Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

इंडिया न्यूज़ में सैलरी संकट! तीन महीने से वेतन न मिलने से कर्मचारियों में गहरी नाराज़गी

नई दिल्ली | 14 जून 2025

देश के प्रमुख समाचार नेटवर्क इंडिया न्यूज़ में गंभीर वेतन संकट की खबरें सामने आ रही हैं। चैनल से जुड़े कई कर्मचारियों ने दावा किया है कि उन्हें पिछले तीन महीनों से तनख्वाह नहीं मिली, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।

टेक्निकल स्टाफ, रिपोर्टर्स और प्रोड्यूसर्स सहित कई विभागों के कर्मचारी इस समस्या से जूझ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी प्रबंधन ने अब तक न तो वेतन भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट समय-सीमा दी है और न ही कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण।

वेतन मांगने पर उत्पीड़न का आरोप

कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने वेतन को लेकर अपनी आवाज़ उठाई, तो उन्हें चुप कराने की कोशिश की गई या फिर तनावपूर्ण माहौल में काम करने को मजबूर किया गया। कई कर्मचारियों को यह भी डर है कि आवाज़ उठाने पर नौकरी से हटाया जा सकता है।

प्रबंधन पर पक्षपात का आरोप

कर्मचारियों का कहना है कि जहां एक ओर अधिकांश स्टाफ वेतन के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं प्रबंधन से जुड़े चुनिंदा लोगों और हाल ही में नियुक्त कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित भुगतान किया जा रहा है। इनमें पूर्व ज़ी न्यूज़ के अधिकारी अभय ओझा की टीम के लोग शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति हाल ही में हुई है।

सूत्र बताते हैं कि HR विभाग के कुछ ‘पसंदीदा’ कर्मचारियों को भी आंशिक या विलंबित भुगतान मिल रहा है, जबकि अधिकांश पुराने और मेहनती कर्मचारी पूर्ण रूप से वेतन से वंचित हैं।

राणा यशवंत भी जब तक रहे सिर्फ़ अपनी चिंता किए, सैलरी संकट पर खुलकर प्रबंधन से बात कर रास्ता निकालने में विफल रहे और आख़िर में उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

कर्मचारी सोच रहे कानूनी रास्ते

बढ़ते संकट और प्रबंधन की चुप्पी के चलते कई कर्मचारी अब नौकरी छोड़ने या कानूनी विकल्प तलाशने पर भी विचार कर रहे हैं। इस संदर्भ में इंडिया न्यूज़ की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

संकट से जूझते परिवार

एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हमने हमेशा मेहनत से काम किया, लेकिन अब घर चलाना मुश्किल हो गया है। EMI, बच्चों की फीस और रोज़मर्रा के खर्च कैसे पूरे करें, यही सबसे बड़ा सवाल है।”

यदि स्थिति शीघ्र नहीं सुधरी तो यह संकट सिर्फ कर्मचारियों का नहीं, बल्कि पूरे मीडिया उद्योग की साख का सवाल बन सकता है। पत्रकारिता की रीढ़ कहे जाने वाले जमीनी कर्मचारी अगर आर्थिक असुरक्षा में जी रहे हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था भी प्रभावित होगी।


उपरोक्त खबर पर इंडिया न्यूज़ के लीगल सेल का बयान- “यह दावा कि कर्मचारियों को तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, पूरी तरह से असत्य, निराधार और मानहानिपूर्ण है। आपके और आपके मंच द्वारा की गई ये कार्रवाइयाँ तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और हमारी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने का प्रत्यक्ष प्रयास हैं.”

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
5 Comments

5 Comments

  1. Naam Me Kya Rakha Hai Paise Do Employee Ke

    June 14, 2025 at 2:40 pm

    OMG… Aise Kaise Kar Sakte Hain? Ye Hai Real Media

  2. Ritu

    June 15, 2025 at 11:06 am

    This is the real trurth of indian news. Last 3 months se salary nhi di hai or koi salary k lie bolte hai too job se nikalne ki dhmki milti hai. Yha ka HR sirf chmchagiri krta hai logo ko drata hai , iss channel ko bnd kr dena chaiye ya malik par case krna chaiye.

  3. Atul

    June 15, 2025 at 11:12 am

    Sahi mai iin logo nai 3 months se salary nhi di hai or job se nikalne ki dhmkiya de rhe hai iis channel pr court case hona chaiye. Jb salary deni ki aukat nahi thi too employees ko hire kis liye kia tha

  4. Neha

    June 15, 2025 at 11:13 am

    Iss par court case hona chaiye ,yha ka hr bhut gnda hai dhmkia deta hai kise ko btana nhi hai , kartik pr case kro

  5. Riya

    June 15, 2025 at 11:16 am

    Police case kro or hr ko kartik k sath arrest krwao

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन