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दिल्ली

केजरीवाल को दिल्ली में कोई किराये पर मकान देने को तैयार नहीं है!

‘बंधु दिल्ली में कोई हमें घर देने को तैयार नहीं है।’ यह ना तो मुंबई की तर्ज पर किसी मुस्लिम का कथन है और ना ही घर ढूंढने वाले किसी बेरोजगार का। जिससे किराया मिलेगा या नहीं इस डर से मकान मालिक घर देने से इंकार कर दे। यह शब्द अरविन्द केजरीवाल के हैं। जी, वही केजरीवाल जिन्होंने दिल्ली में बेघरों को घर दिलाने की जद्दोजहद की। ठंड भरी रातों में खुले आसमान तले रात बेघरों को गुजारनी ना पड़े इसके लिये केजरीवाल के मंत्री जद्दोजहद करते रहे। उसी केजरीवाल को दिल्ली में कोई किराये पर मकान देने को तैयार नहीं है।

<p><img class=" size-full wp-image-15043" src="http://www.bhadas4media.com/wp-content/uploads/2014/06/images_kushal_ppb.jpg" alt="" width="826" height="444" /></p> <p>'बंधु दिल्ली में कोई हमें घर देने को तैयार नहीं है।' यह ना तो मुंबई की तर्ज पर किसी मुस्लिम का कथन है और ना ही घर ढूंढने वाले किसी बेरोजगार का। जिससे किराया मिलेगा या नहीं इस डर से मकान मालिक घर देने से इंकार कर दे। यह शब्द अरविन्द केजरीवाल के हैं। जी, वही केजरीवाल जिन्होंने दिल्ली में बेघरों को घर दिलाने की जद्दोजहद की। ठंड भरी रातों में खुले आसमान तले रात बेघरों को गुजारनी ना पड़े इसके लिये केजरीवाल के मंत्री जद्दोजहद करते रहे। उसी केजरीवाल को दिल्ली में कोई किराये पर मकान देने को तैयार नहीं है।</p>

‘बंधु दिल्ली में कोई हमें घर देने को तैयार नहीं है।’ यह ना तो मुंबई की तर्ज पर किसी मुस्लिम का कथन है और ना ही घर ढूंढने वाले किसी बेरोजगार का। जिससे किराया मिलेगा या नहीं इस डर से मकान मालिक घर देने से इंकार कर दे। यह शब्द अरविन्द केजरीवाल के हैं। जी, वही केजरीवाल जिन्होंने दिल्ली में बेघरों को घर दिलाने की जद्दोजहद की। ठंड भरी रातों में खुले आसमान तले रात बेघरों को गुजारनी ना पड़े इसके लिये केजरीवाल के मंत्री जद्दोजहद करते रहे। उसी केजरीवाल को दिल्ली में कोई किराये पर मकान देने को तैयार नहीं है।

केजरीवाल ने दिल्ली का सीएम बनने के बाद डीटीसी बसों को रैन बसेरा में तब्दील किया। दो हजार से ज्यादा बेघरों के लिये छत की व्यवस्था ४९ दिनों की सत्ता के दौरान कर दी गयी। जिन बस्तियों में सिर्फ घर थे लेकिन घर बिजली -पानी से महरूम हुआ करते थे, वहां बिजली पानी व्यवस्था कराकर घरों को आबाद किया। बच्चों की किलकारियां घुप्प अंधेरे में समाये घरों में लौटी क्योंकि बल्ब जगमगाने लगे। मां-बाप खुश हुय़े कि उनकी जेब पर कोई डकैती नहीं डाल रहा है। रसोई में चूल्हा बंद कराने वाले बिजली के बिल कम हुये। कुछ के माफ हुये। बिलों के सौदागरो की दुकानें बंद हुई। लेकिन इसी केजरीवाल को कोई मकान देने को तैयार नहीं है।

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तिलक लेन के सरकारी आवास को खाली कराने के लिये केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन भी हुये और नारे भी लगे। लेकिन ना तो किसी नारे लगाने वाले को पता था ना ही तख्तियों पर केजरीवाल के खिलाफ घर खाली करो के शब्द लिखने वालों को कि घर के भीतर जो दर्द पसरा है, उसमें पत्नी परेशान है कि घर खाली कर कहां जाएं। बच्चों के दोस्त पहले स्कूल में अब अड़ोस-पड़ोस के खेलते वक्त पूछ लेते हैं। घर खाली कर कब जा रहे हो य़ा फिर क्या कोई घर मिला। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में एक शख्स घर देने को तैयार हो गया तो केजरीवाल का पूरा परिवार ही सामाने की गठरी बांधने में लग गया कि दो दिन के भीतर घर खाली कर देंगे। शनिवार-रविवार को सामान चला जायेगा। और फिर सोमवार को मयूर विहार में मिलेंगे।

शुक्रवार को टेलीफोन पर यही कुछ केजरीवाल ने कहा। और यह भी कहा कि अब मयूर विहार में मिलेंगे। वक्त हो तो आइयेगा। मैंने भी कहा चलिये जो लोग आपको सरकारी मकान छोडने के लिये नारे लगा रहे थे उन्हें अब सुकुन होगा। और जिक्र सरकारी मकान के ८४ हजार रुपये किराये का नहीं होगा। सुकुन की राजनीति का नहीं होगा। बात आयी-गयी हो गयी। मुझे भी लगा कि यह तो खबर है कि केजरीवाल सरकारी घर छोड़ कर किसी किराये के घर में जा रहे हैं। तो न्यूज चैनल के स्क्रीन पर खबर चल पडी-केजरीवाल घर खाली करेंगे । रविवार को झटके में मैंने सोचा कि केजरीवाल घर खाली कर रहे हैं तो आखिरी बार उन्हें सरकारी घर में मिल लिया जाये। भरी दोपहरी में तिलक लेन के सरकारी घर में पहुंचा। तो केजरीवाल अकेले घर में मिले। कुछ इधर उधर की बात होती रही। राजनीतिक तौर पर देश के हालात पर भी चर्चा हुई।

