Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भेजा यूपी सरकार को नोटिस

उत्तर प्रदेश में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मारे जाने के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस उस याचिका पर सुनवाई के बाद जारी कि जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल पीआईएल को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर की गुहार लगाई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार को जलाए जाने और उनकी हत्या के मामले की स्वतंत्र जांच के लिये जगेंद्र के बेटे द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस लेने की परिस्थितियों की सीबीआई जांच हेतु दायर याचिका पर विचार करने का निश्चय किया. इससे पहले याचिका दायर कर पत्रकारों की सेफ्टी के लिए गाइडलाइंस बनाए जाने की बात कही गई है.

उत्तर प्रदेश में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मारे जाने के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस उस याचिका पर सुनवाई के बाद जारी कि जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल पीआईएल को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर की गुहार लगाई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार को जलाए जाने और उनकी हत्या के मामले की स्वतंत्र जांच के लिये जगेंद्र के बेटे द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस लेने की परिस्थितियों की सीबीआई जांच हेतु दायर याचिका पर विचार करने का निश्चय किया. इससे पहले याचिका दायर कर पत्रकारों की सेफ्टी के लिए गाइडलाइंस बनाए जाने की बात कही गई है.

इस बीच लखनऊ से खबर है कि पूर्व कानून मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल की वकालत से यूपी कांग्रेस खुद को शर्मिंदा महसूस कर रही है. पार्टी के विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया को चिट्ठी लिखकर कहा है कि जिन मामलों में कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग कर रही है, उस मामले में कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में जांच का विरोध कर रहे हैं. इससे प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शर्मसार महसूस कर रहे हैं. माथुर ने सोनिया को लिखी चिट्ठी में कहा है कि शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या के मामले में उनके परिवार के लोगों ने सरकार के मंत्री और पुलिस पर आरोप लगाया था.

यह पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र प्रसाद का संसदीय क्षेत्र रहा है. यूपी कांग्रेस सहित पार्टी के अधिकतर वरिष्ठ नेताओं ने मंत्री को हटाने और सीबीआई जांच की मांग की है. इसके उलट केंद्रीय नेता कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच का विरोध कर रहे हैं, इसलिए वह मामले में हस्तक्षेप करें. यादव सिंह केस में हाई कोर्ट के सीबीआई जांच के फैसले के खिलाफ प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी. इस मामले में भी कपिल सिब्बल ने सपा सरकार की ओर से पैरवी की थी हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा. कांग्रेस यादव सिंह के मसले को भी प्रमुखता से उठाती रही है.

इसे भी पढ़ें:

Scribe Jagendra Singh burning case : SC seeks response from Centre, UP on PIL

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन