मुक्त किया जाता है. आपकी सेवाओं की अब कंपनी को जरूरत नहीं है. आप 27 फरवरी से खुद को सेवा से मुक्त समझें.”

मजीठिया वेजबोर्ड संघर्ष : अपने ही जाल में फंसते जा रहे हैं भास्कर के साहेबान

हिसार : मजीठिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस करने वाले कर्मचारी अब भास्कर प्रबंधन के गले की फांस बनते जा रहे हैं। एक तरफ तो अधिकारियों को कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट में पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं वहीं आला अधिकारी डर के मारे लेबर कोर्ट में चल रही सुनाई में भी स्वयं न आकर अपने जूनियरों को भेज रहे हैं ताकि उनका दामन और गला दोनों सेफ रहे। सोमवार को हुई लेबर कोर्ट की सुनवाई में बाहर से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा।

कोर्ट ने भास्कर प्रबंधन को लगाई लताड़, 17 तक मजीठिया वेज बोर्ड का हिसाब पेश करने को कहा

दैनिक भास्कर, होशंगाबाद के दर्जनों कर्मचारियों की याचिका पर बीते दिनों गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. ये याचिका मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी व एरियरर देने के लिए दायर की गई है. याचिका दायर होने के बाद भास्कर प्रबंधन लगातार अपने कर्मियों का उत्पीड़न कर रहा है पर कर्मी भी न्यायिक व कानूनी तरीके से डटकर लड़ाई लड़ रहे हैं और प्रबंधन के कागजों नोटिसों का जवाब उसी तरह मजबूत कागजी कानूनी कार्रवाई के जरिए दे रहे हैं.

दैनिक भास्कर रतलाम : मजीठिया के लिए केस लगाने वालों पर प्रबंधन की बर्बरता, एक कर्मचारी से इस्तीफा लिया

दैनिक भास्कर की अन्य यूनिटों की तरह ही रतलाम (मप्र) की यूनिट में भी मजीठिया को लेकर कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। इससे प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। बौखलाहट में प्रबंधन बर्बरता पर उतारू हो गया है। कार्यकारी संपादक ने तो मजीठिया के लिए केस लगाने वाले एक कर्मचारी से इस्तीफा ही ले लिया है। लेखा विभाग ने तो हद ही कर दी है, कर्मचारी के खिलाफ रिकवरी भी निकाल दी है। इस कार्रवाई ने आग में घी का काम किया है और कर्मचारियों ने प्रबंधन को ईंट का जवाब पत्थर से देने का मन बना लिया है।

भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री में बड़ा और नया प्रयोग करने जा रहे हैं दीपक शर्मा समेत दस बड़े पत्रकार

(आजतक न्यूज चैनल को अलविदा कहने के बाद एक नए प्रयोग में जुटे हैं दीपक शर्मा)


भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया.

मजीठिया की आग दैनिक भास्कर रतलाम पहुंची, कर्मचारी हुए एकजुट

: यहां भी हो सकती है होशंगाबाद, कोटा, भीलवाड़ा, हिसार और नोएडा जैसी हड़ताल : मजीठिया की आग मध्य प्रदेश के रतलाम जिले तक भी पहुंच गई है। यहां भी दैनिक भास्कर, नईदुनिया, पत्रिका के सभी विभागों के कर्मचारी (पत्रकार और गैर पत्रकार) ने अलग-अलग माध्यमों से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में अखबारों के मालिकों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का केस दायर कर दिया है। अखबार प्रबंधनों को इसकी भनक भी लग गई है। उन्होंने समझाने, दबाने और प्रताड़ित करने की तैयारी भी कर ली है।

कोटा के बाद दैनिक भास्कर भीलवाड़ा में भी बगावत, प्रबंधन पीछे हटा

मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने वाले कर्मियों को लगातार परेशान करने के कारण भास्कर ग्रुप में जगह-जगह विद्रोह शुरू हो गया है. अब तक प्रबंधन की मनमानी और शोषण चुपचाप सहने वाले कर्मियों ने आंखे दिखाना और प्रबंधन को औकात पर लाना शुरू कर दिया है. दैनिक भास्कर कोटा में कई कर्मियों को काम से रोके जाने के बाद लगभग चार दर्जन भास्कर कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए हड़ताल कर दिया और आफिस से बाहर निकल गए.