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लेकिन कुछ देर बाद ही केजरीवाल की पत्नी पहुंची। और शांत बैठे केजरीवाल से कुछ गुफ्त-गू करने लगीं। फिर अचानक मेरी तरफ देख कर बोली हम किराये के घर के बारे में बात कर रहे हैं। लेकिन अब आप इसे खबर ना बनाइएगा। क्यों क्या हुआ। आपका सामान तो शिफ्ट हो रहा होगा। अरे नहीं। केजरीवाल बोले । आपने खबर दिखायी और मकान मालिक ने घर देने से ही मना कर दिया। क्यों। क्योंकि घर मालिक को लगा कि केजरीवाल को मकान देंगे तो फिर मीडिया भी आयेगा और नगर निगम को दिखाये नक्शे से इतर एक कमरा जो बना लिया है, उस पर सभी की नजरें जायेंगी। तो फिर बेवजह सफाई देते रहनी होगी। केजरीवाल की पत्नी दुखी थीं। चेहेरे पर हताशा थी।

खुद दो महीने बाद प्रमोट होकर इनकम टैक्स कमीशनर के पद पर होंगी।  लेकिन आम आदमी के लिये संघर्ष करते केजरीवाल की फितरत ने पत्नी को भी उसी संघर्ष के बीच ला खड़ा किया, जहां राजनीति करते हुये एक चल रही व्यवस्था को चुनौती देते हुये सामान्य जिन्दगी जीना कितना मुश्किल हो सकता है, उसके जख्म हर क्षण पूरा परिवार खामोशी से आज सीने पर ले रहा है। पत्नी खुद आईआरएस अधिकारी हैं। एक महीने बाद प्रमोट भी हो जायेंगी। फिर इन्कम टैक्स कमिश्नर हो जायेंगी। यानी अभी भी कोई छोटा पद नहीं है। लेकिन ना कोई क्वार्टर है ना कोई विभाग। दिल्ली में सत्ता बदली है। केजरीवाल ने और किसी को मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वाराणसी जाकर चुनौती दी थी तो क्या यह चुनौती लोकतंत्र के दायरे से इतर थी। कौन सा डर केजरीवाल परिवार को खामोश किये हुये है। जो केजरीवाल दिन में बैटरी रिक्शा वाले के हक के लिये दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से तर्क करते हैं। शाम होते होते मोहल्ला सभा में हर बस्ती हर कालोनी वालो के दर्द के निपटारे का रास्ता निकालने में भिडे रहते है। और शाम ढलने के बाद घर पर पहुंचने वाले हर दुखियारे की गुहार को सुन कर जल्द ही कुछ कर देने का आश्वासन देते हों।

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वही शख्स एक अदद किराये के मकान को लेकर परिवार को भी भरोसा ना दे पा रहा है। और पत्नी बच्चों को अपने पति अपने पिता पर गर्व हो। सरकारी घर के एक कमरे में बूढे मां बाप भी हर आने जाने वाले को देखते हों। घर के बाहर कतारों में खड़े लोगों की बेटे केजरीवाल से काम कराने की तसल्ली पाकर ही लौट जाते हों। वह खुद किस मानसिकता में होगा इसका अहसास शायद खामोश कमरे में पत्नी के शब्दों से ही टूटता है या कहे कही ज्यादा खामोशी ओढ कर निकलने के हालात पैदा करता है। क्योंकि जिस दिल्ली के लिये सबकुछ छोड़ा उसी दिल्ली में घर किराये पर देने से पहले कोई पूछता है, आपके यहा तो बहुत लोग आयेगें । तो कोई राजनीतिक नेताओ का खौफ दिखाता है। आपको घर दे दिया तो मोहल्ले के छुटमैया नेता ही सही लेकिन परेशान करेंगे।

किसी को लगता है केजरीवाल को घर किराये पर दे दिया तो इलाके के नगर निगम अधिकारी से लेकर कांग्रेस-बीजेपी के नेताओ के भी निशाने पर वह आ जायेगा। आपने तो दिल्ली को ताकत दी। ल़डना सिखाया । तो क्या दिल्ली कमजोर और डरे हुये लोगो का शहर है। नहीं मै यह तो नहीं कह सकता। लेकिन फिलहाल तो एक अदद किराये का घर चाहिये। तो फिर केजरीवाल क्या करें । क्या दिल्ली छोड यूपी में डेरा डाल दें। जहा कानून -व्यवस्था चाहे चौपट हो लेकिन नोयडा या गाजियाबाद में तो घर मिल जायेगा। इन इलाको में घर मिल रहे हैं। नहीं नहीं दिल्ली की सियासत इतनी भी अंधेरी नहीं है। यहां राजनीति इतनी भी जहरीली नहीं हुई है। सबकुछ है। इसलिये मैंने बार बार व्यवस्था बदलने का जिक्र किया था। डरे हुये लोगो को उनकी ताकत का एहसास कराना चाहता था। लेकिन आम आदमी को जबतक ताकत मिलती ताकतवर लोग ही डर के साथ एकजुट हो गये । और वही डराते हैं। शायद संघर्ष करने की राजनीति का क्या मोल होता है या क्या क्या चुकाना पडाता है यह सब हम देख रहे हैं। लेकिन हर कोई शामोश है । किसी को केजरीवाल में मसालेदार खबर चाहिये। किसी को केजरीवाल का संघर्ष में सबकुछ लुटाना ताकत देता है। किसी को केजरीवाल का अतीत सुकुन देता है। किसी राजनेता को खामोश केजरीवाल से राजनीतिक ताकत मिलती है । तो सत्तादारी को बिना मांगे केजरीवाल को सरक्षा दे कर सुरक्षा के कटघरे में अलग थलग खड़ा कर देना राहत देता है। क्योंकि कोई भी अवस्था केजरीवाल को आम आदमी नहीं मानती। और केजरीवाल भी हट किये हुये है कि वह संघर्ष आम आदमी को लेकर ही करेंगे। चाहे चारदीवारी के बाहर यह सवाल का आ पाये कि कौशांबी का क्वार्टर दिल्ली को संभालने के लिये छूटा।

