राजेश साहू-
ऑनलाइन गेमिंग में 96 लाख रुपए हारने वाला हिमांशु मिश्रा बिहार का नहीं बल्कि यूपी के कानपुर के गोविंद नगर का है। तीन साल पहले इसका परिवार कानपुर में अपना मकान करीब 14 लाख में एक सिंधी परिवार को बेचकर बिहार के बांका जिले में बस गया था। हिमांशु वहां गया लेकिन कुछ वक्त के बाद ही यह वहां से भाग निकला। यह कानपुर में आया। हाथ में कलम का डिब्बा लेकर निकलता और लोगों को अपनी दर्दनाक कहानियां सुनाता। इतनी दर्दनाक कि लोग पिघल जाते।
कानपुर में पिछले महीने ऐसे ही करके अक्षय से पहले पैसा लिया फिर एक कोचिंग में एडमिशन करवा लिया। उन लोगों ने एक ढाबे पर रहने की व्यवस्था की। लेकिन 4 दिन बाद ही वहां से भाग गया। लेकिन एक सबूत छोड़ गया। अपनी एक किताब में आधार कार्ड। उस आधार कार्ड के जरिए ही हिमांशु के खिलाफ़ अब शिकायत दर्ज हुई है।
हिमांशु का एक बड़ा भाई है। कानपुर देहात के रानियां इंडस्ट्रियल एरिया में काम करता है। दादानगर की एक लड़की से शादी कर ली। उससे संपर्क किया गया तो उसने साफ कह दिया कि मुझे उससे कोई मतलब नहीं। मां कानपुर में गोविंद नगर की एक स्कूल में प्राइवेट टीचर थीं। 3 साल पहले ही बिहार में सरकारी हुई। अब वहीं चली गईं।
हिमांशु कहता है कि उसने 96 लाख रुपए दोस्तों से कर्ज लिए। लेकिन कानपुर में उसके किसी दोस्त ने उसे कोई पैसा नहीं दिया। वो दावा करता है कि 30-35 लोगों से कर्ज लिया। किसी से 1-2 लाख तो किसी से 6 लाख। लेकिन किससे, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। मोबाइल कबसे नहीं यूज करता इसकी भी जानकारी नहीं दी।
हिमांशु अब तमाम मीडिया संस्थानों में बैठकर बढ़िया किस्से सुना रहा। जनता भावुक होकर सुन रही। हमें हर उस व्यक्ति से सिम्पैथी है जो ऑनलाइन गेम में हारा और अब पछता रहा। लेकिन हिमांशु जो कह रहा उस पर भरोसा कर लेना थोड़ा अजीब लग रहा।
जैकी यादव-
दैनिक भास्कर ने 96 लाख हारने का दावा करने वाले हिमांशु मिश्रा की पोल खोल दी है।
दैनिक भास्कर की पड़ताल में पाया गया है कि हिमांशु मिश्रा बिहार का नहीं बल्कि कानपुर का रहने वाला है। हिमांशु का अपनी दर्दभरी कहानी सुनाकर लोगों को ठगना पेशा है।
हिमांशु मिश्रा ने कानपुर में एक व्यक्ति को अपनी कहानी सुनाई तो उस व्यक्ति ने हिमांशु मिश्रा के रहने और पढ़ने का इंतज़ाम किया मगर हिमांशु कुछ ही दिनों में वहां से भाग गया।
हिमांशु के कई जानने वालों से बात करने पर पाया गया कि उसे किसी ने भी कोई भी बड़ा कर्ज नहीं दिया है।
रणविजय सिंह-
इस लड़के में अद्भुत सामर्थ्य है. ये लोगों को भरमा सकता है. झूठी कहानियां गढ़ सकता है. बेहतरीन एक्टर है.
कल को ये कहे कि..
- ये बचपन में गुब्बारे बेचता था
- इसके घर वाले दूसरों के घर में सफाई का काम करते थे
- इसने छिपकली से दोस्ती की थी
लोग मान जाएंगे, लोग हैं ही…
ये पूरी छानबीन भास्कर के कानपुर रिपोर्टर रवि पाल ने की है। पूरी कहानी पढ़ें… वायरल लौंडा
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