बाएं से दाएं : आंदोलनकारी मीडियाकर्मियों के साथ बात करते भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह, अजमेर के वरिष्ठ पत्रकार रजनीश रोहिल्ला और जर्नलिस्ट एसोसिएशन आफ राजस्थान (जार) के जिलाध्यक्ष हरि बल्लभ मेघवाल.

दैनिक भास्कर होशंगाबाद के 25 कर्मचारी मजीठिया के लिए गए हाईकोर्ट, नोटिस जारी

दैनिक भास्कर से सबसे ज्यादा मीडियाकर्मी मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से सेलरी एरियर पाने के लिए कोर्ट की शरण में गए हैं. ये संख्या हजारों में हो सकती है. ताजी सूचना होशंगाबाद यूनिट से है. यहां के करीब 25 मीडियाकर्मियों ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है. जब इसकी खबर भास्कर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को मिली तो इन्होंने हाईकोर्ट जाने वालों कर्मियों को एक एक कर अलग अलग केबिन में बुलाया और धमकाना शुरू कर दिया. इन्हें नौकरी से निकाल दिए जाने की धमकी भी दी गई है. कर्मचारियों से कहा गया कि उन्हें सात दिन गैर-हाजिर दिखाकर नौकरी से टर्मिनेट कर दिया जाएगा.

दैनिक भास्कर प्रबंधन नीचता पर उतारू, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कर्मियों के खिलाफ थाने में झूठी शिकायत

दैनिक भास्कर कोटा में मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने पर प्रबंधन द्वारा किए जा रहे दमनात्मक कार्यवाहियों का सिलसिला थमा नहीं है. पांच छह कर्मियों को आफिस आने से मना करने के बाद अब इनके खिलाफ प्रिंटिंग मशीन खराब करने की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई है. इससे कर्मचारियों में रोष फैल गया. सभी आंदोलनकारी कर्मचारियों ने प्रबंधन की इस नीचता के खिलाफ एकजुट रहने और आखिरी दम तक लड़ने का संकल्प लिया है. इस बीच भास्कर प्रबंधन ने अपने सभी विभागों के राजस्थान हेड को कोटा भेज दिया है और संकट से निपटारे की कोशिश शुरू कराई है.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के साथ बैठक के बाद ग्रुप फोटो खिंचाते दैनिक भास्कर कोटा के हड़ताली मीडियाकर्मी.

बगावत की आग दैनिक भास्कर तक पहुंची, कोटा में हड़ताल

मजीठिया वेज बोर्ड पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने वाले मीडियाकर्मियों के प्रताड़ना का सिलसिला तेज हो गया है. दैनिक जागरण नोएडा के कर्मियों ने पिछले दिनों इसी तरह के प्रताड़ना के खिलाफ एकजुट होकर हड़ताल कर दिया था और मैनेजमेंट को झुकाने में सफलता हासिल की थी. ताजी खबर दैनिक भास्कर से है. यहां भी मीडियाकर्मियों को सुप्रीम कोर्ट जाने पर परेशान किया जाना जारी है. इसके जवाब में दैनिक भास्कर के कोटा के दर्जनों कर्मियों ने एकजुट होकर हड़ताल शुरू कर दिया है.

कोर्ट जाने पर छह मीडियाकर्मियों को भास्कर प्रबंधन ने किया टर्मिनेट

गुजरात से खबर है कि दैनिक भास्कर वालों के गुजराती अखबार दिव्य भास्कर की मेहसाणा यूनिट के 20 मीडियाकर्मियों ने प्रबंधन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है. ये लोग मजीठिया वेज बोर्ड के अनुरूप सेलरी एरियर न दिए जाने के खिलाफ कोर्ट गए हैं. प्रबंधन को अपने कर्मियों के कोर्ट जाने की जानकारी मिली तो अब सभी को परेशान किया जा रहा है.