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पत्नी के छत से सरकार क्वार्टर का हक दिल्ली के आम आदमी के हक के लिये छूटा। क्योंकि दिल्ली का सीएम बना तो कौशंबी का घर छोड दिल्ली आना ही पडा । अब बेटी की परीक्षा समाप्त हो चुकी है रिजल्ट निकल चुका है । तो सरकारी घर छोड तो दें लेकिन कमाल है कोई घर ही नहीं दे रहा । यह आखिरी लफ्ज केजरीवाल ने जिस सरलता घर से निकलते निकलते कह दिया, उतनी ही दुविधा थी इस सरल शब्दो को पचाने में लगे क्योकि जिस वक्त केजरीवाल ने राजनीति शुरु की कमोवेश हर मोहल्ले में महज एक रुपये की टोकन किराये पर दर्जन भर लोग घर देने को तैयार थे । और अब केजरीवाल मुस्कुराते हुये कहते है बंधु दिल्ली में हमें कोई किराये का मकान देने को तैयार नहीं है।

वरिष्ठ और चर्चित पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी के ब्लाग से.

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0 Comments

  1. Anshul

    June 18, 2014 at 1:37 am

    acha

  2. Chintan Patel

    June 18, 2014 at 1:53 am

    This sold out man of foreign funded NGO पुण्य प्रसून बाजपेयी and anti nation element, please inform where is original house of the Kejariwal where he was staying before getting Gov home.
    All are lies in this article. He had declared more than 2 crores of property in his affidavit to Election commission.

    पुण्य प्रसून बाजपेयी this article is big joke.

    Krantikar i bhahot Krantikari!

  3. ravi

    June 18, 2014 at 1:58 am

    Krantikari….Bahut krantikari….

  4. SN VERMA

    June 18, 2014 at 2:11 am

    This is an article of a #Krantikari patrakar written to boost image of a #Nautankibaaz ex-CM of Delhi,who claims to be an aam aadmi but is interested in entitlement ofa Khaas aadmi.Let her wife take govt accomodation(typev) quarter in Delhi.why they want type vii quarter, which any way, she won’t be entitled to even after becoming commissioner.

  5. sujata

    June 18, 2014 at 2:13 am

    dilli mai aur bhi bahot CM ho chuke hai.. unke saath to ye problem kabhi nahi hui aajtak.. kejriwal ke saath hi kyu… ?

    kyu ki sab ko pata hai woh dramebaaz hai aur nautankibaaz hai.. ! itni hi sharam thi to woh sarkar chhod k kyu bhag gaye.. itne mahie sarkari awaas mai kyu rahe..

    aur mr bajpayee, pls AAP k talve na chaate aur.. media mai hai,, unbiased ho ke news dikhaye..

    kejriwal ne apni akadd, zidd aur pagalpan mai apni party ko khatam kiya hai.. kripiya woh dikhaye..

    AAP mai kitni matbhed hai,, har koi chhod k ja raha hai.. party bass naam ki party reh chuki hai woh dikhaye..

    aur thoda sharam bhi kare..

  6. स्वामी निश्चलानन्द

    June 18, 2014 at 2:15 am

    वाह ! बहुत क्रान्तिकारी ! अजी, कोई वाकई निरीह, बेबस, परेशान आदमी होता और उसके बारे में ऐसी सहानुभूति दिखायी जाती तो ठीक भी था !! जिस आदमी ने राजनीति के नाम पर झूठ बोलने के अलावा कुछ नहीं किया…. जिसकी NGOs को विदेशों से मिले करोडों रुपयों का केवल गोलमाल ही है….. उसपर दिल्ली का कोई मकानमालिक भरोसा कैसे कर सकता है?
    अब आप टोपीवाल के लिये एक क्रान्तिकारी आंदोलन चला सकते हैं…. मोदी तो अकेली जान है, साथमें कोई परिवार नहीं है तो उन्हें रेसकोर्स रोड पर प्रधानमन्त्री आवास के नाम पर पाँच बंगलों की क्या आवश्यकता है ? और वैसे भी टोपीवाल भारत का प्रधानमन्त्री बनने के ही ख्वाब देख रहा है…. तो उन पाँच बंगलों में से एक पर “आम आदमी” के अधिकार से कब्जा करना ठीक रहेगा…. और आपका चैनल इस आंदोलन का सूत्रधार बन जायँ तो कई बातें होंगी….. आपके बहुत ही क्रान्तिकारी चैनल का टीआर्‌पी बढेगा, टोपीवाल को प्रसिद्धि का नया बहाना मिलेगा और “आम आदमी” की लड़ाई के लिये नया मुद्दा मिलेगा !!
    सोच क्या रहे हैं…. शुरू हो जाईये !! 😆 😛

  7. Gaurav

    June 18, 2014 at 2:18 am

    बहुत क्रांतिकारी तरीक़े से आप ने केजरीवाल को मसीहा और उन की ‘कमिश्नर’ होने वाली पत्नी को लाचार आम आदमी बना परोस दिया है । महज़ एक घर का उदाहरण दे आप ने बहुत क्रांतिकारी रुप से पूरे दिल्ली से किराये के मकानों की लिस्ट समाप्त कर दी ।इतना ही नहीं आप ने हमें यह भी अहसास करा दिया कि इंनकम टैक्स का (होने) वाला) कमिश्नर किसी प्रापर्टी डीलर को बोल कर एक किराये का घर नहीं ले सकता क्योंकि कोई भी डीलर टैक्स नहीं भरता । आप महान पत्रकार हैं । अपने फ़ोन से इतना ही लिख सका अन्यथा अभी और क्रांति की भ्रांति दूर कर देता । @gauravsks

  8. Pawan

    June 18, 2014 at 2:21 am

    Great paid article. Why government is afraid to define the boundaries of media.

