आईएएस डॉ. हरिओम का ताज़ा ग़ज़ल वीडियो रिलीज, सुनें-देखें

आईएएस अधिकारी डॉ॰ हरिओम का ताज़ा ग़ज़ल वीडियो ‘मंजिलों से ख़फ़ा ख़फ़ा जैसे, मैं कोई एक रास्ता जैसे’ हाजिर है. बात कहने की यह गहराई और सोच की संजीदगी हरिओम के अंदाज़ में है. ग़ज़ल के अगले शेर में जीवन के सौन्दर्य और समय की बेहद गहरी समझ दिखती है. ‘ज़िन्दगी यूँ गुज़रती जाए है, वक़्त मुझमें रुका रुका जैसे’. यहाँ वक़्त को जैसे पुनर्परिभाषित किया गया है. अमूमन हम समझते हैं कि समय तेज़ी से बीतता लेकिन शायर गायक हरिओम मानते हैं कि समय ठहरा हुआ सा लगता है जब हम प्यार में होते हैं. यह ज़िन्दगी है जो आगे निकल जाती है.

इस ग़ज़ल में मतला के अलावा तीन शेर और हैं. मतला ज़िन्दगी के फ़लसफ़े को नए सिरे से पेश करता है कि ज़िन्दगी में मंज़िल की तलाश बेमानी है. सफ़र ही सुन्दर, सार्थक और वास्तविक है. शायर खुद मंजिलों ने नाखुश है. वह खुद को रास्ता मानता है. रास्ता चलता रहता है. मंज़िल सिर्फ ठहरी रहती है. रास्ता मंजिलों से भी आगे निकलता है.

सुनें ग़ज़ल

Album : Manzilon Se Khafa Khafa Jaise
Singer : Dr. Hari Om
Music : Dr. Hari Om
Lyricist : Dr. Hari Om
Music Arranger : Ravi Pawar
Video Direction : Dr. Hari Om
Actors : Dr. Hari Om, Malvika Hari Om
Camera : Vibhaw Shukla, Jaideep Singha

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One comment on “आईएएस डॉ. हरिओम का ताज़ा ग़ज़ल वीडियो रिलीज, सुनें-देखें”

  • Karuna Rajurkar says:

    भड़ास की भीड़ में सुखद अहसास ।हरिओम जी को बधाई । तमाम आई ए एस के बीच एक अलग चेहरा।

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