  9. kgaipal

    June 18, 2014 at 2:22 am

    well written

  10. navneet chaturvedi

    June 18, 2014 at 2:22 am

    वाजपेयी जी अब तो अपनी हरकतों से बाज आओ, क्या ग़ज़िआबाद में केजरीवाल के पास अपना घर नहीं है जहां वो सालों से रह रहे हैं , ऐसी चमचागिरी करते हो और खुद को वरिष्ठ पत्रकार भी कहलवाते हो , शर्म करो और बंद करो ये बकवास अपनी

  11. Dr Vishnu kumar Agra

    June 18, 2014 at 2:28 am

    कितनी कमजोर राजनीति​क व्यवस्था है हमारी इसका पता इस घटना से लगता है। क्या किसी जीवंत लोकतंत्र में एक राजनीतिक संघर्ष की ध्वजा थामे आम आदमी की बेहतरी के लिए एकला चल रहा हो। जो पूर्व मुख्यमंत्री भी हो। क्या यह व्यवस्था इतनी निर्मम है कि उसे तिल तिल कर मरने के लिए मजबूर कर दे। भले ही उस व्यक्ति की राजनैतिक भूलें अक्षम्य हों किंतु एक पूर्व सरकारी अफसर, पूर्व मुख्यंत्री और वर्तमान बड़े अफसर पत्नी का पति होकर भी दर दर की ठोकरें खाने के लिए विवश हो। यह तब है जब दिल्ली में अनेक राजनेता अवैधानिक रूप से दिल्ली के सरकारी बंगलों पर वर्षों से कब्जा जमाए हुए है।

  12. madhukar

    June 18, 2014 at 2:33 am

    Bahut krantikari..shows how biased are u ?

  13. Pankaj Mistry

    June 18, 2014 at 2:53 am

    Very sad indeed. There are prices people have to pay for fighting against the status quo. That struggle has got even bigger now. But AK and his team have made this there way of life, i wish him all the best.

  14. Virendra Kumar Nath

    June 18, 2014 at 3:05 am

    Ghar arvind kejriwal ko nahi mil raha hai aur dukhi ye punya prason ho raha .Ghar to apke pass bhi hoga delhi aap hi kyu nahi de dete rent per dono sath tv setting to karte hi ho ghar per bhi kar lena

  15. heena

    June 18, 2014 at 3:12 am

    Kejri ne bahut paal rakhe hai aise journos 🙂

  16. V. Parkash

    June 18, 2014 at 3:24 am

    समझ नहीं आ रहा है कि केजरीवाल आम आदमी है या चुनाव पश्चात अनैतिक गठबन्धन के सहारे एक अपूर्ण राज्य का कुछ दिनों के लिए मुख्य मन्त्री बन कर विशेषाधिकार प्राप्त ख़ास आदमी है, जो विशेष सुविधाओं के लिए, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आप जैसे मित्रों के माध्यम से रोना रोते रहते हैं? गाँधी टोपी पहनने मात्र से महान नहीं बना जा सकता । इसके लिए विचारों एवं सार्वजनिक व्यवहार में समनव्य होना अति आवश्यक है । परिवार का वास्ता देकर सहानुभूति बटोरना शोभा नहीं देता । अगर क्रान्ति का सूत्रधार बनना है तो परिवार, बच्चे, घर आदि का मोह त्यागना होगा । अन्यथा किसी भी अन्य राजनीतिज्ञ की तरह जैसे भी सम्भव हो अपना उल्लू सीधा करते हुए अपना खेल जारी रखें, कौन परवाह करता है ।

  17. saurav chaudhary

    June 18, 2014 at 3:40 am

    Mr parsoon vajpayee, this is ur shitty piece of writing. We already know you for krantikari drama. Now this.. You r a shame on journalism. N yes by writing all this n hoping kejri will get power again just by fooling innocent people like last time won’t work. So called loyalists of a political group r you hoping for a ticket too? Mr .vajpayee i have initially thought you would have written something great about kejriwal but this shit of drama? Hope you will feel no shame by writing all this..

  18. Alok Nayal

    June 18, 2014 at 3:48 am

    I still dont understand why is AK still trying so hard….why not just leave this whole crap of saving the nation and move on with his own life…just like all who have commented on this post have!!!..guys he seriously needs ur advice…ask him to mind his own business!!!

  19. bhaskar

    June 18, 2014 at 3:50 am

    ha ha ha . puny prasoon bajpayee …… charchit patrkaar. krantikaari bahut hi krantikaari … ye kuchh jyada hi krantikaari ho gaya . ….. to bajpayee saheb aap hi kyon nahi de dete kejriwal ko ghar kiraaye par … ab ye mat kahiyega ki aapka bhi koi ghar nahi . ye kuchh jyada hi krantikaari ho jayega . 😀 😀 😀 😀

  20. Alok Nayal

    June 18, 2014 at 3:52 am

    I seriously dont understand why is AK trying so hard…he should leave the crap of saving the nation and move on with his life…move into a smaller house which his wife is entitled…probably do his own business..plan sending his kids to US and spare them of the misery of living in this country…just like 99% of the people in this country do(including the ones who commented here)…guys…seriously he needs ur advice!!

  21. Mayank

    June 18, 2014 at 3:53 am

    But bajpayee ji kejriwal ji ne affidavit Mai 2 ghar aur 2 crore Ki property show Kari hai.. Un 2 gharo Mai kyun nahi reh saktey Vo jara batayei to??

    Arey apne ko patrakaar bolne se pehle Zara shakalbdekhiye apni sheeshe Mai..

  22. sachin

    June 18, 2014 at 3:54 am

    🙁 इमानदारी की सजा

  23. N K Thakur

    June 18, 2014 at 3:57 am

    नो उल्लू बनाईंग …… क्रांतिकारी जी ..

  24. kehri

    June 18, 2014 at 3:57 am

    This is so sadnees newws

  25. LALIT

    June 18, 2014 at 3:57 am

    100 मेसे 80 बेईमान फीर भी मेरा भारत महान.

    By the way

    Is Adani Ltd going to purchase India Today ??

    PPBAJPAIY Ji have you left Aaj Tak ??

  26. prerna

    June 18, 2014 at 4:43 am

    यह लेख और इसके नीचे के commemts साफ़ साफ़ इशारा करते हैं कि इस देश में ऐसे गुलामों की कमी नहीं है जो अम्बानी अदानी के हाथो रोज़ लुटने को तो तैयार है। स्वराज इनसे हज़म नहीं होता। गुलाम मानसिकता के लोग! अरविन्द के लायक नहीं है ये देश

  27. Shivam Semwal

    June 18, 2014 at 4:49 am

    well written article, Arvind ji jaise leader sdiyo me ek baar hi aate h, rasta kthin h pr aage brte jana h

  28. bsb

    June 18, 2014 at 5:10 am

    kenjariwal ne jo jo bate kahi thi vo sach ho rahi hai.gas ke dam badne vale hai,mehgai par koi kabu nahi,bjb kale dhan vale logo ka naam nhi btana chahti.lekin logo ko is se kiya matlab.logo ko joote khaane ki aadat Parh gai hai.ab modi apne achhe din to le aya par logo ke bure din shuru ho chuke hai.

  29. Vivek Singh

    June 18, 2014 at 5:26 am

    Its very sad to hear this that the ppl AK is fighting for are not ready to provide an accomodation to him..and the worst part is those ppl who have done nothing for the betterment of the country are hurling abuses at AK..Shame on these ppl..these ppl deserve to be governed by criminals and rapists..when something bad happens to them then only they will understand the value of this priceless leader..A good article sir..let the dogs bark..u keep up d good work..we r with AAP

  30. amit kumar

    June 18, 2014 at 5:30 am

    This very bad if this is keep happening, the day is not far away that we would go 200 years back. So we come and be strength of Arvind and his team.

  31. Dave

    June 18, 2014 at 5:33 am

    When he have his own house as per his election affidavits,then why he is looking for a house on rent?

  32. Pradeep Bansal

    June 18, 2014 at 6:03 am

    😐 बहुतों को माकूल पड़ता है,
    आम आदमी के लिए लड़ना ,खास आदमी बने रहकर,

    कोई इस शख्श के अपनों से पूछे ,
    क्या गुजरती है उन पर, जिनका कोई लड़ता है- खास होतेहुए भी

    -आम आदमी की लड़ाई
    यूँ आम आदमी बनकर।

  33. Suraj

    June 18, 2014 at 6:32 am

    Kaha ki delhi….dil hi nahi hai kisi ke pass….

  34. Charanjit

    June 19, 2014 at 2:52 am

    I think mostly Indian think about their rights, what about duties.its our duty to think that what we can do for our country.we always say,india is a corrupt country,who did it.we did it yes we did it.this is a war between a simple human beings with a corrupt system.wake up people .think about your next generation.world is way ahead than us and we still getting raped everyday

  35. Abhishek Kumar

    June 18, 2014 at 7:00 am

    Kyun public ko bana rahe ho punya prasoon bajpeyi… tum kitne achhe journalist ho ye pure desh ne dekh rakha hai (krantikaari bahut hi krantikari)…BTW jab Sir Kejriwal maha prabhu ne GZB se delhi shift kara tha wo makaan bhi inka apna hi hai aur delhi me mahaprabhu ke total 3 flats hai..
    Janta sab janti hai..
    No Ullu Banoing….

  36. virender

    June 18, 2014 at 7:04 am

    BHUT KRANTIKARI, BHUT HI KRANTIKARI

  37. aditya

    June 18, 2014 at 7:21 am

    Aaj ke baad shayad koi insaan himmat nahi juta paega rajneeti me imandaari ki aawaz uthane ki 🙁

  38. sukh bhullar

    June 18, 2014 at 8:46 am

    salo media walo sharam kro or rahi baat kejriwal ji ki to unke liye pura bharat pda hai rehne k liye okay

  39. kapil

    June 18, 2014 at 8:57 am

    had ho gai prun pasun vajpai yee pado phle@vijesh21: @msisodia @ArvindKejriwal IT कमिश्नर बीवी खुद की है तो सरकारी क्वार्टर क्यूँ नही लेता? गुडगाँव में निजी फ्लैट क्या मौज मस्ती के लिए रखा है ?……….
    kyu sb ko bevkuf bante ho yr…..
    tum bhi itne gatiya nikle socha na tha phle shudhr jao kyu desh ko duba rhe ho tum jese log mil kr ……. itna deshdroh mat bano yr….. bs apko ek tck chaiye uske liy…. kyu aaj tak ko duba rhenho kyu janta me nafrat fela rhe ho

  40. Madhusudan Bansal

    June 18, 2014 at 10:14 am

    haryana me mera ghar khali h,m kejriwalji ko apna ghar bina kiraye ke dene ko tayar hu,jab tak chahe kejriwalji mere ghar me rah skte h,kass mere pass delhi me bhi koi ghar hota to wo bhi kejriwalji ko de deta

  41. Parth

    June 18, 2014 at 10:38 am

    Hahaha. Krantikari, bahot hi krantikari. 😆 😆 😆 Fabricated lies, lies and damn lies. This article stinks of bias, corruption and ass licking. Bajpayee ji bohat izzat karta tha aapki. Khair. Aap hi kyun nahin de dete apna ghar rent pe?

  42. ayush singh

    June 18, 2014 at 10:59 am

    imandar logo ke sath log aisa hi karte hai

  43. PRAGYA ANAND

    June 18, 2014 at 11:48 am

    MUJKO YE SAMAJH ME NAHI AAYA ..KEJRI KO AAPKO YE SUB BATANE KE KAYA PAD GAYE…ohh again publicity through vajpaiye jee..mai iss admi (kejri) ko abhi tak nahi samajh payi hu..jo suru se apne work ke prati dishonest ho usse honesty ke kaya umeed..direct CEO KE liye apply..phele apne honesty un chote kamo ke prati dekhate…confused person.pata nahi iske wife bhi confused hi lagti hai…hmmmmmm

  44. sunil

    June 18, 2014 at 12:20 pm

    :-* vajpai ji aapko kha ka ticket mil rha h delhi elction m? Tabhi itni sahanbhuti ho rahi h. Mene kejri or tumhara pehle ka mms dekha h. Tum dono mile hue ho. Kitni bhi kosis kar lo is bhagode ki image thik nahi hogi. So apna time kharab mat karo or honest reporting karo. Janta sab janti tum dono k bare m. In reality no ullu banao hamko. Get lost

  45. Akriti

    June 18, 2014 at 12:32 pm

    Some points:

    1. A person who has been dealing with the system since 1998 (when most of the “commenters” here were learning alphabets), probably has enough common sense to gauge that if he makes a “drama” about his house-issue people will talk about his other houses. There will be a reason why he isn’t moving there. Any “bhakt” cared to see the other side of the coin before making noise?

    2. His wife may be the IT commissioner but to expect her to use her position to coerce a builder into giving them an apartment as has been pointed by some very smart but highly stupid person above would make her “corrupt” & that is what they are not. Think before you hurl insults at someone.

    3. They cannot move into wife’s quarter because they cannot run a political party from a government residence. How difficult is it to understand this? 1+1=2, you get this much? Same amount of understanding required.

    4. He is not “attached” to his family, his family wants to stay with him because that is what family is. Only someone who doesn’t know this will make such an insensitive observation & advise him to forget the “moh” of his family & get on with his work if he is sincere. He is sincere, & his family supports him. Like yours would have? Same.

    Lastly, make no judgements where you have no compassion. Or are you too much of a troll to become a better person by following this?

  46. Mrinal Arya

    June 18, 2014 at 1:37 pm

    I have a 2BHK flat in Noida Sector 110. It is under construction. I will get the possession in August this year. If your guys can accommodate in a 2BHK, it is all yours.

  47. Aloksh

    June 18, 2014 at 2:03 pm

    Phir se vajpeyi ki paid news.. … koi credibility hai ya nehi reporters ki aajkal.

  48. sunil

    June 18, 2014 at 2:16 pm

    Akriti tumhe doctor ki jarurat h apna ilaz karwa lo. Kahi kejru bhagoda to nahi nam badal kar message kar rha h .

  49. vijay arya

    June 18, 2014 at 2:16 pm

    Is krantikaari PPB kee besharmi kee had ho gai. Patarkarita ke naam par jutey chaata rahta hai. Kejriwal ke pass kausambi (ghaziabad) mein apna ghar hai. Gurgaon mein uski wife ke naam par makaan hai. Hisar mein kai crore kee jamin padi hai. Baap ek achhi post se retire hai. Maa ek retired principal hai. Phir bhi bechar garib hai. Wah re P.P Bajpai.

  50. ANOOP RAJ GAIROLA

    June 18, 2014 at 2:17 pm

    अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जो भी सोच हमारे मन में आती है,वह अपने आप को सच्चाई के रास्ते पर न चल पाने व सच्चाई को अपनाने की असमर्थता को justify करने का बहाना मात्र है।

  51. ऋषि दुबे

    June 18, 2014 at 5:30 pm

    समस्या केजरीवाल के अनाप सनाप बयानो से है। निराधार आरोप लगाना और फिर जोश में आ कर सभी व्यक्तियों को चोर कह देना। समाज या व्यवस्था सुधारने के लिए ऐसे तिकड़म छिछली मानसिकता दिखाती है। चाहे आप कितने भी इमानदार हों। आपकी इमानदारी आपके अपने काम करने के तरीके में भी नज़र आनी चाहिए। और पुण्य बाबू, आप पत्रकार हैं। करुणा निधान बन रहे हैं…आपकी पत्रकारिता तो क्रांतिकारी थी ही,अब अतिक्रन्तिकारी हो गयी है।

  52. Amit

    June 18, 2014 at 5:53 pm

    जोशी जी रस्सी जल गयी पर बल नहीं गये अभी| आपकी वाफादारी कमाल की है| जिस आदमी को कोई अपना मकान नही दे रहा, वोट कहाँ से देगा| पर आप ने तो तारीफो के पुल बांध दिये है| क्रांतिकारी बहुत ही क्रांतिकारी|

  53. Vishwajeet Bembi

    June 18, 2014 at 7:58 pm

    पुण्य प्रसून वाजपेयी चाटुकारिता की भी हद्द होती है। टीवी पर जो तुम्हारी सच्चाई का पर्दा हटा और दुनिया ने तुम पर थू थू करा उसके बाद भी तुम्हें आत्मग्लानि नहीं हुई। तुमने बेशर्मी की पराकाष्ठाएं पार कर दी हैं। डूब मारो तुम दोनों क्रांतिकारी कहीं जाकर और इस देश को बख्श दो।

  54. saurabh

    June 18, 2014 at 8:04 pm

    es article par jitni comment aya hai ye apne aap me bayan karta hai ki AK ki important kitni hai. AAP ke ane se pahle kitne log kisi neta ke bare me apne comment dete the? Jis desh ke logon ko ache aur pure neta ki samjh nahi hai uksa hal pichle 60 sal yahi hona tha. Aur log abhi bhi es pat ko nahi samjhenge to agle 60 saal bhi yahi hal hone wala hai.

  55. soni

    June 18, 2014 at 9:03 pm

    Ajj tak/Shara is all funded by BJP they will only come up with stories which are favouring BJP they should change name to BJP Tak or BJP Sahara they try to make news which have no sence

  56. Vijay

    June 19, 2014 at 2:09 am

    Sad. But I am not worried, these small problems will not matter in long run. It will only strengthen his resolve as days pass. Good luck and best wishes to AK and AAP from Delhi.

  57. SANDEEP MUNJAL

    June 19, 2014 at 5:04 am

    कमिश्नर बीवी खुद की है तो सरकारी क्वार्टर क्यूँ नही लेता?
    गुडगाँव में निजी फ्लैट क्या मौज मस्ती के लिए रखा है ?……….

    kyu sb ko bevkuf bante ho yr…..

    tum bhi itne gatiya nikle socha na tha phle shudhr jao kyu desh ko duba rhe ho tum jese log mil kr …….
    itna deshdroh mat bano yr…..
    bs apko ek tck chaiye uske liy…. kyu aaj tak ko duba rhenho kyu janta me nafrat fela rhe ho …
    ..
    SHAME ON U ..
    ..
    KRANTIKARI …bahot hi KRANTIKAARI … 😉 😉

  58. raja

    June 19, 2014 at 5:07 am

    जो आदमी सरकारी ट्रेनिंग का खर्चा लौटाने से मना करता है, किसी कानुन को मानने से मना करता है, सिस्ट्म सुधारने की बात करनेवाला, सरकार छोड के भाग जाता है, दिल्लि कि जनता को उल्लु बनाता है, ऎसे गुणकारी महानुभव को कौन घर देगा भाइसाब? जैसी करनी वैसी भरनी…सिधी बात…नो बकवास..

  59. Ratan Singh

    June 19, 2014 at 6:10 am

    ये प्रसून तो बड़ा चापलूस और चाटूकार भी है ! आज पता चला !

  60. himanshu khanduri

    June 19, 2014 at 6:14 am

    kejriwal sirf bolta h krta kuch nhi h. hisaar me uska ghar h to vahi kyu nhi chala jata?????????????

  61. himanshu khanduri

    June 19, 2014 at 6:16 am

    media ki ek limit hoti h ek maan hota h to prasioon ji us maan ko ab mat girao 8)

  62. m prasad

    June 19, 2014 at 6:30 am

    अरविंद केजरीवाल भगौडा है। दिल्‍ली की जनता को जो झूठे सपने दिखाए। आज इसी कारण कोई उसको दिल्‍ली में एक अदद आशियाना देना नहीं चाहता। केजरीवाल की राजनीति अब खत्‍म हो चुकी है।

  63. SK Bakshi

    June 19, 2014 at 7:12 am

    AK is sold out man of foreign funded NGO .where is original house of the Kejariwal where he was staying before getting Gov home.
    AK is becoming joke and laughing stock, come what way he wants some coverage in Media. Yeh natak Buhat ho gaya and AK ko samjana chahia ki public is fed up. By such things instead od gaining importance, he is loosing image rapidly but usko to power ki itni hunger hai ki uski budhi kaam nahi kar rahi. God can help him if he keeps quite,

  64. LALIT

    June 19, 2014 at 7:48 am

    Desh ke Logo ko Opposition ne AK Ko Bhagoda kahe ke Fool Banaya Hai. AK ne Resign karne ke baad Turat Election ki Demand Ki Thi. Cong & BJP ne Election na karake Bhagoda Upnam Diya hai jab ki Election to Dono party karana nahi chahati thi.
    And one more thing
    पुण्य प्रसून बाजपेयी Agar AK ka Koi Fever me likhte he to kya Koi Crime hai ?

    Jara Aakhe Kholiye Aur dekheye Kitna Journalist Khule AAM dusre Politician ko Support karte hai.

  65. virender

    June 19, 2014 at 9:23 am

    [quote name=”Akriti”]Some points:

    1. A person who has been dealing with the system since 1998 (when most of the “commenters” here were learning alphabets), probably has enough common sense to gauge that if he makes a “drama” about his house-issue people will talk about his other houses. There will be a reason why he isn’t moving there. Any “bhakt” cared to see the other side of the coin before making noise?

    2. His wife may be the IT commissioner but to expect her to use her position to coerce a builder into giving them an apartment as has been pointed by some very smart but highly stupid person above would make her “corrupt” & that is what they are not. Think before you hurl insults at someone.

    3. They cannot move into wife’s quarter because they cannot run a political party from a government residence. How difficult is it to understand this? 1+1=2, you get this much? Same amount of understanding required.

    4. He is not “attached” to his family, his family wants to stay with him because that is what family is. Only someone who doesn’t know this will make such an insensitive observation & advise him to forget the “moh” of his family & get on with his work if he is sincere. He is sincere, & his family supports him. Like yours would have? Same.

    Lastly, make no judgements where you have no compassion. Or are you too much of a troll to become a better person by following this?[/quote]

    Please make fool someone else. There are 10000 irs officers. Some are far intelligent and honest and experianced then kejriwal. Irs officer is not exposed to system at all as there is very less political interference in income tax department. There are thousands or ias and ips who are far intelligent than kejriwal. Just passing am exam doesn’t mean some one become god. Kiran bedi’s profile is far brighter than kejriwal. Why u dun trust her then. There is no exam fr becoming a leader. Dun u think our constituent assembly was full of idiots lile u they were far intelligent and honest people than kejriwal. They dint find and irs cracked guy eligible fr running a country. Leader should have leadership qualities

  66. ruchi`

    June 19, 2014 at 9:56 am

    sorry sir, this statement totally wrong i am citizen of delhi, me & my family totally agreed if Arvind Kejrival and his family leave with us

  67. ruchi`

    June 19, 2014 at 9:57 am

    i am free to sold out my house to AK

  68. आशुतोष

    June 19, 2014 at 10:50 am

    केजरीवाल ने पुण्य प्रसून को कहा कि इसे खबर नहीं बनाइएगा उसके बावजूद उसने इसे खबर बना दिया। यानी ये खबर केजरीवाल का प्लांट किया हुआ है ताकि घर खाली ना करने का बहाना मिल जाए और चुनावी (दिल्ली) मौसम में जनता की सहानुभूति भी। पुण्य प्रसून सही पी आर कर रहे हैं। जय हो…

  69. apptard

    June 19, 2014 at 11:49 am

    is there any shame left in you Mr. Krantikari ??

  70. sanjay panchal

    June 19, 2014 at 1:27 pm

    🙂 अरविंद केजरीवाल जी ने ऐसा इस लिए कहा था क्यों की उन्हों ने तो पैसा केवल देशवासियों की भलाई के लिए ही खर्च करना था| अपना पेट तो भरना नहीं था| उस बेचारे का तो पेट दिखता ही नहीं है| ये जो नए चोकीदार आये हैं, इन को तो पहले अपना पेट भरना है और यदी कुछ बचेगा तो देश विकास के बारे में सोचेंगे| पेट इन के इतने बड़े हैं की भर ही नहीं सकते| इस लिए इन को लगता है जो कुछ पिच्च्ली सरकार छोड़ गयी है अपर्याप्त त है|

  71. Vijay

    June 19, 2014 at 1:48 pm

    Test

  72. कृष्णा बारस्कर

    June 19, 2014 at 3:27 pm

    चाकरी की भी कोई हद होती है भाई…

  73. Rohit shokeen

    June 19, 2014 at 4:46 pm

    This tym m not agree with arvind Kejriwal ji …. I can die for aap and for arvind Kejriwal ji …. Apno ke hote hue he don’t want to find house on rent …. Pls convey my msg to arvind Kejriwal ji ….. Aam aadmi party ke liye mere ghr ke doors hamesha khule the , khule hai and hmeshA khule rahenge …. Arvind Kejriwal ji pls come your most welcome

  74. Yogesh

    June 21, 2014 at 1:21 pm

    always ready to give my life to aap toh ghar kya cheez h
    jab ek mla party k liye apna makan de skta h toh kiraye pe kya cheez h

  75. surinder dhawan

    June 20, 2014 at 8:19 am

    Humare desh ka yeh bahut hi durbhagya hai,jahan aisi mansikta wale log rehte hain jinhe aaj tak itna bhi patta nahi chala ki unke molik adhikar kya hain is desh me,aur unki yeh sathiti in political leaders ki Vajah se hai jinho ne 65 saal tak hum par raaj kiya hai,achche bure se hata-kar humara dhiyan partion me baant diya hai,aaj ek insaan ne apna sab kuch daaw par laga k desh me apke adhikaro ko lekar jagruk karne ki koshish ki hai,use fir aap apne leaders k behkawe me aa kar apne hiton ko kurbaan karne ja rahe ho,kab samajh ayegi aise logon ko jinke dilo dimag par partion ki kattarata ne kabja kiya hua hai,desh ka bhala chahne wale itna samajh le ki arvind kejriwal jab tak har ghar me paida nahi hoga is desh ka bhala nahi ho sakta,

  76. Koran toilet paper

    June 21, 2014 at 3:37 am

    क्रान्तिकारी बहुत ही क्रान्तिकारी ा

  77. mahendra

    July 23, 2014 at 4:14 am

    [quote name=”Ratan Singh”]ये प्रसून तो बड़ा चापलूस और चाटूकार भी है ! आज पता चला ![/quote]
    63 सालों में देश की ऐसी की तैसी कर दी इस राजनीती ने क्या उसका भी पता चला…..

  78. Manara

    July 23, 2014 at 7:22 am

    7@MAJITHIYA. WAGEBOARD

    Prasoooooooonji Majithia par kuchh likhiye bahut Hui dalali

    7
    HINDUSTAN WALON KA KYA HOGA Lagta hai all Dallas yehi bhar gaye hain Sharad Saxena kehtey hain five thousand employees hain Ye HR head. Lagta hai HT Group me news censored Kar diya hai

  79. anand bharti

    July 23, 2014 at 7:47 am

    लोगों की पुरानी आदत है , चढ़ते सूरज को सलाम करो और जब डूबने लगे तो आंखें फेर लो। केजरीवाल जी की हालत उन क्रिकेट कप्तानों की तरह है —जो बुलंदी के समय तारीफ़ पाते हैं और बुरे दौर में सड़े टमाटर को झेलते हैं।

  80. Raj

    July 25, 2014 at 12:40 pm

    Bhaktgan apne IT cell se lagatar kaam par lage huye hain… aap log inka saamna nahi kar paoge.. 20 log ek saath is duty pe lage ho to kaise muqabla kar paoge

    aur aisa bilkul mat sochna ki bahot sare log hain.. 20-25 log duty par hote hain jo ye negative comments karne ke liye baithe hote hain… jaise inhone Modi ko khada kiya aur logo ko bewkoof banaya, waise hi inki doosri duty hai AK ko girana

    .. so, keep calm

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